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आतंकी संगठनों के बहकावे में आने से रोकने के लिए मदरसे ने सोशल मीडिया और फोन पर लगाया प्रतिबंध

मदरसे का यह फैसला हरिद्वार में चार संदिग्‍ध आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद किया है।

Author रूड़की | Published on: January 27, 2016 9:48 AM
मदरसे में तालीम लेते छात्र। (फाइल फोटो) चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

रूड़की के एक मदरसे ने कट्टरपंथ को रोकने के लिए सोशल मीडिया और मोबाइल फोन के उपयोग पर पाबंदी लगा दी है। इमामदुल इस्‍लाम नाम के मदरसे ने अपने परिसर में इंटरनेट के इस्‍तेमाल पर भी पाबंदी लगा दी है। इसके तहत दीवारों पर पंपलेट भी लगाए गए हैं। मदरसे का यह फैसला हरिद्वार में चार संदिग्‍ध आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद किया है।

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इमामदुल इस्‍लाम के प्रमुख मौलाना नवाब अली ने मदरसे के अध्‍यापकों को भी सोशल मीडिया के इस्‍तेमाल करने में कमी लाने की अपील की है। उन्‍होंने परिजनों ने कहा कि वे अपने बच्‍चों के इंटरनेट इस्‍तेमाल पर निगरानी रखें। अली ने कहा कि , ‘बच्‍चों के माता पिता से कहा है कि वे उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखें ताकि वे कट्टरपंथियों के बहकावे में न आ जाए।’

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हालांकि अध्‍यापकों को बात व मैसेज करने के लिए सामान्‍य मोबाइल रखने की अनुमति दी गई है। इस मदरसे में 900 बच्‍चे हैं और इनमें से 200 यहीं रहते हैं। उन्‍हें अपने माता पिता से बात करने के लिए अध्‍यापक से मदद लेनी होगी। म दरसे में प्रवेश के समय ही छात्रों को मोबाइल से दूर रहने को कहा जा रहा है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।

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