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MP: बीजेपी MLA को बेल, बोले थे- सड़कों पर बहेगी खून की नदी और खून होगा CM कमलनाथ का

उधर, सिंह की चेतावनी पर कांग्रेस मीडिया सेल के कॉर्डिनेटर नरेंद्र सलूजा के हवाले से 'न्यूज 18' की रिपोर्ट में कहा गया कि पूर्व बीजेपी विधायक की ऐसी बयानबाजी और गुंडई राजनीतिक के प्रति बीजेपी की असल प्रकृति को दर्शाती है।

Author भोपाल | July 19, 2019 5:53 PM
पूर्व बीजेपी विधायक ने इस मसले को लेकर लोगों से सीएम आवास और राज्य सचिवालय की बिजली काटने की अपील की है। (फाइल फोटोः fb)

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ बीजेपी नेता और पूर्व विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह के विवादित बयान पर स्पेशल कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। 30-30 हजार रुपए के चार आर्डर पर उन्हें यह रियायत मिली है। दरअसल, सिंह ने सूबे की सरकार को चेताते हुए कहा था, “अगर जनता के साथ अन्याय हुआ, तो सूबे की सड़कों पर खून की नदी बहेगी और वह खून मुख्यमंत्री कमलनाथ का होगा।” नेता के इसी बयान पर दोपहर को उन्हें गिरफ्तार किया गया था। उनका यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब सूबे में छह महीने बाद नगर निकाय के चुनाव होने हैं।

मामला राजधानी भोपाल के मध्य हिस्से का है। गुरुवार (18 जुलाई, 2019) को वहां अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था, जिसके विरोध में सिंह ने रोशनपुरा चौक पर स्थानीयों के साथ प्रदर्शन किया था। वह उस दौरान कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेसी सरकार के विरोध में जोर-जोर से नारेबाजी कर रहे थे। पूर्व विधायक ने यह भी दावा किया कि राज्य सरकार ने जगह-जगह सड़क किनारे गुमटियां (छोटी अस्थाई दुकानें) हटाकर हजारों लोगों से उनके रोजगार के अवसर को छीन लिया।

इसी पर बीजेपी नेता बुरी तरह झल्ला गए और उन्होंने खुले आम धमकी दे डाली, “अगर हमारी मांगें पूरी न की गईं, तो यहां की सड़कें खून से पट जाएंगी और इन पर खून कमलनाथ का होगा।” उन्होंने इसके साथ ही कांग्रेसी शासन में गरीबों के पास हद से अधिक बढ़े बिजली बिल भेजने का आरोप भी लगाया। बोले- इन गरीबों का मासिक बिल शिवराज सिंह चौहान की सरकार के दौरान महज 200 रुपए आता था, जबकि अब इस बिल की रकम 20 हजार रुपए पहुंच गई है।

सिंह ने इसी पर लोगों से सीएम आवास और राज्य सचिवालय की बिजली काटने की अपील की और कहा, “जो भी हद से अधिक बिजली बिल वसूलने पास आए, उसकी जमकर पिटाई कर सबक सिखाया जाए।” बता दें कि सिंह 2018 के आखिर में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के आरिफ मसूद से हार गए थे। हालांकि, सिंह के प्रदर्शन में न तो बाकी बीजेपी नेता शामिल हुए और न ही उन्होंने इस मुद्दे पर टिप्पणी की।

उधर, सिंह की चेतावनी पर कांग्रेस मीडिया सेल के कॉर्डिनेटर नरेंद्र सलूजा के हवाले से ‘न्यूज 18’ की रिपोर्ट में कहा गया कि पूर्व बीजेपी विधायक की ऐसी बयानबाजी और गुंडई राजनीतिक के प्रति बीजेपी की असल प्रकृति को दर्शाती है, जो कि इससे पहले इंदौर से बीजेपी विधायक आकाश विजयवर्गीय के बल्ला कांड से भी नजर आई थी।

बता दें कि आकाश ने अतिक्रमण हटाने पहुंचे निगम अधिकारी को बल्ले से दौड़ा-दौड़ा कर पीटा था।इसी बीच, कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि वहां टीटी नगर पुलिस ने बगैर अनुमति लिए प्रदर्शन करने समेत अन्य आरोपों के चलते सिंह और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 143 और 188 के तहत मामला दर्ज किया है।

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