scorecardresearch

पहली बार हिंदुत्व के नाम पर गई सरकार, 40 दिनों में 40 विधायक छोड़ गए, ये हनुमान चालीसा का प्रभाव है, उद्धव ठाकरे पर नरोत्‍तम मिश्रा का वार

अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें वो कह रहे हैं कि कांग्रेस की संगत जहां जहां हुई है, वहां-वहां ऐसी विसंगति हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के संपर्क में जो भी आया वो साफ हो गया।

Narottam Mishra, Maharashtra news
मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (फोटो सोर्स: @DrNarottamMisra)

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 29 जून को महाराष्ट्र के सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे पर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि यह हनुमान चालीसा का ही असर है कि 40 दिन में ही सरकार के 40 विधायक चले गए। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि हिंदुत्व के नाम पर कोई सरकार गई है।

नरोत्तम मिश्रा ने इस दौरान रहीम का दोहा भी सुनाया। उन्होंने कहा कि कदली, सीप, भुजंग-मुख,स्वाति एक गुन तीन। जैसी संगति बैठिए, तैसोई फल दीन।

भाजपा नेता ने अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें वो कह रहे हैं कि कांग्रेस की संगत जहां-जहां हुई है, वहां-वहां ऐसी विसंगतियां हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के संपर्क में जो भी आया वो साफ हो गया। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव कांग्रेस के संपर्क में आए, साफ हो गये, तेजस्वी यादव आए और अब उद्धव ठाकरे भी, ये भी साफ हो गये हैं।

हनुमान चालीसा विवाद: दरअसल 22 अप्रैल 2022 को लाउडस्‍पीकर विवाद के बीच उद्धव ठाकरे के निवास मातोश्री के बाहर निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा ने हनुमान चालीसा का पाठ करने का ऐलान किया था। इसके बाद से ही उनके आवास के बाहर भारी संख्‍या में शिवसैनिक एकत्रित हो गए थे।

इस मामले में पुलिस ने राणा दंपति के खिलाफ केस दर्ज किया था। शिकायत में गया था कि मातोश्री शिव सैनिकों के लिए एक मंदिर की तरह है और राणा दंपति ने उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाया। इस मामले में राणा दंपति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और बाद में जमानत पर छोड़ा था।

हनुमान चालीसा के विरोध को लेकर नरोत्तम मिश्रा ने शिवसेना पर तंज कसते हुए कहा कि हनुमान चालीसा का ही असर है कि 40 दिन में ही सरकार के 40 विधायक चले गए। बता दें एकनाथ शिंदे का दावा है कि उनके साथ शिवसेना के 39 विधायकों का समर्थन है।

वही 29 जून को उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के साथ-साथ एमएलसी पद से भी इस्तीफा दे दिया है। मालूम हो कि शिवसेना विधायकों की बगावत के चलते अब उद्धव ठाकरे खेमे में 16 विधायक बचे हैं। ऐसे में उनकी पार्टी राज्य में संख्या के बल के आधार पर पांचवें नंबर पर जा पहुंची है।

दरअसल महाराष्ट्र विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी भाजपा है, जिसके पास 106 विधायक हैं, वहीं दूसरे नंबर पर एनसीपी(54 विधायक), तीसरे नंबर पर कांग्रेस(44 विधायक), चौथे नंबर का गुट एकनाथ शिंदे गुट(39 विधायक) और पांचवे नंबर का दल शिवसेना है जिसे पास 16 विधायक बचे हैं।

पढें राष्ट्रीय (National News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

अपडेट

X