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Locust Swarms Highlights: राजस्थान और मध्य प्रदेश में आतंक मचाने के बाद यूपी के झांसी में दोबारा पहुंचा टिड्डियों का दल

जयपुर में लगभग 28 साल बाद टिड्डी दल ने दस्तक दी है। इससे पहले 1993 में टिड्डियों ने जयपुर में फसलों को चट कर दिया था।

Author नई दिल्ली | Updated: May 27, 2020 8:43:23 pm
Locust Attack in India: राजस्थान के शहरी इलाकों में टिड्डियों के झुंड देखे गए हैं।

Locust Attack in India: राजस्थान और मध्य प्रदेश में आतंक मचाने के बाद टिड्डियों का दल बुधवार को एक बार फिर उत्तर प्रदेश के झांसी पहुंच गया। कृषि विभाग के एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। झांसी मंङल के कृषि उप निदेशक कमल कटियार ने ‘भाषा’ को बताया कि जालौन की सीमा के नजदीक झांसी की गरौठा तहसील के स्किल गांव के पास शाम करीब साढ़े चार बजे टिड्डियों का एक दल पहुंचा और उसे भगाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह दल लगभग एक किलोमीटर के इलाके में फैला हुआ है। टिड्डियों के हमले की आशंका के मद्देनजर दमकल वाहनों को पहले से ही तैयार किया गया था और इन कीटों को भगाने के लिये कीटनाशकों का गहन छिड़काव किया जा रहा है।

साथ ही वाहनों पर डीजे तथा अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों को लगाकर शोर किया जा रहा है। कटियार ने बताया कि झांसी के समथर थाना क्षेत्र के दतावली गांव के पास भी टिड्डियों का एक छोटा दल देखा गया। उसे भी भगाने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आज दोपहर बाद तक टिड्डियों का समूह झांसी की सीमा से सटे मध्य प्रदेश के दतिया जिले में था और हवा के रुख के हिसाब से उसके झांसी में प्रवेश करने की आशंका पहले से ही थी। उल्लेखनीय है कि गत 22 एवं 24 मई को टिड्डियों के एक बड़े समूह ने झांसी जिले के कुछ इलाकों पर हमला किया था, मगर पहले से ही सतर्क प्रशासन एवं ग्रामीणों की मदद से आधे से अधिक टिड्डियों को मार डाला गया था।

पर्यावरण मंत्रालय के वन्यजीव इंस्पेक्टर जनरल सौमित्र दासगुप्ता ने बताया कि ये रेगिस्तानी टिड्डे थे जिन्होंने भारत में बड़ी संख्या में हमला किया और इससे फसलों को काफी नुकसान पहुंच सकता है। टिड्डियां हमारे देश में सामान्य हैं लेकिन यह हमला बहुत बड़ा है। जयपुर में लगभग 28 साल बाद टिड्डी दल ने दस्तक दी है। इससे पहले 1993 में टिड्डियों ने जयपुर में फसलों को चट कर दिया था। यहां सोमवार सुबह टिड्डियों का एक बडा झुंड परकोटा क्षेत्र में बड़ी चैपड़ और आस-पास के इलाकों में देखा गया था।

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Highlights

    20:25 (IST)27 May 2020
    फिर झांसी पहुंचा टिड्डियों का दल

    राजस्थान और मध्य प्रदेश में आतंक मचाने के बाद टिड्डियों का दल बुधवार को एक बार फिर उत्तर प्रदेश के झांसी पहुंच गया। कृषि विभाग के एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। झांसी मंङल के कृषि उप निदेशक कमल कटियार ने 'भाषा' को बताया कि जालौन की सीमा के नजदीक झांसी की गरौठा तहसील के स्किल गांव के पास शाम करीब साढ़े चार बजे टिड्डियों का एक दल पहुंचा और उसे भगाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह दल लगभग एक किलोमीटर के इलाके में फैला हुआ है। टिड्डियों के हमले की आशंका के मद्देनजर दमकल वाहनों को पहले से ही तैयार किया गया था और इन कीटों को भगाने के लिये कीटनाशकों का गहन छिड़काव किया जा रहा है। साथ ही वाहनों पर डीजे तथा अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों को लगाकर शोर किया जा रहा है। कटियार ने बताया कि झांसी के समथर थाना क्षेत्र के दतावली गांव के पास भी टिड्डियों का एक छोटा दल देखा गया। उसे भी भगाने के प्रयास किये जा रहे हैं। 

    20:18 (IST)27 May 2020
    इन जगहों पर दिखा टिड्डियों का दल

    हाल ही में जयपुर, एमपी के ग्वालियर, मुरैना और श्योपुर से जुड़े क्षेत्रों में, और महाराष्ट्र के अमरावती, नागपुर और वर्धा के खास इलाकों में टिड्डे दल देखे गए।

