ताज़ा खबर
 

IIMC में प्रोफेसर बनाए गए अनिल कुमार सौमित्र, पर कभी बापू को ‘PAK के राष्ट्रपिता’ बताने पर BJP ने कर दिया था सस्पेंड

सौमित्र को उनकी नियुक्ति की जानकारी 20 अक्टूबर को दी गई, वे जॉइनिंग के बाद दो साल तक IIMC में प्रोबेशन पर हैं।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: October 31, 2020 8:37 AM
IIMC, Anil Kumar Saumitraअनिल कुमार सौमित्र।

मध्य प्रदेश में भाजपा के पूर्व आईटी सेल प्रमुख अनिल कुमार सौमित्र को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC) में प्रोफेसर नियुक्त किया गया है। पिछले साल एक फेसबुक पोस्ट पर महात्मा गांधी को पाकिस्तान का राष्ट्रपिता बताकर विवादों में आए सौमित्र को तब भाजपा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सस्पेंड कर दिया था। भाजपा का कहना था कि सौमित्र का पोस्ट पार्टी की नीति, विचार और सिद्धांतों के खिलाफ हैं और इससे भाजपा की छवि पर प्रभाव पड़ा है।

बताया गया है कि देश के सम्मानित मास कम्युनिकेशन संस्थानों में से एक आईआईएमसी में प्रोफेसर पद के लिए 60 लोगों का इंटरव्यू हुआ था। इसके बाद सौमित्र की नियुक्ति 26 अक्टूबर को एक आदेश के बाद तय की गई। IIMC ने उन्हें 20 अक्टूबर को ही ऑफर लेटर भेज दिया था, जिसमें कहा गया था कि सितंबर के पहले हफ्ते में हुए इंटरव्यू के आधार पर उनका सेलेक्शन किया गया है और वे जॉइनिंग की तारीख से दो साल तक प्रोबेशन पीरियड में रहेंगे।

क्या था महात्मा गांधी पर विवाद?: अनिल सौमित्र ने पिछले साल मई में एक फेसबुक पोस्ट पर कहा था, “वे राष्ट्रपति तो थे, पर पाकिस्तान के। देश के पास उनके जैसे करोड़ो बेटे थे, कुछ काबिल, कुछ नालायक।” सौमित्र के इस पोस्ट पर भाजपा की तरफ से की गई कार्रवाई कोई पहली बार नहीं थी। इससे पहले 2013 में जब वे भाजपा की मुखपत्र पत्रिका ‘चरैवेती’ के संपादक थे, तब भी मैगजीन में एक लेख- ‘चर्च के नर्क में नन का जीवन’ पर विवाद पैदा हो गया था। दरअसल, इस लेख में आरोप लगाया था कि कैथोलिक चर्चों में ननों का यौन उत्पीड़न होता है। तब भाजपा ने उन्हें पद से हटा दिया था।

सौमित्र ने इसके बाद इंदौर की तत्कालीन सांसद और पंडित दीनदयाल विचार प्रकाशन की अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को चिट्ठी लिखकर कहा था, “मेरे साथ अपराधियों जैसा व्यवहार हो रहा है। मैं संघ की पृष्ठभूमि और वैचारिक प्रतिबद्धता के कारण संपादक चुना गया था।” सौमित्र ने यह पत्र संघ प्रमुख मोहन भागवत और सुरेश जोशी और सुरेश सोनी जैसे नेताओं को भी भेजा था। इसके अलावा भाजपा के कद्दावर नेता राजनाथ सिंह, लालकृष्ण अडवाणी और शिवराज सिंह चौहान को भी यह चिट्ठी भेजी गई।

आईआईएमसी में नियुक्ति के बाद सौमित्र ने बयान के लिए ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के किसी भी फोन कॉल या मैसेज का जवाब नहीं दिया। यहां तक कि IIMC के महानिदेशक संजय द्विवेदी ने भी इस नियुक्ति पर बोलने से इनकार कर दिया।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 परमबीर केस में अर्णब गोस्वामी की कंपनी को एक और नोटिस, रिपब्लिक मीडिया बोली- न्यूज़रूम में घुसना चाहती है मुंबई पुलिस
2 सरकारी जांच से गुजरने के बाद स्टेशन से रवाना हो सकेगी प्राइवेट ट्रेन, कंपनियों से हजार करोड़ सिक्योरिटी डिपॉजिट लेने का भी फैसला
3 ‘प्रकृति प्रेमी’ नरेंद्र मोदी ने तोते को हाथ पर बिठा पुचकारा, फोटो पर बोले लोग- बेरोजगारी, गरीबी, लाचारी और भुखमरी से मर रहा देश, PM फोटोशूट में व्यस्त
ये पढ़ा क्या?
X