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उत्तरप्रदेश के विभिन्न जनपदों में मंडरा रहा टिड्डी दलों का खतरा

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शनिवार को ‘पीटीआई- भाषा’ को बताया कि "देवरिया में टिड्डियों का एक झुंड आया था, लेकिन वह केवल बैसिला मैनुद्दीन गांव पहुंचा था। वहां के स्थानीय लोगों ने शोर मचाकर वहां से उन्हें भगा दिया। झुंड देवरिया से चला गया, टिड्डियों का दल जिन- जिन जनपदों में जा रहा है वहां रसायनों का छिड़काव कर उनका खात्मा किया जा रहा है।

Author लखनऊ | Published on: June 28, 2020 5:03 AM
UP, Grasshopper attack, farmerआसमान में लाखों की संख्या में उड़ते हुए टिड्डे और टिड्डियां किसानों के दुश्मन बनकर आए हैं।

उत्तरप्रदेश के देवरिया जिले सहित विभिन्न जिलों में टिड्डी दलों का खतरा मंडरा रहा है। देवरिया के जिलाधिकारी अमित कुमार ने शनिवार को बताया कि जिले में टिड्डियों का एक झुंड देखा गया और अब वह कुशीनगर की तरफ चला गया है। कृषि विभाग द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, “26 जून को सूचना मिली कि झांसी, चित्रकूट, प्रयागराज, प्रतापगढ़, भदोही, आजमगढ़ और अंबेडकरनगर जिलों के विभिन्न विकास खंडों में टिड्डियों का झुंड उड़ रहा है। इन जिलों की कृषि विभाग की टीमें टिड्डी दलों पर निरंतर निगरानी रख रही हैं। टिड्डियों के विश्राम लेते ही उनके नियंत्रण की कार्रवाई शुरू कर दी जायेगी। इन जिलों के अलावा इनसे सटे हुए जिलों हमीरपुर, बांदा, फतेहपुर, कौशांबी, मिर्जापुर, सुल्तानपुर, मऊ और बलिया जपनदों के अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिये गये हैं।”

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शनिवार को ‘पीटीआई- भाषा’ को बताया कि “देवरिया में टिड्डियों का एक झुंड आया था, लेकिन वह केवल बैसिला मैनुद्दीन गांव पहुंचा था। वहां के स्थानीय लोगों ने शोर मचाकर वहां से उन्हें भगा दिया। झुंड देवरिया से चला गया, टिड्डियों का दल जिन- जिन जनपदों में जा रहा है वहां रसायनों का छिड़काव कर उनका खात्मा किया जा रहा है। आसपास के गांवों को सावधान कर दिया गया है। रसायनों का छिड़काव अग्निशमन गाड़ियों की मदद से किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि लोगों से कहा गया है कि टिड्डी दल को भगाने के लिये थाली बजायें, पुलिस सायरन बजायें और धुएं का इस्तेमाल करें।

शाही ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में टिड्डी दल के हमले के मद्देनजर उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रत्येक जनपद में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एक निगरानी समिति का गठन किया गया है, साथ ही प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में पांच- पांच लाख रुपये रसायनों के छिड़काव के लिए उपलब्ध करा दिये गये हैं।

बयान में कहा गया कि 25 जून की शाम को जौनपुर जिले के शाहगंज विकास खंड के गांवों में पेड़ों पर टिड्डी दल ने आश्रय लिया, जिसमें लगभग आधे टिड्डियों को जनपद के कृषि विभाग की टीम ने मार गिराया। इसी तरह प्रयागराज के शंकरगढ़ विकास खंड में भी कृषि विभाग द्वारा रात में चलाये गये अभियान में 60 से 70 प्रतिशत टिड्डियों को मार गिराया गया। बयान में कहा गया कि चित्रकूट में 25 जून को तीन अलग-अलग जगहों पर टिड्डी दलों को देखा गया और और कृषि विभाग तथा अग्निशमन विभाग के संयुक्त अभियान में कृषि रक्षा रसायनों के छिड़काव से उन्हें मार गिराया गया।

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