ताज़ा खबर
 

अब Lockdown 4.0 की बारी? पीएम मोदी, मुख्यमंत्री एकाएक ‘बंदी’ हटाने के पक्ष में नहीं, पाबंदियों को लेकर दिए ये संकेत

करीब छह घंटे तक चली बैठक के दौरान कोरोना वायरस के संकट और लॉकडाउन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों के सुझावों के आधार पर ही आगे का रास्ता तय होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के कई हिस्सों में आर्थिक गतविधियां धीरे-धीरे आरंभ हो गई हैं और आने वाले दिनों में ये गति पकड़ेंगी।

कोरोना पर सोमवार को मुख्यमंत्रियों की बैठक लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फोटोः पीटीआई)

कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर देश में लॉकडाउन बढ़ सकता है। सोमवार को मुख्यमंत्रियों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस बात के संकेत दिए। पीएम के अलावा कई मुख्यमंत्री भी एकाएक ‘बंदी’ हटाने के पक्ष में नहीं नजर आए। मोदी ने इस दौरान लॉकडाउन को पूरी तरह नहीं हटाने, बल्कि प्रतिबंधों में धीरे-धीरे छूट देने के संकेत दिए। कहा कि उनका दृढ़ मत है कि लॉकडाउन के पहले तीन चरणों में जिन उपायों की जरूरत थी, वे चौथे में जरूरी नहीं हैं।’’

चौथे चरण के लॉकडाउन को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ, पर मोदी की कही इस बात से लगभग तय माना जा रहा है कि देश में 17 मई के बाद लॉकडाउन 4.0 लगेगा। हालांकि, रियायतें अधिक दिए जाने की संभावना है। पीएम ने बैठक के दौरान आगे मुख्यमंत्रियों से 15 मई तक व्यापक रणनीति के लिए सुझाव देने को कहा कि वे अपने-अपने राज्यों में लॉकडाउन की व्यवस्था से कैसे निपटना चाहते हैं।

Coronavirus in India LIVE Updates

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना से पनपे हालात पर विस्तृत चर्चा के बीच कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए संतुलित रणनीति बनाने की जरूरत है और इस पर ध्यान देने की जरूरत है कि गांव इस महमारी से मुक्त रहें। बता दें कि 25 मार्च से जारी 54 दिन का लॉकडाउन 17 मई को खत्म होने वाला है, जो कोरोना के मद्देनजर लगाया गया था।

मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा, ‘‘ हमारे सामने दो चुनौतियां है– इस बीमारी के संक्रमण की दर घटाना और दिशानिर्देशों का पालन करते हुए सार्वजनिक गतिविधियों को धीरे-धीरे बढ़ाना तथा हमें दोनों ही उद्देश्यों को हासिल करने के लिए काम करना हेागा।’’ सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार मोदी ने कहा कि एक-दूसरे से दूरी बनाकर रखना ही कोरोना वायरस से लड़ने के लिए तबतक हथियार है जबतक हम टीका या हल नहीं ढूंढ़ नहीं लेते।

IRCTC Special Train Booking LIVE Updates

वह बोले, ‘‘ हमें समझना होगा कि दुनिया कोविड-19 के बाद बदल गयी है। अब दुनिया विश्वयुद्ध की भांति ही कोरोना पूर्व, कोरोना बाद, के रूप में होगी। और , हम कैसे काम करते हैं, उसमें इससे कई अहम बदलाव होंगे।’’ मोदी ने कहा कि जीवन का नया मार्ग ‘‘जन से जग तक’’ के सिद्धांत पर होगा। ट्रेनों की बहाली का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्थिक गतिविधि को बढ़ाने के लिए यह जरूरी था । लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी मार्गों पर सेवाएं बहाल नहीं की जाएंगी और सीमित संख्या में ही ट्रेनें चलेंगी।

