PM मोदी के जन्मदिन पर रिकॉर्ड वैक्सीनेशन: एमपी में जारी कर दिए गए फर्जी सर्टिफिकेट, मरे हुए शख्स को भी डोज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर देशभर में चलाए गए कोरोना वैक्सीनेशन अभियान ने रिकॉर्ड कायम किया था। इस दिन पूरे देश में 2.5 करोड़ से अधिक लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई गई। हालांकि मध्य प्रदेश से सामने आंकड़ों में अब कुछ चौंकानें वाले मामले सामने आए हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर(फोटो सोर्स : PTI)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन (17 सितंबर) को देशभर में टीकाकरण महाअभियान चलाया गया था। इस दिन ढाई करोड़ से अधिक टीके लगाने का रिकार्ड दर्ज हुआ। हालांकि मध्य प्रदेश में वैक्सीनेशन को लेकर कुछ ऐसे तथ्य सामने आ रहे हैं जो चौंकाने वाले हैं। दरअसल प्रदेश में उन लोगों को भी टीकाकरण का सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया जो इस दुनिया में अब है ही नहीं। मृत लोगों के नाम प्रमाण पत्र जारी कर उनके दूसरे डोज की तिथि भी बताई गई है।

रिकॉर्ड वैक्सीनेशन के आंकड़ों पर सवाल: इस तरह के मामले सामने आने के बाद रिकॉर्ड वैक्सीनेशन के आंकड़ों पर सवाल खड़े होने लगे हैं। बता दें कि 17 सितंबर को जहां देशभर में 2.5 करोड़ टीके लगे तो वहीं मध्य प्रदेश में 27 लाख से अधिक टीके लगाए जाने की जानकारी दी गई। हालांकि सामने आए फर्जी टीकाकरण के मामलों से संदेह हो रहा है कि क्या रिकॉर्ड कायम करने के लिए मृत लोगों के नाम पर टीकाकरण प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया?

भोपाल से करीब 200 किलोमीटर दूर आगर मालवा जिले में आशुतोष शर्मा को उनके मोबाइल पर मैसेज भेजा गया है कि उनकी मां विद्या शर्मा को 17 सितंबर को नगर पालिका टाउन हाल में कोरोना वायरस टीके का दूसरा डोज लगाया गया। इसको लेकर वेबसाइट पर विद्या शर्मा के नाम सर्टिफिकेट भी जारी किया गया है।

आशुतोष शर्मा बताते हैं कि उनकी माता विद्या शर्मा को 8 मार्च को कोविशील्ड का पहला डोज लगाया गया था और जून में दूसरा डोज लगना था लेकिन कोरोना वायरस के चलते 1 मई 2021 को ही उनका निधन हो गया। अब मौत के 4 महीने बाद उन्हें दूसरी डोज लगाये जाने की जानकारी दी जा रही है।

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एनडीटीवी के पत्रकार अनुराग द्वारी ने ट्विटर पर एक वीजियो शेयर किया है, जिसमें आशुतोष शर्मा ने इस मैसेज पर हैरानी जताई है कि आखिर जब मेरी मां इस दुनिया में है नहीं तो दूसरा डोज कहां लगाया गया? उन्होंने कहा, लग रहा है अधिकारियों पर नंबर बढ़ाने को लेकर दबाव बनाया जा रहा है।

आगर के ही छावनी की पिंकी वर्मा (26 साल) को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज 8 जून को लगी थी। दूसरी डोज 7 सितंबर को लगनी थी लेकिन बीमार होने की वजह से वो टीका नहीं लगवा सकीं। इस बीच उन्हें 17 सितंबर को मैसेज आ गया कि उन्हें टीका लग गया है।

वहीं इस तरह के मामलों पर मध्य प्रदेश के चिकित्सा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि, संभव है कि ऐसा लिपकीय गलती के चलते हुआ हो। अगर ऐसा हुआ है तो इसे दूर किया जाएगा। इन गड़बड़ियों के बीच अब 27 सितंबर को प्रदेश में टीकाकरण का महाभियान होना है। जिसमें राज्य की पूरी आबादी को टीका लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

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