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चंद्रशेखर आजाद के साथ अर्जुन सिंह की मूर्ति क्यों लगवाई? भिड़े बीजेपी और कांग्रेस

गौरतलब है कि जिस चौराहे पर अर्जुन सिंह की प्रतिमा लगाई गई है, वहां पर महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की मूर्ति थी। लेकिन, 3 साल पहले उनकी मूर्ति बेहतर यातायात का हवाला देकर हटा दी गई थी।

कांग्रेस के दिवंगत नेता अर्जुन सिंह की प्रतिमा उस जगह लगाई गई है, जहां 3 साल पहले महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की मूर्ति लगी थी। (फोटो सोर्स: सोशल मीडिया)

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के एक प्रमुख ट्रैफिक जंक्शन पर स्वतंत्रता आंदोलन के महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जगह पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिवंगत नेता अर्जुन सिंह की प्रतिमा लगाने पर सियासी घमासान छिड़ गया है। बीजेपी का कहना है कि वे अर्जुन सिंह की प्रतिमा लगाए जाने के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि चंद्रेशेखर आजाद की जगह उनकी प्रतिमा प्रितस्थापित किए जाने का विरोध कर रहे हैं। गौरतलब है कि जिस चौराहे पर अर्जुन सिंह की प्रतिमा लगाई गई है, वहां पर आजाद की मूर्ति लगी थी। लेकिन, ट्रैफिक नियमों का हवाला देकर तीन साल पहले उनकी मूर्ति हटा दी गई थी।

इस संदर्भ में प्रदेश के पूर्व मंत्री नरेला से बीजेपी विधायक विश्वास सारंग ने सीएम कलमनाथ को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति जताई है। सारंग का कहना है कि उन्हें स्वर्गीय अर्जुन सिंह की प्रतिमा लगाने पर आपत्ति नहीं है, बल्कि पहले से स्थापित चंद्रशेखर आजाद की जगह लगाने का विरोध करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि चंद्रशेखर आजाद की मूर्ति फिर से उसी जगह स्थापित की जाए।

मूर्ति को लेकर मामला बड़े स्तर पर सियासी तूल पकड़ चुका है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करके कहा, “महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के साथ ऐसा कृत्य, मध्य प्रदेश शर्मिंदा है। इस दुस्साहस के लिए दोषियों को तत्काल कड़ी से कड़ी सजा और उचित सम्मान के साथ मां भारती के सपूत की प्रतिमा पुन: स्थापित हो, अन्यथा देश स्वयं को कभी माफ नहीं कर सकेगा।”

शिवराज सिंह के ट्वीट पर पलटवार करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा कि पता नहीं पूर्व मुख्यमंत्री को इन दिनों कौन सलाह दे रहा है। वह बगैर तथ्य जाने आरोप लगा दे रहे हैं। सलूजा ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा हटाने का काम शिवराज सिंह के कार्यकाल हुआ है। उनकी निगम परिषद ने ही तीन साल पहले यह प्रतिमा हटाने का दुस्साहस किया था। तीन साल से यह चौराहा खाली था। जहां अब अर्जुन सिंह की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव पास किया गया था।

वहीं, बीजेपी नेता और मेयर आलोक शर्मा का कहना है कि अर्जुन सिंह कि प्रतिमा स्थापित करने के लिए स्थान का चयन कांग्रेस के नेता और बीएमसी अधिकारियों ने तय किया था। उन्होंने इसके लिए मुझसे सलाह नहीं ली। जबकि, बीएमसी आयुक्त का दावा है कि इस संबंध में मेयर को अवगत कराया गया था।

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