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मसरत की रिहाई को लेकर लोस में हंगामा

जम्मू कश्मीर की पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार द्वारा अलगावादी नेता मसरत आलम की रिहाई के मुद्दे पर आज लोकसभा में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राकांपा, राजद और जदयू सदस्यों ने प्रधानमंत्री के बयान की मांग करते हुए भारी हंगामा किया जिसके कारण लोकसभा की बैठक करीब सवा 11 बजे 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। राजग […]

Author March 9, 2015 12:33 PM
Live Lok Sabha: खड़गे ने कहा, ‘‘देश यह जानना चाहता है कि क्या मसरत की रिहाई पर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के बीच कोई अंदरूनी चर्चा हुई है?’’

जम्मू कश्मीर की पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार द्वारा अलगावादी नेता मसरत आलम की रिहाई के मुद्दे पर आज लोकसभा में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राकांपा, राजद और जदयू सदस्यों ने प्रधानमंत्री के बयान की मांग करते हुए भारी हंगामा किया जिसके कारण लोकसभा की बैठक करीब सवा 11 बजे 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

राजग सरकार ने इसे गंभीर मसला बताया लेकिन इस मामले से दूरी बनाने का प्रयास करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से सलाह नहीं की। आसन के समक्ष सदस्यों की नारेबाजी के बीच संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा, ‘‘यह बेहद गंभीर मामला है। और पूरे देश से संबद्ध है। यह किसी एक पार्टी से जुड़ा मामला नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक सरकार का सवाल है, केंद्र सरकार से सलाह नहीं की गयी।’’ उन्होंने कहा कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह 12 बजे सदन में आकर बयान देंगे और वस्तुस्थिति से सदस्यों को अवगत कराएंगे।

अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भी इस मसले पर कार्य स्थगन प्रस्ताव पेश करने वाले कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे, दीपेन्द्र सिंह हुड्डा और तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय को आश्वासन दिया कि वह 12 बजे सदस्यों को अपनी बात रखने का मौका देंगी। लेकिन अध्यक्ष और नायडू के आश्वासन के बावजूद सदस्यों का हंगामा जारी रहा और अध्यक्ष ने करीब सवा 11 बजे सदन की बैठक 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी।

सुबह सदन की बैठक शुरू होने पर कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मसरत की रिहाई का मुद्दा उठाया और कहा, ‘‘एक राष्ट्रविरोधी आतंकवादी को जेल से रिहा करना बेहद गंभीर मामला है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘प्रदेश की मुफ्ती मोहम्मद सरकार ने कहा है कि वह लोकतांत्रिक व्यवस्था बनाए रखने और शांति कायम करने के लिए मसरत को छोड़ रही है।’’

खड़गे ने कहा, ‘‘देश यह जानना चाहता है कि क्या मसरत की रिहाई पर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के बीच कोई अंदरूनी चर्चा हुई है?’’ उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि क्या प्रदेश सरकार ने मिलकर यह काम किया है जहां भाजपा के गठबंधन वाली सरकार है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मुफ्ती अकेले आतंकवादी को नहीं छोड़ सकते। उन्होंने इस मसले पर प्रधानमंत्री के बयान की मांग की जिसका कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राकांपा, जनता दल यू और राजद सदस्यों ने पुरजोर समर्थन किया।

अध्यक्ष ने इससे पूर्व कहा कि उन्हें इस मसले पर खड़गे, दीपेन्द्र हुड्डा और तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय के कार्य स्थगन प्रस्ताव के नोटिस मिले हैं और वह 12 बजे उन्हें अपनी बात रखने का मौका देंगी। उन्होंने सदस्यों से शांति बनाए रखने और प्रश्नकाल चलने देने की अपील की लेकिन हंगामा और नारेबाजी जारी रही जिसके बाद अध्यक्ष ने कार्यवाही सवा 11 बजे 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी।

साढ़े 11 बजे सदन की बैठक फिर से शुरू होने पर विपक्षी सदस्य प्रधानमंत्री के बयान की मांग करने लगे। नायडू ने एक बार फिर से सदस्यों को आश्वस्त किया कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह 12 बजे सदन में आकर बयान देंगे और प्रधानमंत्री भी सदन में मौजूद रहेंगे तथा जरूरत पड़ी तो वह हस्तक्षेप करेंगे। इसके बाद विपक्षी सदस्य शांत हुए और प्रश्नकाल की कार्यवाही सुचारू रूप से चली।

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