LPG Shortage in India: पश्चिम एशिया में तनाव के चलते देशभर में लोगों में एलपीजी सिलंडर की सप्लाई में रुकावट को लेकर चिंताएं हें। गुरुवार (12 मार्च) को केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने गुरुवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और डीजीपी के साथ बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य तैयारियों की समीक्षा करना और देश में आवश्यक आपूर्ति को बिना किसी रुकावट के बनाए रखना सुनिश्चित करना था।

यह बैठक करीब दो घंटे तक चली और इसमें पेट्रोलियम व नैचुरल गैस, सूचना एवं प्रसारण, कंज्यूमर अफेयर्स समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में देशभर में एलपीजी की उपलब्धता की समीक्षा की और 8 मार्च को जारी LPG Control Order के तहत लागू किए गए उपायों की जानकारी दी।

एक सूत्र ने बताया, “राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एलपीजी से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे बॉटलिंग प्लांट, डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और परिवहन वाहनों के आसपास सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सप्लाई चेन में जुड़े कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। उन्हें यह भी निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय एलपीजी आपूर्ति की रोज़ाना निगरानी करें और किसी भी तरह के उल्लंघन या कालाबाज़ारी की कोशिशों पर सख्त कार्रवाई करें।”

जनता की चिंताओं को दूर करने और भ्रामक सूचनाओं पर रोक लगाने के लिए गृह मंत्रालय ने राज्यों से सीधे और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के जरिए जागरूकता अभियान चलाने को कहा है ताकि लोगों को घरेलू एलपीजी की आपूर्ति जारी रहने का भरोसा दिलाया जा सके। सूत्र ने बताया, “सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी रखने और घबराहट फैलाने वाली फर्जी खबरों या पुराने वीडियो को तुरंत हटाने पर भी जोर दिया गया है।”

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में यह जानकारी दी गई कि रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को पहले ही एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए इसकी सप्लाई को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए जा चुके हैं।

केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने अपने 24×7 कंट्रोल रूम को और मजबूत किया है। इसके तहत सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के नोडल अधिकारियों को भी इसमें शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ बेहतर कॉर्डिनेशन, फैक्ट-चेकिंग और रियल-टाइम स्पष्टीकरण जारी करना है।