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गैस की कीमत देख कांग्रेस ने किया हमला, कहा- मोदी जी के लालच से लोगों के बजट का खून बह रहा है

पेट्रोल और डीजल के बाद अब एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी वृद्धि कर दी गई है। बिना सब्सिडी वाले सिलेंडरों का दाम 48 रुपये तक बढ़ा दिया गया है। कांग्रेस प्रवक्‍ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इसको लेकर मोदी सरकार पर निशानाा साधा है।

एलपीजी सिलेंडर का दाम भी बढ़ा।

पेट्रोल और डीजल की कीमत में वृद्धि अभी थमी भी नहीं है कि रसोई गैस के दाम में भी तेज उछाल आया है। सब्सिडी और गैर सब्सिडी एलपीजी सिलेंडर की कीमत में अचानक से काफी वृद्धि कर दी गई है। विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इसको लेकर प्रधानमंत्री पर तीखा हमला बोला है। पार्टी प्रवक्‍ता और वरिष्‍ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘आग में डाला घी! रसोई गैस को किया महंगा! आज फिर से मोदी सरकार ने सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत 2.34 रुपये और गैर सब्सिडी वाले सिलेंडर का दाम 48 रुपये तक बढ़ाया। इससे 19.8 करोड़ लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। मोदी जी के लालच में बजट का खून बह रहा है। सिर्फ एक साल बाकी है…!’ लोगों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त की है। भास्‍कर ने ट्वीट किया, ‘यह सरकार क्‍या कर रही है? यूपीए के शासनकाल में कीमतों में वृद्धि के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करने वाले यही लोग थे। अब यही लोग कह रहे हैं कि कीमतों की वृद्धि में सरकार की कोई भूमिका नहीं है।’ महेश ने स्‍मृति ईरानी को संबोधित करते हुए लिखा, ‘मैडम पूरे सम्‍मान के साथ आपसे अनुरोध है कि कीमतों में वृद्धि के खिलाफ आप अन्‍य महिलाओं के साथ गलियों में आकर विरोध करें। आपने कुछ वर्ष पहले बेहतरीन तरीके से ऐसा कर चुकी हैं।’ रानी ने ट्वीट किया, ‘एक समय था जब मैं 95 रुपये में सिलेंडर खरीदती थी। अब इसके लिए 680 रुपये देने पड़ रहे हैं। ये सारा पैसा कहां जा रहा है? क्‍या कांग्रेस के शासनकाल में सिलेंडर का दाम कभी नहीं बढ़ाया गया था?’

पेट्रोलियम उत्‍पादों की कीमत में पिछले कई दिनों तक लगातार वृद्धि हुई। पेट्रोल और डीजल के दाम में वृद्धि को लेकर मोदी सरकार पहले से ही विपक्षी दलों के निशाने पर है। सरकार शुरुआत से ही तर्क देती आ रही है कि कीमत वृद्धि में सरकार का कोई हाथ नहीं है। अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्‍चे तेल की कीमतों की बढ़ोतरी के कारण घरेलू बाजार पर भी इसका असर पड़ रहा है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कुछ दिनों पहले ओडिशा में कहा था कि पेट्रोलियम उत्‍पादों को जीएसटी के दायरे में लाने के बाद ही ग्राहकों को राहत मिल सकेगी। उन्‍होंने स्‍पष्‍ट किया था कि इसमें ज्‍यादा वक्‍त लगेगा। केंद्रीय मंत्री ने आमलोगों को फौरी तौर पर राहत देने के लिए कदम उठाने का आश्‍वासन दिया था। हालांकि, उनके बयान के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमत में महज 1 पैसे की कटौती हुई थी। इसको लेकर मोदी सरकार की तीखी आलोचना हुई थी।

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