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‘शेर का बच्चा हूं, जंगल चीर कर आऊंगा’, BJP नेताओं पर बोले चिराग- जो कुछ वक्त पहले थे सहयोगी, अब बता रहे ‘वोट कटवा’, कर रहे पिता का अपमान

चिराग ने कहा कि भाजपा नेता जो कह रहे हैं अगर पिता (रामविलास पासवान) सुनते तो खुश नहीं होते। पार्टी, मां जैसी है... अगर कोई आपकी मां को कहे तो कैसा लगेगा?

Chirag Paswan, Ram Vilas Paswan, Bihar Electionचिराग पासवान (फाइल फोटो)

बिहार में चुनाव से ठीक पहले एनडीए में खटपट शुरू हो गई है। जहां लोजपा एनडीए से अलग होकर सिर्फ जदयू से टक्कर लेने की बात कह रही है। वहीं, जदयू भी भाजपा पर दोहरा खेल खेलने का आरोप लगा चिराग पासवान पर दबाव बनाने का इशारा कर रही है। इसी सिलसिले में बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने हाल ही में लोजपा को वोटकटवा पार्टी तक कह दिया। अब चिराग पासवान ने कहा है कि वे भाजपा नेताओं के वोट कटवा वाले बयान से आहत हैं। उन्होंने एक टीवी इंटरव्यू में कहा, “ये कहना गलत है। ये मेरे पिता का अपमान है।”

चिराग ने पिता रामविलास पासवान की बातों को याद करते हुए कहा कि पापा बोलते थे कि अगर शेर का बच्चा होगा तो जंगल चीर कर निकलेगा अगर गीदड़ होगा तो मारा जाएगा। मैं भी अब खुद को परखने निकला हूं। शेर का बच्चा हूं तो जंगल चीर कर निकलूंगा। नहीं तो वहीं मारा जाउंगा।

चिराग ने कहा, “मैं 21 तारीख से जनता के बीच रहूंगा। जेडीयू इस बार दहाई का आंकड़ा भी नहीं पार कर पाएगी। सीएम को रोज BJP नेताओं को धन्यवाद कहना चाहिए, क्योंकि कठिन दौर में भी वे उनके साथ खड़े हैं। लेकिन जो कुछ दिन पहले तक भाजपा के सहयोगी थे, वे अब वोट कटवा हो गए। पापा के बारे में इतनी ‘अच्छी’ बातें कह रहे हैं। वे भी सुनते तो खुश नहीं होते. पार्टी, मां जैसी है… अगर कोई आपकी मां को कहे तो कैसा लगेगा?”

‘पिताजी के साथी रहे हैं हमें वोटकटवा कहने वाले’: लोजपा चीफ ने कहा, “भाजपा के कुछ लोग मुख्यमंत्री के दबाव में ऐसा कह रहे हैं। जो लोग वोटकटवा कह रहे हैं वे पिताजी के करीबी साथी रहे हैं। मैं उनसे ये अपेक्षा नहीं कर रहा था। अभी कुछ दिन पहले लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे थे। नीतीश कुमार खुद कुछ नहीं बोलते, पर दबाव बनाकर दूसरों से बुलवाया था। पर उसमें कहीं न कहीं भाजपा को अपने विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि वे एक ऐसे आदमी की पार्टी के बारे में ऐसा कह रहे हैं, जो कुछ दिनों पहले तक आपके मंत्रीमंडल में ही साथी रहे हैं। आज आप उन्हीं की बनाई हुई पार्टी के लिए आप इस तरह की शब्दावली का इस्तेमाल कर रहे हैं।”

चिराग ने आगे कहा, “अगर आप दबाव में भी ऐसा कर रहे हैं, तो कृपया शब्द चयन का तो ध्यान रखें। अगर वोटकटवा थे तो 2019, 2015 और 2014 में उनका साथ क्यों लिया। मैं प्रधानमंत्री जी का पूरा सम्मान करता हूं, पर अगर कोई नेता ऐसा कह रहा है तो उसे पिताजी का ख्याल रखना चाहिए।”

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