पंजाब के फगवाड़ा में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रों के विरोध प्रदर्शन और हिंसा के बीच एक छात्रा का वीडियो सामने आया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोमवार को यह वीडियो शेयर करते हुए महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाया। वीडियो में एक महिला छात्रा कथित तौर पर हॉस्टल में सुरक्षा को लेकर चिंता जताती सुनाई दे रही है।
वीडियो में छात्रा का दावा है कि महिला छात्रों को अपने कमरों के अंदर रहने के लिए कहा गया है। उसने यह भी आरोप लगाया कि हॉस्टल से सुरक्षा गार्ड हटा दिए गए हैं और चाकू लिए कुछ लोग हॉस्टल में घुस आए थे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके ने कहा, ”यूनिवर्सिटी कैंपस महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित जगहों में से एक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर महिलाएं अपने हॉस्टल के अंदर भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं तो यह गंभीर समस्या है। दीपके ने आगे कहा कि 2026 में महिलाओं को अपनी सुरक्षा जैसी बुनियादी जरूरत के लिए प्रदर्शन या संघर्ष नहीं करना चाहिए।”
यह मामला LPU में रविवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के एक दिन बाद सामने आया है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया था कि यूनिवर्सिटी कैंपस में किसी बाहरी व्यक्ति ने एक महिला छात्रा के साथ रेप किया। इसके बाद छात्रों ने कैंपस में तोड़फोड़ की और नेशनल हाईवे-44 को जाम कर दिया।
रविवार शाम स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिसकर्मियों पर पथराव और पुलिस वाहनों पर हमला करने के आरोप लगे। अधिकारियों के मुताबिक, इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए। इसके बाद ADGP एमएफ फारूकी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल कैंपस में पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया गया।
जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और NH-44 पर यातायात जल्द बहाल किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 8 बजे से प्रदर्शनकारियों ने हाईवे को जाम कर रखा था। शाम को पुलिस ने जब रास्ता खुलवाने की कोशिश की तो कुछ छात्रों ने पुलिस पर पानी की बोतलें फेंकी और झड़प हुई। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया जिसके बाद छात्र कैंपस की ओर चले गए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कैंपस के अंदर भी पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया। जालंधर ग्रामीण के SSP हरविंदर सिंह विर्क के मुताबिक, दो पुलिस वाहनों में आग लगा दी गई जबकि चार से पांच अन्य वाहनों को नुकसान पहुंचा।
पुलिस ने बताया कि छात्रों की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है और जांच के लिए SIT बनाई गई है। वहीं LPU प्रशासन ने कैंपस में दुष्कर्म होने के दावों को खारिज करते हुए इन्हें ‘अफवाह’ बताया है।
हिंसा और तनाव के बीच यूनिवर्सिटी ने सोमवार से 10 दिनों के लिए कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। मिड-टर्म परीक्षाएं भी अगली सूचना तक टाल दी गई हैं। यूनिवर्सिटी ने छात्रों को माता-पिता या अभिभावकों से बात करने के बाद घर जाने की अनुमति दी है।
कैंपस में रहने वाले छात्रों को हॉस्टल या अपने रहने की जगह के अंदर रहने और बिना जरूरी कारण बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है। पुलिस के मुताबिक, 15 घंटे से ज्यादा समय तक बंद रहा NH-44 रविवार और सोमवार की दरमियानी रात को फिर से खोल दिया गया। सोमवार सुबह भी यूनिवर्सिटी के बाहर पुलिस बल तैनात रहा और कई छात्र कक्षाएं स्थगित होने के बाद कैंपस से बाहर जाते दिखाई दिए।
