देश में एलपीजी किल्लत से देशभर में लोग परेशान हैं। रसोई गैस ना मिलने की खबरों पर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है। अब कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने पीएम मोदी के ‘कोविड जैसी रणनीति’ वाले बयान पर निशाना साधा है। राहुल गांधी का कहना है कि एलपीजी संकट ने गरीब और प्रवासी मज़दूरों की ज़िंदगी को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है।

सोमवार (6 अप्रैल 2026) को कांग्रेस महासचिव ने अपने X (Twitter) अकाउंट पर ट्वीट किया, ”मोदी जी ने कहा था- LPG Gas Crisis को COVID की तरह हैंडल करेंगे। और सच में वही किया। बिल्कुल COVID के जैसे ही – नीति शून्य, घोषणा बड़ी, और बोझ गरीबों पर। ”

राहुल गांधी ने आगे कहा, ”₹500-800 की दिहाड़ी कमाने वाले प्रवासी मज़दूरों के लिए रसोई गैस पहुंच से बाहर हो गई है। रात को घर लौटते मज़दूर के पास चूल्हे जलाने तक के पैसे नहीं। नतीजा – शहर छोड़ो, गांव भागो। जो मज़दूर टेक्स्टाइल मिल्स और फैक्ट्रीज की रीढ़ हैं- आज वही टूट रहे हैं। टेक्स्टाइल सेक्टर पहले से ICU में है। मैन्युफैक्चरिंग दम तोड़ रही है। और यह संकट आया कहाँ से? कूटनीति की मेज़ पर हुई उस चूक से जिसे सरकार आज तक स्वीकार नहीं करती।”

राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, ”जब अहंकार नीति बन जाए – अर्थव्यवस्था चरमराती है, मज़दूर पलायन करते हैं, उद्योग बर्बाद होते हैं और देश दशकों पीछे धकेल दिया जाता है। सवाल एक ही है – हर संकट में सबसे पहले गरीब क्यों मरता है? चुप मत रहो। यह सिर्फ़ गरीब का नहीं, हम सबका सवाल है।”

बढ़ती महंगाई, ठप होती मैन्युफैक्चरिंग और टेक्सटाइल सेक्टर पर बढ़ते दबाव के बीच लगातार अप्रवासी मजदूर अपने घरों को लौट रहे हैं।

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ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के चलते देश के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडरों की कमी देखने को मिल रही है। कई हिस्सों में सिलेंडर न मिलने के चलते दुकानों, रेस्टोरेंट्स को बंद करना पड़ा है। ऐसे ही उत्तराखंड में भी कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी से ढाबों और सड़क किनारे के छोटे भोजनालयों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके कामकाज में दिक्कत हो रही है। पढ़ें पूरी खबर…