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सीनियर होने के बावजूद सेनाध्‍यक्ष नहीं बनाए जाने वाले ले. जनरल ने कहा- मेरी कमान से कोई कर रहा सूचनाएं लीक

प्रवीण बक्शी को सीनियर होते हुए भी सेनाध्यक्ष नहीं बनाया गया। उनकी जगह बिपिन रावत को नए सेनाध्यक्ष का भार सौंपा गया है।

ले.जनरल प्रवीण बक्शी

लेफ्टिनेंट जनरल प्रवीण बक्शी ने कहा है कि जनरल बिपिन रावत को सेनाध्यक्ष बनाने के लिए उनके नाम को खराब किया गया। बक्शी ने कहा कि इसके लिए दुर्भावनापूर्ण कैंपेन भी चलाया गया। नए साल के मौके पर अपनी स्पीच में उन्होंने कुछ पत्रों का जिक्र किया था, जिसमें ईस्टर्न आर्मी के कमांडर के तौर पर उनके कामकाज की शिकायतें थीं। इसे इंडिया टुडे चैनल ने भी चलाया था। आपको बता दें कि प्रवीण बक्शी को सीनियर होते हुए भी सेनाध्यक्ष नहीं बनाया गया। उनकी जगह बिपिन रावत को नए सेनाध्यक्ष का भार सौंपा गया है।
ले.जनरल बक्शी ने कहा कि यह कोई एक पत्र नहीं था बल्कि कई थे, जो पिछले पांच से छह महीनों के बीच लिखे गए थे। इसमें मेरे कामकाज को लेकर सवाल उठाए गए थे। बक्शी ने कहा कि इन पत्रों में लिखा है कि मेरे कुछ बिजनेसमैनों से नजदीकी संबंध हैं। यह सब कुछ मेरा नाम खराब करने की साजिश है।

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पत्रों के हवाले से बक्शी ने कहा कि मेरी कमांड में कोई है जो सूचनाएं बाहर दे रहा है। यह पूछने पर कि उन्होंने अब तक इस्तीफा क्यों नहीं दिया है तो बक्शी ने कहा कि वह इस दुर्भावनापूर्ण कैंपेन की जड़ तक जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी किसी नई नियुक्ति को लेकर कोई आकांक्षा नहीं है। उन्होंने अपनी कमांड से कहा कि मेरा नाम खराब करने के लिए एक दुर्भावनापूर्ण साजिश चल रही है और इसकी जड़ें काफी गहरी हैं। वे कौन हैं और एेसा क्यों कर रहे हैं, उनका इरादा क्या है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।

बक्शी ने कहा कि मेरे पास यह सोचने के लिए एेसा कोई कारण नहीं है कि हमारे सेनाध्यक्ष इसमें शामिल हैं। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक बक्शी ने अपनी नियुक्ति को एक राजनीतिक फैसला बताया है। लेकिन इसमें एक अग्रीमेंट भी है, जिसका वह पालन करेंगे। उन्होंने कहा, मैंने खुद कहा है कि ऊंची रैंक में प्रमोशन मेरिट और सीनियॉरिटी के लेकर होनी चाहिए। इसमें कोई शक नहीं है। यही मैं रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को बताना चाहता हूं।  सूत्रों के मुताबिक बक्शी नए साल के मौके पर ईस्टर्न कमांड के वरिष्ठ अफसरों को बधाई देना चाहते थे। लेकिन यह और भी बड़ा समारोह बन गया, जिसमें ब्रिगेड हेडक्वॉटर और सभी डिविजन शामिल हो गईं। इसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का आयोजन किया गया। अब तक चल रही रिपोर्ट्स पर ईस्टर्न कमांड की तरफ से कोई बयान नहीं आया है।

सेनाध्यक्ष की नियुक्ति को सरकार ने सही ठहराया; कहा- “बिपिन रावत का चयन मेरिट के आधार पर”, देखें वीडियो : 

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