    19:41 (IST)27 May 2020
    राजस्थान के छह जिलों में घुसे टिड्डियों के दल

    पाकिस्तान से 11 अप्रैल को भारत में घुसे टिड्डियों के दल राजस्थान के छह जिलों में प्रवेश कर चुके हैं। कृषि विभाग के आयुक्त ओमप्रकाश ने कहा कि ‘‘हमने किराये पर लिये गये ड्रोन का उपयोग करना शुरू किया है और आने वाले कुछ दिनों के आवश्यकतानुसार और ड्रोन इस्तेमाल किए जाने की संभावना है।’’ उन्होंने बताया कि ड्रोन ऊंचाई से कीटनाशक का छिड़काव करने में उपयोगी होते हैं और पहाड़ी इलाकों में ट्रैक्टर में लगे छिड़काव यंत्रों (माउंटेड स्प्रेयर) के जरिये कीटनाशक छिड़का जाता है, क्योंकि वहां अन्य वाहन नहीं जा सकते। ड्रोन से 15 मिनट की उड़ान में लगभग 2.5 एकड़ क्षेत्र में कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा है। राज्य में टिड्डी नियंत्रण के लिये ड्रोन और छिड़काव यंत्र वाले ट्रैक्टरों के अलावा दमकल के वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। 

    19:04 (IST)27 May 2020
    ड्रोन की मदद से कीटनाशक का छिड़काव

    राजस्थान के कृषि विभाग ने जयपुर जिले में टिड्डियों को नियंत्रित करने के लिये कीटनाशक के छिड़काव के लिये एक ड्रोन की मदद ली है। जयपुर जिले के चौमू के पास सामोद में ड्रोन का उपयोग किया गया। कृषि विभाग के आयुक्त ओमप्रकाश ने बताया, ‘‘हमने किराये पर लिये गये ड्रोन का उपयोग करना शुरू किया है और आने वाले कुछ दिनों के आवश्यकतानुसार और ड्रोन इस्तेमाल किए जाने की संभावना है।’’ 

    18:34 (IST)27 May 2020
    फसलों को टिड्डी दल से बचाने की हो रही तैयारी

    पड़ोसी मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में फसलों पर टिड्डी दल के हमले के मद्देनजर छत्तीसगढ़ में कृषि विभाग और किसानों को सचेत किया गया है। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि राजनांदगांव जिले में लाखों की संख्या में टिड्डियों के आने की आशंका व्यक्त की जा रही है। टिड्डी दल अमरावती (महाराष्ट्र) और मंडला (मध्यप्रदेश) आ चुका है। टिड्डी दल के संभावित हमले को लेकर प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। किसानों को अपनी फसलों को टिड्डी दल के हमले से बचाने का उपाय बताया जा रहा है तथा कृषि वैज्ञानिक सलाह दे रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि राजनांदगांव जिले में टिड्डी दल के प्रकोप से बचाव के लिए कलेक्टर ने जिला स्तरीय दल का गठन किया है।

    17:15 (IST)27 May 2020
    अभी तो 2 दल और हैं, जयपुर पहुंच सकते हैं

    कृषि अधिकारियों के अनुसार नागौर जिले में टिड्डियों के दो बड़े दल बैठे हैं। एक कुचामन के आसपास और दूसरा जायल के पास है। हवा के रुख को देखते हुए जयपुर की तरफ आने की पूरी संभावना है। दोनों दल करीब कल तक जयपुर पहुंच सकते हैं।

    16:38 (IST)27 May 2020
    55 हजार किसानों को 89 करोड़ रुपए की सहायता भी दी गई

    इस बार राजस्थान के 21 जिलों में टिडि्डयों का प्रभाव देखा जा रहा है। इनमें अजमेर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, झालावाड़, बूंदी, सीकर, जयपुर और दौसा भी शामिल हैं। इनमें से सरकार ने करीब 8 जिलों के प्रभावित 77 हजार किसानों का सर्वे करवाया है। इनमें से 55 हजार किसानों को 89 करोड़ रुपए की सहायता भी दी गई।

    16:19 (IST)27 May 2020
    ऐसे भागा सकते हैं टिड्डियों को टोली को

    टिड्डियों को टोली बनाकर विभिन्‍न तरह के परम्परागत उपाय जैसे ढोल, डीजे बजाकर, थाली, टीन के डिब्बे, ट्रैक्टर का सायलेंसर निकाल कर तेज आवाज करें, स्वयं शोर मचाकर अथवा ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से आवाज कर खेतों से उन्हें भगाया जा सकता है।

    15:57 (IST)27 May 2020
    पिछले साल 12 जिले प्रभावित हुए थे

    पिछले साल राजस्थान के 12 जिलों पर टिड्डियों ने हमला किया था। इनमें जैसलमेर, बाड़मेर, जोधुपर, बीकानेर, जालौर, सिरोही, पाली, नागौर, उदयपुर, चूरू, हनुमानगढ़, गंगानगर में करीब 7 लाख हेक्टेयर में सरसों, जीरा, ईसबगोल और गेहूं की फसल को टिड्डियों ने चौपट कर दिया था।

    15:40 (IST)27 May 2020
    अलग-अलग राज्यों में टिड्डियों के हमले से 1 लाख 25 हजार एकड़ कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचा

