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जेपी नड्डा की बैठक में नहीं पहुंचे पांच पूर्व मंत्री समेत 15 MLA, कहीं कर्नाटक जैसा कोई नाटक तो नहीं?

Madhya Pradesh BJP: पार्टी की सरदर्दी उस दिन से शुरू हो गई थी जब मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में सदन में दो विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी।

Author भोपाल | Updated: August 3, 2019 5:51 PM
नेताओं का मानना था कि पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी के ऐलान से सभी विधायक पहुंचेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।(फोटो-इंडियन एक्सप्रेस)

Madhya Pradesh BJP:  मध्य प्रदेश में बीजेपी विधायकों को लेकर पार्टी की सिरदर्दी बढ़ सकती है। दरअसल पार्टी के एक दर्जन से ज्यादा विधायक बुलाई गई बैठक में शामिल नहीं हुए। दिलचस्प यह है कि पार्टी नेताओं की बैठक के लिए राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा का डर दिखाकर भी सभी को उपस्थिति नहीं कराया जा सका। पार्टी की बेहद अहम बैठक में दर्जन भर से ज्यादा विधायक नदारद दिखे। इतना ही नहीं सूत्रों की मानें तो जेपी नड्डा के आने का कोई कार्यक्रम नहीं था लेकिन चार-पाँच दिन पहले ही बता दिया गया था कि बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा भी मौजूद रहेंगे। नेताओं का मानना था कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी के ऐलान से सभी विधायक पहुंचेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और बैठक से एक दर्जन से ज्यादा विधायक नदारद रहे।

बैठक में गैरहाजिर लोगों में पांच पूर्व मंत्री समेत 15 विधायक शामिल है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं कर्नाटक जैसा कोई नाटक मध्य प्रदेश में तो नहीं होने वाला है? पार्टी की सरदर्दी उस दिन से शुरू हो गई थी जब मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में सदन में दो विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी। सतना जिले की मैहर विधानसभा से आने वाले नारायण त्रिपाठी और शहडोल जिले की ब्यौहारी से विधायक शरद जुगलाल कोल ने पार्टी लीक से हटकर एक बिल पर सरकार के पक्ष में वोट दिया था।

ये रहे बैठक से गायब: बैठक में नहीं पहुंचने वाल नेताओं में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, भूपेन्द्र सिंह, यशोधरा राजे सिंधिया, बृजेन्द्र प्रताप सिंह और मनोहर ऊँटवाल, संदीप जायसवाल, शैलेन्द्र जैन, पंचूलाल प्रजापति, ओम प्रकाश सकलेचा, राकेश गिरी, नारायण त्रिपाठी, शरद कोल, राहुल लोधी, प्रहलाद लोधी, अनिरुद्ध माधव शुमार और राकेश गिरी बैठक में शामिल होने नहीं पहुंचे। इनमें से तमाम नेताओं ने बीमारी और कई अन्य कारणों का हवाला दिया और बैठक से नदारद दिखे।

कर्नाटक और गोवा में भले ही बीजेपी के खेमे में बड़ी संख्या में दूसरे पार्टी के नेता शामिल हुए हों लेकिन मध्य प्रदेश में राजनीतिक पंडितों का कहना है कि अगर वक्त रहते बीजेपी यहां नहीं संभली तो मैनेजमेंट में माहिर कमलनाथ पार्टी को तगड़ा झटका दे सकते हैं। बीजेपी का

विधायक तोड़ने का आरोप: मध्य प्रदेश की सियासत को लेकर बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस उनके विधायकों को कांग्रेस लालच दे रही है। लेकिन वो उनकी लालच में नहीं आएंगे।बीजेपी नेता गोपाल भार्गव  का कहना है कि हमारे विधायक लोहे के चने  हैं जो इन्हें चबाना चाहेगा उनके दांत टुट जाएंगें। वहीं कांग्रेस के नेता जीतू पटवारी ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी के दो दांत तो टूट गए हैं और  बीजेपी ने अगर नकारत्मक राजनीति नहीं छोड़ी तो बत्तीसी टूट जाएगी।

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