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मध्‍य प्रदेश: बड़े आंदोलन की तैयारी में क‍िसान, पुल‍िस ने खरीदे 17 हजार डंडे, 89 कंपनी फोर्स

प्रस्तावित आंदोलन को देखते हुए एसएएफ की 89 कंपनियों और पांच हजार रंगरुटों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया है। सूत्रों के हवाले से खबर यह भी है कि पिछले साल पुलिस मुख्यालय ने डंडे, हेल्मेट, बॉडी टॉली, इत्यादि को लेकर एक टेंडर निकाला था। चार महीने में राज्य की ही एक फर्म ने 40 लाख रुपये में करीब 35 हजार डंडे सप्लाई किये हैं।

इस तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रतीक के तौर पर किया गया है।

मध्य प्रदेश में अगले महीने (1 जून) से किसान बड़ी रैली करने की तैयारी में हैं। यहां सबसे पहले आपको बता दें कि 2 जून को पिछले साल हुए किसान आंदोलन की बरसी भी है। बरसी से ठीक पहले किसान एक बार फिर राज्य की शिवराज सिंह चौहान सरकार के खिलाफ हुंकार भर सकते हैं। किसानों के इस प्रस्तावित आंदोलन को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने शिवराज सिंह चौहान सरकार पर हमला बोला है। दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा कि ‘शिवराज ने मप्र के किसानों को मारने के लिये 17,000 डंडों का इंतज़ाम किया। इसी मानसिकता से अंग्रेज़ों ने भारत में राज किया। कांग्रेस ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में अंग्रेज़ों की किसानों के शोषण कारी नीतियों के विरुद्ध लड़ाई लड़ी थी अब कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ेगी’।

इससे पहले कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि 1 से 10 जून तक चलने वाले इस आंदोलन के दौरान किसान भोपाल की तरफ भी रूख कर सकते हैं। इंटेलीजेंस आइजी मकरंद देउस्कर ने कहा है कि किसानों के आंदोलन से कानून-व्यवस्था ना बिगड़े इसके लिए पुलिस और किसानों के बीच लगातार संवाद चल रहा है। प्रस्तावित आंदोलन को देखते हुए एसएएफ की 89 कंपनियों और पांच हजार रंगरुटों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया है।

सूत्रों के हवाले से खबर यह भी है कि पिछले साल पुलिस मुख्यालय ने डंडे, हेल्मेट, बॉडी टॉली, इत्यादि को लेकर एक टेंडर निकाला था। चार महीने में राज्य की ही एक फर्म ने 40 लाख रुपये में करीब 35 हजार डंडे सप्लाई किये हैं।आपको याद दिला दें कि पिछले साल भी मध्य प्रदेश के मंदसौर में किसानों का एक बड़ा आंदोलन हुआ था। इस आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग में छह किसानों की मौत हो गई थी। आंदोलन के दौरान आम लोगों को दूध और सब्जियों को लेकर काफी परेशानी हुई थी।

किसानों ने सब्जी मंडी बंद करा दी थी तो कई जगहों पर दूध की सप्लाई भी रोक दी थी। फिलहाल एक बार फिर किसानों के आंदोलन को देखते हुए शिवराज सरकार ने किसानों से आंदोलन ना करने की अपील की है। मध्यप्रदेश में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव भी होने हैं।

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