मोदी ने यह भी कहा, ‘‘मेरा दृढ़ मत है कि पहले चरण में जरूरी समझे गये कदमों की दूसरे चरण में जरूरत नहीं रही और इसी तरह तीसरे चरण में जरूरी समझे गये कदमों की चौथे चरण में जरूरत नहीं है।’’ पीएम ने कोविड-19 के साथ लड़ाई में सभी मुख्यमंत्रियां को सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए कहा, ‘‘ मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि 15 मई तक आप बताएं कि आपमें से हरेक अपने-अपने राज्य में लॉकडाउन को कैसे संभालना चाहता है। मैं चाहता हूं कि लॉकडाउन के दौरान और उसमें क्रमिक ढील के बाद चीजों से कैसे निपटेंगे, उसका आप ब्लूप्रिंट बनाएं।’’

LIVE Weather in India Updates

उन्होंने कहा कि हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती रियायतों के बाद भी कोविड-19 को गांवों तक फैलने से रोकने की होगी। तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘ एक तरफ तो केंद्र चाहता है कि लॉकडाउन को कड़ाई से लागू किया जाए जबकि दूसरी तरफ वह ट्रेन सेवाएं बहाल कर रहा है और भू-सीमाएं खोल रहा है। लॉकडाउन को जारी रखने की क्या तुक है जब रेलवे, भू-सीमाएं और अन्य क्षेत्रों को खोलने की इजाजत दी जाती है। यह विरोधाभासी है।’’

करीब छह घंटे तक चली बैठक के दौरान कोरोना वायरस के संकट और लॉकडाउन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों के सुझावों के आधार पर ही आगे का रास्ता तय होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के कई हिस्सों में आर्थिक गतविधियां धीरे-धीरे आरंभ हो गई हैं और आने वाले दिनों में ये गति पकड़ेंगी।

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने लॉकडाउन को आगे बढ़ाने की पैरवी करते हुए कहा कि लॉकडान से बाहर निकलने के लिए सावधानीपूर्वक रणनीति बनाई जाए और राज्यों को वित्तीय सहयोग दिया जाए। दूसरी तरफ, तमिलनाडु में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के.पलानीस्वामी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि 31 मई तक ट्रेन सेवाओं की अनुमति न दें। बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि निषिद्ध क्षेत्रों को छोड़कर राष्ट्रीय राजधानी में आर्थिक गतिविधियों की अनुमति दी जानी चाहिए।

Bihar Coronavirus LIVE Updates in Hindi

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि आपात सेवाओं के कर्मचारियों के लिए मुंबई में लोकल ट्रेन सेवाएं शुरू की जाएं। मुख्यमंत्रियों से संवाद के दौरान प्रधानमंत्री के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन भी मौजूद रहे।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू समेत कई मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल हुए। प्रधानमंत्री द्वारा मुख्यमंत्रियों के साथ पिछली बार 27 अप्रैल को बातचीत किये जाने के बाद से कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है, जो 28,000 के आंकड़े से बढ़ कर करीब 67,000 पर पहुंच गई है।

बैठक के कुछ दिनों बाद केंद्र सरकार ने लॉकडाउन की अवधि और दो हफ्तों के लिये 17 मई तक बढ़ा दी थी। हालांकि, आर्थिक गतिविधियों और लोगों की आवाजाही में कुछ छूट दी गई थी। राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन 25 मार्च से लागू है। लॉकडाउन का तीसरा चरण 17 मई को समाप्त होने से कुछ ही दिन पहले यह बैठक हुई है। दूसरा चरण तीन मई को समाप्त हुआ था, जबकि पहला चरण 14 अप्रैल को समाप्त हुआ था। (भाषा इन्पुट्स के साथ)

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 Coronavirus in India: देश में कोरोना से अब तक 2293 लोगों की मौत, महाराष्ट्र-तमिलनाडु में स्थिति गंभीर, संक्रमितों का आंकड़ा 70756 हुआ
2 जानें-समझें: कोरोना काल में कमाई की चाह, शराब की बिक्री जरूरी या मजबूरी
3 दिल्ली पुलिस के सभी विभागों तक पहुंचा कोरोना