महाराष्ट्र विधानसभा ने गुरुवार को केतन अग्रवाल की मौत की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्देश दिया। पुणे के पास लोहागढ़ किले में तस्वीर लेते समय युवक की गिरने से मौत हो गई थी लेकिन बाद में पता चला कि उसकी हत्या केतन की मंगेतर सिया और प्रेमी चेतन ने की थी। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधायक सुनील शेल्के ने विधानसभा में इस मुद्दे पर सवाल उठाया था।

केतन अग्रवाल की मौत के पांच दिन बाद, पुणे ग्रामीण पुलिस ने मंगलवार को 20 वर्षीय सिया प्रवीण गोयल और 22 वर्षीय चेतन बाबूलाल चौधरी को अग्रवाल को चट्टान से धक्का देकर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया । पुलिस ने बताया कि दोनों ने चेतन अग्रवाल की हत्या की बात कबूल कर ली है।

सत्ताधारी और विपक्षी विधायकों ने एसआईटी के गठन की मांग उठाई

एनसीपी के विधायक सुनील शेल्के ने कार्यवाहक अध्यक्ष राजू खरे के सामने कहा, “गोयल परिवार को उसके पुराने संबंधों के बारे में जानकारी थी। मैं मांग करता हूं कि इस अपराध के लिए उसके परिवार के सदस्यों की भी जांच की जाए।” शेल्के की दलील के बाद सत्ताधारी और विपक्षी दोनों दलों के विधायकों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक अध्यक्ष से एसआईटी के गठन की घोषणा करने की मांग की। भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने खरे से एसआईटी की घोषणा करने की अपील की। विधानसभा सदस्यों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए खरे ने राज्य सरकार को एक एसआईटी के माध्यम से मामले की जांच करने का निर्देश दिया।

चेतन और सिया के बीच करीब 4,400 कॉल्स हुई थीं

केतन हत्याकांड मामले में कई अहम खुलासे हुए हैं। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, चेतन और सिया के बीच केतन की हत्या से पहले करीब 4,400 कॉल्स हुई थीं। पुलिस को शक है कि इन्हीं कॉल्स के जरिए केतन की हत्या की पूरी साजिश रची गई थी। पुलिस के मुताबिक, सिया के जन्मदिन पर उसकी चेतन से मुलाकात हुई थी। इसी दौरान केतन की हत्या की योजना बनाई गई। उसी दिन ऐसे स्थान की भी तलाश की गई जहां से केतन को धक्का दिया जा सके।

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पुणे जिले के लोनावला के पास स्थित लोहागढ़ में केतन अग्रवाल की मौत के पीछे उनकी मंगेतर का हाथ होने की बात सामने आई है। पुलिस ने केतन की मंगेतर और उसके प्रेमी को केतन की हत्या करने और बाद में इसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह घटना 18 जून 2026 की है। शुरुआत में इसे लोहागढ़ किले से पैर फिसलने के कारण हुई दुर्घटना माना जा रहा था लेकिन पूरी जांच में यह एक सुनियोजित हत्या की साजिश निकली। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें