‘RSS के प्राथमिक सदस्य, राममंदिर आंदोलन में गए जेल’, लोकसभा वेबसाइट से हटाई गई स्पीकर से जुड़ी ऐसी सूचनाएं

मौजूदा स्पीकर ओम बिड़ला राजस्थान की कोटा-बूंदी सीट से जीतकर संसद पहुंचे, 17वीं लोकसभा में उन्हें सदन का अध्यक्ष चुना गया

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Lok Sabha अध्यक्ष ओम बिड़ला। (फोटोः LSTV/PTI)

लोकसभा की वेबसाइट पर स्पीकर ओम बिड़ला की प्रोफाइल बदल गई है। गुरुवार को इन बदलावों पर पहली बार चर्चा हुई। 2019 के चुनाव में भाजपा की जीत के बाद जब ओम बिड़ला को स्पीकर चुना गया तो लोकसभा की वेबसाइट में उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का प्राथमिक सदस्य बताया गया था। इसके अलावा पहले उनकी प्रोफाइल में कहा गया था कि वे राम मंदिर आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए जेल भेजे गए थे। हालांकि, उनकी अपेडेटेड प्रोफाइल में यह दोनों ही जानकारियां नहीं है।

नई वेबसाइट में अब बिड़ला के सांसद के तौर पर किए गए कार्यों का जिक्र है, लेकिन उनके आंदोलनों और जेल जाने से जुड़ी कोई जानकारी नहीं है। पहले स्पीकर की प्रोफाइल में जानकारी थी कि उन्होंने जयपुर और सवाई माधोपुर में सीमेंट फैक्ट्री शुरू करने के लिए आंदोलन किया था। इसके लिए उन्हें जेल भी भेजा गया। लेकिन अब यह सारी जानकारियां हटा ली गई हैं। बताया गया है कि नई वेबसाइट में बिड़ली के स्पीकर पद को देखते हुए उनकी निष्पक्षता सुरक्षित करने की कोशिश की गई है।

अब तक चुनाव नहीं हारे हैं स्पीकर ओम बिड़लाः ओम बिड़ला राजस्थान की कोटा-बूंदी लोकसभा सीट से सांसद हैं। उन्होंने अब तक पांच चुनाव लड़े हैं और पांचों ही जीते हैं। वे तीन बार विधायक रह चुके हैं और दूसरी बार सांसद बने हैं। वे 2014 में 16वीं लोकसभा के चुनाव में कोटा-बूंदी सीट से पहली बार सांसद बने। इसके बाद अब 2019 में इसी सीट से सांसद बने। इससे पहले 2003, 2008 और 2013 में कोटा से ही विधायक चुने गए थे।

उन्होंने राजनीतिक करियर की शुरुआत छात्रसंघ राजनीति से की। इसके बाद 1992 से 1997 तक प्रदेश भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष रहे। बाद में राजस्थान और राष्ट्रीय स्तर पर कोऑपरेटिव मूवमेंट से भी जुड़े। बिरला 2003 में पहली बार कांग्रेस के दिग्गज नेता शांति धारीवाल काे हराकर विधायक चुने गए। 2014 का लोकसभा चुनाव उन्होंने तत्कालीन सांसद इज्यराजसिंह को हराकर जीता। वहीं, 2019 में कांग्रेस प्रत्याशी रामनारायण मीणा को शिकस्त दी।

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