ताज़ा खबर
 

गवर्नर दे रही थीं लंबा भाषण, राष्ट्रपति ने अंगरक्षक से भिजवा दी पर्ची, तुरंत खत्म हुई स्पीच

राज्यपाल का भाषण लंबा होता देख राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने अंगरक्षक से एक पर्ची राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के डाइस तक भिजवा दिया। इस पर्ची को पढ़ने के बाद तुरंत राज्यपाल का भाषण खत्म हो गया।

मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल रविवार (30 अप्रैल) को बमोरी में थी। बमोरी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल अपने संबोधन में राज्य सरकार की लाभकारी योजनाओं पर चर्चा कर रही थीं। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी मौजूद थे। इस दौरान राज्यपाल आंनदीबेन पटेल का संबोधन काफी लंबा हो गया। संबोधन लंबा होता देख राष्ट्रपति के अंगरक्षक ने एक पर्ची राज्यपाल के पास जाकर रख दी। इस पर्ची को पढ़ने के बाद राज्यपाल ने तुरंत अपना भाषण खत्म कर दिया। दरअसल राज्यपाल का भाषण लंबा होता देख राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने अंगरक्षक से एक पर्ची राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तक भिजवा दिया।

इस पर्ची को पढ़ने के बाद तुरंत राज्यपाल का भाषण खत्म हो गया। आपको बता दें कि रविवार (29 अप्रैल) को मध्य प्रदेश में सरकारी कार्यक्रम के दौरान दो अहम घटनाए हुईं। आपको बता दें कि गुना में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद एक कार्यक्रम में शामिल होने से समय से 20 मिनट पहले पहुंचे तो आयोजकों ने उन्हें पंडाल के पीछे बैठा दिया।

जब 50 सेंकेंड में राज्यपाल ने खत्म किया भाषण:एक तरफ मध्य प्रदेश की सीएम आनंदीबेन पटेल का भाषण इतना लंबा हो गया कि उन्हें बीच में रोकने के लिए कहना पड़ा तो वहीं दूसरी तरफ मध्यप्रदेश के ही पूर्व राज्यपाल ने अपना एक भाषण महज 50 सेकेंड में ही खत्म कर दिया था। जी हां, वर्ष 2016 में मध्य प्रदेश विधानसभा का सत्र उस समय के राज्यपाल रामनरेश यादव के अभिभाषण से शुरू हुआ। उस वक्त राज्यपाल रामनेश यादव ने अपना भाषण सिर्फ 50 सेकेंड में खत्म कर दिया। यह रामनेश यादव का विधानसभा में आखिरी भाषण था और इस भाषण के दौरान उन्होंने सिर्फ औपचारिकताएं निभाईं। राज्यपाल ने 50 सेकेंड्स में 15 लाइनें पढ़कर अपना भाषण खत्म कर दिया था।

जब राज्यपाल ने भाषण के दौरान पढ़ा ही नहीं अहम पैराग्राफ:  इसी तरह केरल के राज्यपाल पी सतशिवम द्वारा विधानसभा में दिए गए एक भाषण से विवाद पैदा हो गया था। सदाशिवम ने उस दौरान अपने लिखित भाषण में मोदी सरकार औऱ आरएसएस की आलोचना वाली टिप्पणी ही नहीं पढ़ी थी। इस बात का खुलासा उस वक्त हुआ जब उनके भाषण के बाद  भाषण की प्रंतियां बांटी गईं। अपने भाषण में राज्यपाल सदाशिवम ने नोटबंदी और GST को लेकर की गई केंद्र का आलोचना का जिक्र ही नहीं किया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X