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दारोगा की बेदर्दी पर अखिलेश की दरियादिली, बुज़ुर्ग को भेंट किया नया टाइपराइटर

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में फुटपाथ पर बैठकर काम करने वाले एक बुजुर्ग टाइपिस्ट का टाइपराइटर कथित रूप से अवैध वसूली को लेकर एक दारोगा द्वारा तोड़े जाने का वीडियो सोशल..

Author लखनऊ | September 20, 2015 5:16 PM

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में फुटपाथ पर बैठकर काम करने वाले एक बुजुर्ग टाइपिस्ट का टाइपराइटर कथित रूप से अवैध वसूली को लेकर एक दारोगा द्वारा तोड़े जाने का वीडियो सोशल साइट्स पर ‘वायरल’ होने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर आरोपी पुलिसकर्मी को निलम्बित कर दिया गया और जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पीड़ित के घर जाकर उन्हें नया टाइपराइटर भेंट किया।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने आज यहां बताया कि राजधानी स्थित प्रधान डाकघर (जीपीओ) के बाहर फुटपाथ पर कृष्ण कुमार (65) नामक टाइपिस्ट कल टाइपराइटर लेकर बैठे थे। वह पिछले 35 साल से रोजाना उसी जगह पर लोगों के कागजात और हलफनामे टाइप करके अपनी रोजीरोटी कमाते हैं। कल दोपहर सचिवालय पुलिस चौकी का प्रभारी दारोगा प्रदीप कुमार आया और किसी वीआईपी के गुजरने की वजह से रास्ता खाली कराने की बात कहते हुए कुमार के टाइपराइटर को अपने जूते से ठोकर मारना शुरू कर दिया।

उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो से पता चलता है कि बुजुर्ग टाइपिस्ट की मिन्नतों के बावजूद दारोगा ने टाइपराइटर पर तब तक ठोकरें मारी जब तक वह टूट नहीं गया। अधिकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मी की अमानवीय हरकत देखकर अधिकारियों को निर्देश दिये, जिसके बाद आरोपी दारोगा को निलम्बित कर दिया गया और उसके खिलाफ जांच के आदेश दिये गये।

मुख्यमंत्री के आदेशों के क्रम में जिलाधिकारी राजशेखर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश पाण्डेय ने देर रात कृष्ण कुमार के घर जाकर उन्हें नया टाइपराइटर दिया और घटना के लिये माफी भी मांगी।

जिलाधिकारी राजशेखर ने बताया ‘‘मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर हमने कृष्ण कुमार जी के घर जाकर उन्हें नया टाइपराइटर दिया और उनसे इस घटना के लिये माफी मांगी। हमें भी शर्मिंदगी हो रही है कि एक पुलिसकर्मी ने ऐसी हरकत की।’’

अफसर के अनुसार मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के जनता के प्रति रवैये में सुधार लाने की सख्त हिदायत दें। कुमार ने कानून के रक्षक के हाथों अपने साथ हुई ज्यादती का जिक्र करते हुए कहा ‘‘दारोगा अचानक आये और मुझसे टाइपराइटर छीनने लगे। जब मैंने विरोध किया तो उन्हें टाइपराइटर को उठाकर पटक दिया और उसे जूतों से ताबड़तोड़ ठोकरें मारीं, तब तक जब तक वह टूट नहीं गया।’’

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