कर्नाटक हाई कोर्ट में गुरुवार को भाजपा ने राज्य विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर बड़ा दावा किया। भाजपा ने कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के ‘करप्शन रेट कार्ड’ (Corruption Rate Card) वाले विज्ञापनों की वजह से उसे 40 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था।
भाजपा का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता विनोद कुमार एम ने दलील दी कि कि मतदान से ठीक पहले लगातार पांच दिनों तक अखबारों में भ्रामक विज्ञापन छापे गए, जिससे पार्टी को उन आरोपों पर सफाई देने का कोई मौका नहीं मिला और पार्टी 40 सीटें हार गई।
अधिवक्ता विनोद कुमार कुमार ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा दायर याचिकाओं का विरोध करते हुए यह बात कही। इन याचिकाओं में भाजपा द्वारा 2023 में उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि की शिकायत को रद्द करने की मांग की गई है। यह शिकायत मौजूदा और पूर्व सांसदों/विधायकों के खिलाफ दायर मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत में लंबित है।
मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने पूछा, “अगर यह (विज्ञापन) न होता तो क्या आप 40 सीटें जीत जाते?” कुमार ने जवाब दिया, “हां…हम जीत जाते।” कुमार ने यह भी कहा कि चूंकि मानहानिकारक लेख, जिनमें एक प्रतिशत भी सच्चाई नहीं थी, चुनाव से तीन दिन पहले प्रकाशित हुए थे, इसलिए भाजपा को जनता को यह समझाने का मौका नहीं मिला कि आरोप झूठे थे। उन्होंने कहा, “इस मानहानिकारक लेख के प्रभाव से सरकार बदल गई है। उन्हें इसे दोहराने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।”
‘यह तो सिर्फ कीचड़ उछालना है’
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता शशि किरण शेट्टी ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ दायर शिकायत को खारिज करने वाले समन्वय पीठ के फैसले का हवाला दिया। राहुल गांधी को भी शिकायत में आरोपी बनाया गया था। शेट्टी ने कहा कि यह मामला राहुल गांधी मामले में पारित आदेश के दायरे में आता है और उन्होंने याचिकाकर्ताओं को भी वही राहत देने की मांग की।
हालांकि, कुमार ने तर्क दिया कि यह मामला अलग था क्योंकि उन्होंने लेख अखबार में प्रकाशित किए थे। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि यह निष्पक्ष टिप्पणी है, तो निष्पक्ष टिप्पणी की जांच मुकदमे के माध्यम से होनी चाहिए और शिकायत को रद्द नहीं किया जाना चाहिए।
मामले की सुनवाई करने वाले जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने कहा, “यह केवल कीचड़ उछालना है, यदि आप सभी जनता की नीतियों और कल्याण के लिए काम करें, तो ऐसे मामले सामने नहीं आएंगे।” इसके बाद पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
मानहानि की शिकायत क्या थी?
कर्नाटक भाजपा ने एक अखबार में प्रकाशित ‘करप्शन रेट कार्ड’ के विज्ञापनों के बाद मजिस्ट्रेट अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। इन विज्ञापनों में दावा किया गया था कि तत्कालीन भाजपा सरकार के अधीन विभिन्न सरकारी पदों और तबादलों पर निश्चित “दरें” और “कमीशन” लागू होते थे। भाजपा ने आरोप लगाया कि विज्ञापन मानहानिकारक, झूठा और “मनगढ़ंत कल्पना” पर आधारित था। अदालत ने शिकायत का संज्ञान लिया। फरवरी में उच्च न्यायालय ने राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत को खारिज करते हुए कहा कि कार्यवाही जारी रखने की अनुमति देना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। याचिकाकर्ता (गांधी) से संबंधित कार्यवाही रद्द की जाती है।
‘अराजकता की राजनीति करते हैं राहुल गांधी’, कांग्रेस नेता के धरने को लेकर रविशंकर प्रसाद ने उठाए सवाल
बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के द्वारा संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के सामने धरना दिए जाने को लेकर उन पर हमला बोला है। रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर अराजकता की राजनीति करने का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी खबर।
