LPG Crisis Due to Iran-Israel War: पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच युद्ध के कारण रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति को लेकर पैदा हुई चिंताओं के बीच बिजली के चूल्हों (इंडक्शन) और इलेक्ट्रिक केतली की बिक्री में भारी उछाल आया है, और लोग जमकर इनकी खरीदारी कर रहे हैं। इसको लेकर ही उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने अहम जानकारी शेयर की है।

टाटा समूह की कंपनी क्रोमा ने पिछले कुछ दिनों में चूल्हों की मांग में तीन गुना वृद्धि दर्ज की है, जबकि ‘पिजन’ ब्रांड बनाने वाली कंपनी स्टोवक्राफ्ट लिमिटेड की औसत साप्ताहिक आनलाइन बिक्री चार गुना बढ़ गई है।

क्रोमा के सीईओ ने दी जानकारी

इन्फिनिटी रिटेल लिमिटेड (क्रोमा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और एमडी शिबाशीष राय ने कहा कि पिछले कुछ दिन में बिजली के चूल्हों की मांग में अचानक तेजी आई है और हमारी औसत दैनिक बिक्री दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

शिबाशीष राय ने सटीक आंकड़े बताए बिना कहा कि चूल्हों की औसत दैनिक बिक्री सामान्य स्तर से लगभग तीन गुना बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि ग्राहक एक बार में कई चूल्हे खरीद रहे हैं, जो पहले सामान्य नहीं था। यह एहतियाती खरीदारी का संकेत है।

इलेक्ट्रिक केतली की भी बढ़ी डिमांड

इसके साथ ही इलेक्ट्रिक केतली की मांग भी सामान्य से लगभग दोगुनी हो गई है। शिबाशीष राय के अनुसार, लोग अब बिजली से चलने वाले चूल्हों को एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में देख रहे हैं। क्रोमा इस मांग को पूरा करने के लिए अपने स्टोर और आनलाइन बिक्री मंचों पर इनकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है।

वहीं, अमेजन इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि पिछले दो दिन में इंडक्शन चूल्हों की बिक्री 30 गुना बढ़ गई है, जबकि चावल पकाने वाला कुकर (राइस कुकर) और इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर की बिक्री में चार गुना उछाल आया है। एयर फ्रायर और इलेक्ट्रिक केतली की बिक्री भी दोगुनी हो गई है।

गैस सिलेंडर की किल्लत से रेस्तरां के मेन्यू में फेरबदल

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच एलपीजी आपूर्ति में अनियमितता के कारण दिल्ली के कई रेस्तरां र्इंधन की कमी का सामना कर रहे हैं, जिससे परोसे जाने वाले व्यंजनों में फेरबदल, लागत बढ़ने और कर्मचारियों के वेतन को लेकर चिंता जैसी समस्याएं पैदा होने लगी हैं।

उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि कई रेस्तरां फिलहाल वैकल्पिक इंतजामों के जरिए स्थिति संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन व्यवधान लंबे समय तक जारी रहने पर छोटे प्रतिष्ठानों के लिए बढ़ती लागत को संभाल पाना मुश्किल हो सकता है।

सरकार ने पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए घरेलू स्तर पर उत्पादित प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को एलपीजी उत्पादन, सीएनजी और पाइप से मिलने वाली रसोई गैस को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है।

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अहमदाबाद में सिलेंडर ले जाते लोग। (AP Photo/Ajit Solanki)

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने बुधवार को कहा है कि घबराहट में एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग करने की जरूरत नहीं है। मंत्रालय ने कहा है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए करीब 2.5 दिन का सामान्य आपूर्ति चक्र बरकरार है। पढ़िए पूरी खबर