टीएमसी में चल रही गुटबाजी के बीच लोकसभा स्पीकर ने टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को बुलावा भेजा है कि वह लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के सामने पेश हों और अपना पक्ष रखें।
अभिषेक बनर्जी को यह बुलावा इसलिए दिया गया है क्योंकि 14 जून को टीएमसी के राष्ट्रीय सचिव ने ओम बिरला एक पत्र सांसद कीर्ति आजाद और सागरिका घोष के जरिए भिजवाया था।
इस दिन रखेंगे अभिषेक अपना पक्ष
इसी मामले को लेकर लोकसभा सचिवालय ने TMC के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को बुलाया है। लोकसभा अध्यक्ष सांसदों के विलय और दलगत स्थिति से जुड़े मामले में दोनों पक्षों की बात सुनना चाहते हैं। सचिवालय की ओर से कहा गया है कि अभिषेक बनर्जी 19 जून 2026 को शाम 5 बजे संसद भवन में स्पीकर ओम बिरला के आधिकारिक चैंबर में आएं और अपना पक्ष रखें।
पत्र में क्या कहा गया था?
पत्र में अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष को टीएमसी को कानून के मुताबिक अधिकृत नेता और सचेतक के जरिये प्रतिनिधित्व वाला एकल दल मानने की मांग की थी। आगे कहा था कि टीएमसी के किसी भी कथित अलग समूह को कोई मान्यता, दर्जा या सुविधा न दें। साथ ही कोई भी फैसला करने से पहले टीएमसी को अपनी बात रखने का मौका दें।
पहले बुलाया गया था लेकिन नहीं हो सके थे शामिल
ओम बिरला 20 बागी सांसदों की स्थिति को लेकर विचार-विमर्श कर रहे हैं। वे टीएमसी के दोनों गुटों की बात सुनने के बाद फैसला लेंगे। यह बैठक पहले ही एक तय समय पर हुई थी, जिसमें अभिषेक बनर्जी शामिल नहीं हो सके।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोकसभा सचिवालय ने 15 जून को दोपहर 2 बजे अभिषेक बनर्जी को बैठक के संबंध में ईमेल भेजा था। अभिषेक बनर्जी ED के समक्ष पूछताछ के लिए पेश हो रहे थे, इस प्रक्रिया के दौरान उन्हें अपने मोबाइल फोन या व्यक्तिगत ईमेल तक पहुंच नहीं थी। लोकसभा सचिवालय से मिले मैसेज में बनर्जी को दो घंटे का समय दिया गया था और उन्हें उसी दिन शाम 4 बजे तक दिल्ली में स्पीकर से मिलने का निर्देश दिया गया था।
बागी सांसद रख चुके हैं अपनी बात
14 जून को टीएमसी के बागी सांसदों ने पहले ही ओम बिरला से मुलाकात कर लोकसभा में टीएमसी के अन्य सांसदों से अलग बैठने की मांग की थी। साथ ही बागी सांसदों ने ओम बिरला को यह भी बताया कि वे त्रिपुरा स्थित एक पार्टी के साथ विलय कर चुके हैं। इस मामले को लेकर अब टीएमसी नेतृत्व की ओर से अभिषेक बनर्जी अपना पक्ष 19 जून को रखेंगे।
