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10 हजार साइबर योद्धाओं और 55,000 वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने ऐसे उठाया लाभ

लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा के लिए वाट्सऐप ने पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के किले में सेंध लगाने में अहम भूमिका अदा की। पार्टी ने लोगों तक पहुंचने के लिए 55000 वाट्सऐप ग्रुप की मदद ली।

Author नई दिल्ली | Published on: June 6, 2019 2:56 PM
भाजपा ने ‘जयश्री राम’ नारे पर ममता बनर्जी को अपने ‘चक्रव्यूह’ फंसा लिया। (फाइल फोटो)

लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में भाजपा ने इस बार लोगों की उम्मीद से कही बेहतर प्रदर्शन किया। पार्टी की इस जीत में संगठन के साथ सोशल मीडिया टीम का भी अहम योगदान रहा। पार्टी ने इस बार पश्चिम बंगाल में 18 सीटें जीती। इससे पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी महज 2 सीट पर ही चुनाव जीतने में कामयाब रही थी।

पार्टी पश्चिम बंगाल में अपने प्रदर्शन में मजबूती लाने के लिए पहले ही सोशल मीडिया के महत्व को भांप लिया था। पार्टी ने इसके लिए 16-18 महीने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी। बिजनेस स्टैंडर्ड की खबर के अनुसार भाजपा के एक सूत्र ने बताया, ‘ पार्टी के सोशल मीडिया सेल की तरफ से करीब 55,000 व्हाट्सऐप ग्रुप बनाए गए थे। पार्टी का आईटी सेल के 10 हजार साइबर योद्धा इन ग्रुप की मॉनिटरिंग कर रहे थे।’

सूत्र ने यह भी बताया कि इन ग्रुप के जरिये लोगों तक जानकारी भेजी जा रही थी। यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसका अधिकतर लोग उपयोग करते हैं। एक अनुमान के अनुसार राज्य की 9 करोड़ की आबादी में करीब 3 करोड़ लोग स्मार्टफोन का उपयोग करते हैं। इस आंकड़ें से वाट्सऐप की महत्वपूर्ण भूमिका को आसानी से समझा जा सकता है। हालांकि, ऐसा नहीं था कि पार्टी ने सिर्फ वाट्सऐप पर ही भरोसा किया। पार्टी की तरफ से फेसबुक और ट्विटर पर भी पूरी सक्रियता रही।

भाजपा का फेसबुक इंगेजमेंट करीब 22 करोड़ रहा। वहीं, ट्वीटर इंप्रेशन भी 40 लाख के आसपास रहा। पार्टी के सू्त्र के अनुसार स्मार्टफोन यूजर्स में से कुछ लोग या तो फेसबुक पर थे या कुछ ट्विटर पर लेकिन ये लोग वाट्सपर सक्रिय थे। बंगाल भाजपा के आईटी और सोशल मीडिया संयोजक उज्ज्वल पारिख ने कहा कि हम फेसबुक और ट्विटर एल्गोरिदम का उपयोग करते हैं। प्रतीक के अनुसार फेसबुक पर अपलोड होने वाली सामग्री कुछ लोगों तक पहुंचती है। इससे मिलने वाली प्रतिक्रिया के आधार पर यह आगे पहुंचती है या फिर वहीं ड्रॉप हो जाती है।

दूसरी तरफ वाट्सएप की मदद से अपने टार्गेट ग्रुप तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा वाट्सएप में अन्य मीडियम की तुलना में डाटा भी कम खर्च होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह काफी कारगर हो जाता है क्योंकि वहां डेटा की पहुंच और गुणवत्ता काफी कम हो जाती है। भाजपा के आईटी सेल का काम पार्टी के नेताओं और प्रत्याशियों के लिए ठोस जमीन तैयार करना था। इसके अलावा पार्टी के प्रति लोगों में भरोसा कायम करने की भी जिम्मेदारी थी।

ममता बनर्जी के ‘जयश्री राम’ के नारे पर गुस्से ने उनका काम आसान कर दिया। भाजपा के आईटी सेल ने इस मुद्दे को प्रभावी रूप से भुनाया। पार्टी के आईटी सेल के साइबर लड़ाकों ने ममता के आरामबाग में ‘जयश्री राम’ बोलने पर लोगों को फटकार लगाए जाने वाले वीडियो को खूब वायरल किया। इसने पार्टी के लिए माहौल बनाने में काफी मदद की।

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