    पश्चिम भारत के अलग-अलग राज्यों में टिड्डियों के हमले से 1 लाख 25 हजार एकड़ कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। 4 करोड़ टिड्डियों का दल 35 हजार लोगों के हिस्सा का अनाज खा सकता है। 1993 यानी 27 साल में टिड्डियों का भारत पर ये सबसे बड़ा हमला है। 

    15:17 (IST)27 May 2020
    करीब 37 हजार हैक्टेयर से ज्यादा क्षेत्रफल में लगी फसल को नुकसान पहुंचाया

    प्रतापगढ़ में टिड्डी दल ने पहले कभी घुसपैठ नहीं की थी। इस बार की घुसपैठ से कृषि वैज्ञानिक भी हैरान हैं। राजस्थान में टिड्डी दल ने अब तक करीब 37 हजार हैक्टेयर से ज्यादा क्षेत्रफल में लगी फसल को नुकसान पहुंचाया है।

    14:54 (IST)27 May 2020
    स्टील का कनस्तर बजा कर आवाज कर टिड्डियों को भगाया

    मध्य प्रदेश के सतना में टिड्डियों के हमले से बचने के लिए 80 लीटर कीटनाशक और 4 फायर बिग्रेड की गाड़ियों की मदद ली जा रही है। वहीं जबलपुर में किसान स्टील का कनस्तर बजा कर आवाज कर टिड्डियों को भगाते दिखे। यूपी के हमीरपुर में किसानों की इस लहलहाती फसल पर टिड्डियों के हमले का खतरा है। आसमान में मंडराती इन लाखों टिड्डियों से फसलों को बचाना बड़ी चुनौती है।

    14:16 (IST)27 May 2020
    ड्रोन और ट्रैक्टरों से पेस्टिसाइड का छिड़काव किया जा रहा है

    टिड्डियों पर ड्रोन और ट्रैक्टरों से पेस्टिसाइड का छिड़काव किया जा रहा है। भारतीय कृषि विज्ञान संस्थान पूसा के प्रधान वैज्ञानिक जे.पी.एस डबास ने चेताया कि अगर गर्मी में इन पर काबू पा लिया गया तो ठीक नहीं तो बारिश होते ही नमी बढ़ेगी, जो टिड्डियों की तादाद में कई गुना इजाफा कर देगी।

    13:58 (IST)27 May 2020
    मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के किसान डरे हुए हैं

    मध्य प्रदेश और राजस्थान से लगते यूपी के 10 जिलों को अलर्ट पर रखा गया है। इन दो राज्यों में टिड्डी के झुंडों द्वारा हमले के बाद अब यूपी पर खतरा मंडरा रहा है। शुरू में टिड्डी दल पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से सीमावर्ती राज्य राजस्थान में घुसे थे, जिसके बाद पिछले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश में भी इन्होंने मुश्किलें बढ़ा दीं। इन सभी राज्यों के किसान डरे हुए हैं।

    13:10 (IST)27 May 2020
    महाराष्ट्र में टिड्डियों के झुंड को नियंत्रित करना आसान होगा

    वर्तमान में टिड्डियों से फसल के नुकसान की संभावना कम है क्योंकि किसानों ने अपनी रबी की फसल पहले ही काट ली है। महाराष्ट्र में संतरा उत्पादकों ने चिंता व्यक्त की है लेकिन एलडब्ल्यूओ के उप निदेशक के एल गुर्जर का कहना है कि महाराष्ट्र में झुंड को नियंत्रित करना आसान होगा।

    12:54 (IST)27 May 2020
    एक औसत टिड्डी दल ढाई हजार लोगों का पेट भरने लायक अनाज को चट कर सकता है

    टिड्डियों का यह झुंड खाने और प्रजनन के मकसद से बड़े क्षेत्र में लगी फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन के मुताबिक एक औसत टिड्डी दल ढाई हजार लोगों का पेट भरने लायक अनाज को चट कर सकता है।

    12:28 (IST)27 May 2020
    इन इलाकों में दिख रकते हैं टिड्डे, ये झुंड एक दिन में 200 किलोमीटर का रास्ता तय करता है

    टिड्डे जयपुर, एमपी के ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर और महाराष्ट्र के अमरावती, नागपुर और वर्धा जैसे छेत्रों में देखे जा सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक आसमान में उड़ते हुए इन टिड्डी दलों में दस अरब तक टिड्डे हो सकते हैं। ये सैकड़ों किलोमीटर क्षेत्र में फैले हो सकते हैं। ये झुंड एक दिन में 200 किलोमीटर का रास्ता तय कर सकते हैं। 

    12:05 (IST)27 May 2020
    उत्तर प्रदेश में भी कोहराम मचा सकता है टिड्डी दल

    राजस्थान के बाद टिड्डी दल उत्तर प्रदेश में भी कोहराम मचा सकता है। यूपी के आगरा, लखीमपुर खीरी, मेरठ, शाहजहांपुर, प्रतापगढ़, बदायूं, फिरोजाबाद, झांसी और कानपुर देहात में भी इसे लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। 

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