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मध्य प्रदेश: दिग्विजय सिंह की अनदेखी! राहुल गांधी ने कमल नाथ को बनाया प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष

प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर कमल नाथ की ताजपोशी की चर्चा तब से हो रही थी, जब हाल ही में कमल नाथ ने इंदौर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया था कि राज्य में पार्टी नेतृत्व में बदलाव होगा और इसकी जल्द ही घोषणा कर दी जाएगी।

कांग्रेस नेता कमल नाथ (express photo)

मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व में बदलाव की चर्चा पिछले कई दिनों से जारी थी। अब इस पर मुहर लग गई है। दरअसल, पूर्व केंद्रीय मंत्री कमल नाथ को मध्य प्रदेश का नया पार्टी प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, आगामी विधानसभा चुनावों में प्रचार की कमान गुना से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को सौंपी गई है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को कोई पद नहीं मिला है। इससे पहले बुधवार को खबर आयी थी कि ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव दीपक बाबरिया गुरुवार को गुना से सांसद और कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की है। दरअसल, पार्टी नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा से पहले सभी नेताओं को भरोसे में लेना चाहती है और माना जा रहा है कि बाबरिया की सिंधिया से मुलाकात भी इसी के चलते हुई।

पहले खबर थी कि नए पार्टी अध्यक्ष के नाम की औपचारिक घोषणा 29 अप्रैल को मध्य प्रदेश में होने वाली राहुल गांधी की जन आक्रोश रैली में हो सकती है। बता दें कि प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर कमल नाथ की ताजपोशी की चर्चा तब से ही थी, जब हाल ही में कमल नाथ ने इंदौर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया था कि राज्य में पार्टी नेतृत्व में बदलाव जल्द होगा और इसकी जल्द ही घोषणा कर दी जाएगी। खबरों के अनुसार, पार्टी ने अभी तक अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का एलान नहीं किया है। माना जा रहा है कि कमल नाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया में से कोई एक सीएम पद का दावेदार हो सकता है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले चर्चा थी कि दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश की राजनीति में वापसी कर सकते हैं। लेकिन अब साफ हो गया है कि कमल नाथ राज्य में पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष होंगे। इसके साथ ही पार्टी ने 4 कार्यकारी अध्यक्ष भी नियुक्त किए हैं। इन कार्यकारी अध्यक्षों में बाला बच्चन, रामनिवास रावत, जीतू पटवारी और सुरेंद्र चौधरी का नाम शामिल है। बता दें कि गुना से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष बनना चाहते थे, लेकिन आखिरकार बाजी कमल नाथ के हाथ लगी। मध्य प्रदेश में साल 2018 के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं और कांग्रेस की नजर सत्ता में वापसी पर है।

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