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Lok Sabha Election 2019: ‘रावण भी प्रायश्चित करने “महादेव” की शरण में गया था’, पीएम मोदी की साधना पर कांग्रेस प्रत्याशी का तंज

Lok Sabha Election 2019 (लोकसभा चुनाव 2019): समुद्र तल से 11755 फुट की ऊंचाई पर मंदाकिनी नदी के किनारे केदारनाथ मंदिर में पहुंचने पर तीर्थ पुरोहितों ने पीएम मोदी का स्वागत किया। यहां पीएम ने भगवान शिव की पूजा अर्चना की।

Election news, National News, Trending News, PM Narendra Modi, PM Narendra Modi meditates, Kedarnath Shrine, Kedarnath, Uttarakhand, Acharya Pramod, lok sabhaकांग्रेस प्रत्याशी आचार्य प्रमोद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (Photo: Twitter@AcharyaPramodk/ANI)

Lok Sabha Election 2019: लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे आने से पांच दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (18 मई) को उत्तराखंड के उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक विश्वप्रसिद्ध बाबा केदारनाथ के दर्शन किये और निकटवर्ती पहाडी की एक गुफा में ध्यान साधना की। उनकी इस साधना पर लखनऊ से कांग्रेस प्रत्याशी आचार्य प्रमोद ने तंज किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “पाप करने के बाद ‘रावण’ भी ‘प्रायश्चित’ करने के लिये ‘महादेव’ की शरण में गया था, परन्तु……पुनः कृपा प्राप्त नहीं कर सका…हर हर ‘महादेव’ घर घर ‘महादेव’।” उन्होंने एक और ट्वीट किया, “23 मई के बाद तो जाना ही था, मगर ‘प्रभु’ आप तो ‘5’ दिन पहले ही “वैराग्य” को उपलब्ध हो गये।” इससे पहले उन्होंने ट्वीट किया था, “मोदी जी ‘केदारनाथ’ और अमित शाह ‘सोमनाथ’ और ‘बेचारी’ अयोध्या…बार बार ‘सरकार’ बनवाने के बाद भी सूनी सूनी, एक बार वहाँ भी चले जाते, तो क्या ‘बिगड़’ जाता।”

आचार्य प्रमोद के इस ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी तरह-तरह के कमेंट किए हैं। टि्वटर यूजर @ShyampagAgrawal ने लिखा, “क्या बुद्धि दी है भगवान आचार्य जी को! यह तो अपने अपने करमों पर निर्भर करता है! रावण ने पाप किया था अत: प्रायश्चित करने गया! मोदी जी तो समाज हित कर पुण्य कर रहे हैं अत: महादेव से अगले पाँच साल के लिये आशीर्वाद तथा दिशा निर्देश लेने गये हैं महादेव के पास!” @sanjaydhoundiy1 ने लिखा, “प्रायश्चित बेशक पापों की पीडा को थोड़ा कम कर दे, लेकिन किए गए कर्मों का फल अवश्य भुगतना पडता है। अब चाहे वो भगवान हो या शैतान।” @Shashi09823562 ने लिख, “ऐसे आप के पास किताबों का ज्ञान बहुत हैं परंतु स्वयं का ज्ञान नहीं है अतः आप अज्ञानी ही है।”

केदारनाथ में प्रधानमंत्री मोदी स्लेटी रंग के पहाडी परिधान और पहाडी टोपी पहने और कमर में केसरिया गमछा बांधे दिखे। हाथ में लाठी लेकर चल रहे प्रधानमंत्री एकदम अलग अंदाज में नजर आ रहे थे। समुद्र तल से 11755 फुट की ऊंचाई पर मंदाकिनी नदी के किनारे केदारनाथ मंदिर में पहुंचने पर तीर्थ पुरोहितों ने उनका स्वागत किया, जिसके बाद वह भगवान शिव की पूजा अर्चना और रूद्राभिषेक के लिये मंदिर के गर्भगृह में पहुंचे। करीब आधा घंटा चली इस पूजा के बाद प्रधानमंत्री ने मंदिर की परिक्रमा की और श्रद्धालुओं का हाथ हिलाकर अभिवादन किया।

मंदिर परिसर के बाहर आने के बाद मोदी ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह से केदारनाथ में चल रहे पुर्निनर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने आल टरेन व्हीकल (एटीवी) में बैठकर अलग-अलग जगहों पर जाकर पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया। प्रधानमंत्री इस दौरान मुख्य सचिव सिंह को इस संबंध में कुछ निर्देश देते हुए भी दिखाई दिये। इसके बाद खराब मौसम और बारिश से बढी ठंड के बीच मोदी पास ही स्थित पहाडी पर बनी ध्यान गुफा में चले गये जहां उन्होंने ध्यान साधना की।

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