मुस्लिम युवक से बेटी की शादी कर रहा था हिंदू परिवार, अपने ही धर्म के लोग हो गए खिलाफ; शादी का कार्ड वायरल कर बताया “लव जिहाद”

लड़की के परिवार वालों के अनुसार इसमें जबरन धर्म परिवर्तन का कोई मामला नहीं था और दोनों की शादी पहले ही स्थानीय अदालत में हो चुकी थी। लड़की के परिवार वाले अपनी बेटी को ससुराल भेजने से पहले 18 जुलाई को हिंदू रीति रिवाज से शादी करना चाहते थे। 

दोनों की शादी पहले ही स्थानीय अदालत में हो चुकी थी। लड़की के परिवार वाले अपनी बेटी को ससुराल भेजने से पहले 18 जुलाई को हिंदू रीति रिवाज से शादी करना चाहते थे। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

वल्लभ ओजरकर की रिपोर्ट।

महाराष्ट्र के नासिक में एक हिंदू लड़की और एक मुस्लिम लड़का अपनी मर्जी से शादी करना चाहते थे। इसके लिए दोनों परिवारों की रजामंदी भी थी। लेकिन दो प्रेमियों का यह मिलन लड़की के आस पड़ोस और समाज के लोगों को अच्छा नहीं लगा। शादी का कार्ड वायरल होते ही आसपास के लोगों ने लव जिहाद बता कर इस शादी का विरोध करना शुरू कर दिया। जिसके बाद आख़िरकार लड़की के परिवार को शादी कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।

भले ही सामाजिक दबाव के कारण शादी के कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा लेकिन लड़की के परिवारवालों ने यह फैसला किया कि वह अपनी बेटी की मर्जी के साथ खड़े रहेंगे। लड़की के परिवार वालों के अनुसार इसमें जबरन धर्म परिवर्तन का कोई मामला नहीं था और दोनों की शादी पहले ही स्थानीय अदालत में हो चुकी थी। लड़की के परिवार वाले अपनी बेटी को ससुराल भेजने से पहले 18 जुलाई को हिंदू रीति रिवाज से शादी करना चाहते थे। 

लड़की के पिता और नासिक के जाने माने जौहरी प्रसाद अडगांवकर ने कहा कि उनकी बेटी रसिका शारीरिक रूप से विकलांग थी और ठीक ढंग का लड़का नहीं मिल पाने के कारण उसकी शादी में कठिनाई आ रही थी। लेकिन पिछले दिनों उसने अपने दोस्त आसिफ खान के साथ शादी करने की इच्छा जताई। चूंकि दोनों परिवार एक-दूसरे को पिछले कई सालों से जानते थे, इसलिए वे शादी के लिए राजी हो गए।

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जिसके बाद मई महीने में दोनों परिवारों की उपस्थिति में नासिक की एक अदालत में शादी का पंजीकरण कराया गया। दोनों परिवार ने इस शादी को रीति रिवाज से भी करने का फैसला किया। इसके लिए 18 जुलाई की तारीख भी तय की गई। यह शादी नासिक के एक होटल में करीबी रिश्तेदारों की मौजूदगी में होनी थी। लेकिन शादी का कार्ड कई अनजान व्हाट्सएप ग्रुप में सर्कुलेट हो गया। जिसके बाद लड़की के पिता के पास कई लोगों के फोन और मैसेज आने शुरू हो गए। जिसमें उनसे इस शादी को रद्द करने को कहा गया।

इतना ही नहीं लड़की के पिता को उसके समुदाय के लोगों ने बुलाकर इस शादी समारोह को ना करने की सलाह करने दी। सामजिक दबाव के कारण आख़िरकार इस शादी को रद्द करने का फैसला किया गया। लड़की के परिवार वालों ने इस मामले को लेकर पुलिस के पास नहीं जाने का फैसला किया। हालांकि उन्होंने साफ़ कर दिया कि चाहे जो हो जाए लेकिन इस जोड़े को अलग होने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।

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