लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के द्वारा सोमवार को सदन में पूर्व आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब का जिक्र करने को लेकर काफी हंगामा हुआ। सदन के बाहर राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा, ‘मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है। मुझे सिर्फ दो-तीन लाइनें बोलनी हैं। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। ये पूर्व सेना प्रमुख के शब्द हैं और यह वह बातचीत है जो उन्होंने राजनाथ सिंह जी और प्रधानमंत्री मोदी से की है।’

राहुल ने कहा, ‘…मैं सदन में वही कहना चाहता हूं जो पूर्व सेना प्रमुख ने लिखा है और राजनाथ सिंह और प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें क्या आदेश दिए थे।’

नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘मैं सदन में बोलना चाहता हूं। मुझे नहीं पता कि वे क्यों डर रहे हैं। मुद्दा वही है जो प्रधानमंत्री और राजनाथ सिंह जी ने कहा। जमीन ली गई या नहीं, यह एक अलग सवाल है। हम उस पर बाद में बात करेंगे। लेकिन उससे पहले, देश के नेता को दिशा-निर्देश देने चाहिए। देश के नेता को फैसले लेने से पीछे नहीं हटना चाहिए और फैसले दूसरों के कंधों पर नहीं छोड़ने चाहिए। प्रधानमंत्री ने यही किया है।’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दावा किया कि सरकार इस बात से डरी हुई है कि यदि पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की किताब की बातें सामने आ जाएंगी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की असलियत देश को पता चल जाएगी।

‘कैलाश रेंज में हम चीन पर हावी थे…’रिटायर्ड मेजर जनरल बोले- नरवणे की किताब पब्लिश होनी चाहिए

लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित होने के बाद राहुल ने संसद परिसर में पत्रकारों से कहा कि देश को यह भी पता चलेगा कि जब चीन हमारी तरफ आ रहा था- तो 56 इंच की छाती को क्या हुआ था?”

राजनाथ, शाह ने किया विरोध

सदन में राहुल गांधी का रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृहमंत्री अमित शाह ने विरोध किया और इसके बाद सदन में सत्ता पक्ष और कांग्रेस के सांसदों के बीच काफी नोकझोंक और हंगामा हुआ।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर सदन को गुमराह करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। राजनाथ सिंह ने सवाल उठाया कि नेता प्रतिपक्ष को यह बताना चाहिए कि जिस किताब के बारे में वह बात कर रहे हैं वह प्रकाशित हुई है या नहीं।

कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी सदन में पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के ड्राफ्ट के उस अंश को पढ़ना चाहते थे जिसमें 31 अगस्त, 2020 की एक घटना का उल्लेख है। यह किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है। 

जनसत्ता विशेष: राहुल गांधी एम.एम नरवणे की किस किताब का जिक्र कर रहे थे?