लोकसभा में शिवसेना के 13 सांसद हो गए हैं। कुछ दिन पहले ही शिवसेना यूबीटी के 6 सांसदों ने शिवसेना का दामन थामा था। अब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 6 सांसदों के विलय को मान्यता दे दी है। ऐसे में एकनाथ शिंदे गुट के लोकसभा में 13 सांसद हो गए हैं। वहीं टीएमसी के बागी सांसदों को भी संसद में अलग बैठने की मंजूरी मिल गई है।

स्पीकर का फैसला छह सांसदों द्वारा उद्धव ठाकरे खेमे से अलग होकर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के लगभग एक महीने बाद आया है। स्पीकर का यह फैसला संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले आया है, जो 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। इससे लोकसभा में शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की स्थिति और मजबूत हो गई है।

6 सांसद शिवसेना में हुए थे शामिल

बता दें कि 22 जून को 6 सांसद शिवसेना में शामिल हुए थे। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना यूबीटी सांसद संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय उत्तमराव देशमुख और नागेश बापुराव पाटिल आष्टीकर शिवसेना में शामिल हुए थे।

इस मौके पर एकनाथ शिंदे ने कहा था, “हम इन सभी 6 ‘कट्टर शिवसैनिक सांसदों’ का बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे की असली शिवसेना में स्वागत करते हैं। 4 साल पहले 2022 में हमने बगावत की थी जब 40 विधायक हमारे साथ आए थे और इस बार हमने सिक्सर मारा है। 2022 में, हमने बालासाहेब की शिवसेना को बचाने के लिए वह बगावत की थी। यह 4 साल पहले हुई उसी बगावत का दूसरा चरण है। हम शिवसेना और बालासाहेब के विचारों को बचाने के लिए यहां हैं। इसीलिए इन 6 सांसदों ने बालासाहेब की असली शिवसेना में आने का फैसला किया है।”

टीएमसी के बागियों को खुशखबरी

वहीं एक अलग फैसले में लोकसभा स्पीकर ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से अलग होकर एनसीपीआई में शामिल होने वाले 20 सांसदों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था को मंजूरी दे दी। इससे सदन में TMC के बागी सांसदों की उपस्थिति को औपचारिक रूप से मान्यता मिल गई। बंगाल में टीएमसी की हार बाद पार्टी के 28 में से 20 सांसदों ने बगावत की है। पार्टी के 60 से अधिक विधायक भी बागी हो चुके हैं।

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