वंदे भारत एक्सप्रेस से एक लाइव हार्ट सूरत से अहमदाबाद पहुंचाया गया। देश में अंग प्रत्यारोपण के इतिहास में पहली बार शुक्रवार को एक ब्रेन डेड व्यक्ति के हृदय को ट्रेन से ले जाया गया। भारतीय रेल ने सूरत से अहमदाबाद के बीच मुंबई सेंट्रल-गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिये शुक्रवार को एक लाइव हार्ट सफलतापूर्वक पहुंचाया।

इस धड़कते हुए दिल को ‘यू. एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर’ में एक मरीज को ट्रांसप्लांट किया जाएगा। रेल मंत्रालय की ओर से जारी एक प्रेस रिलीज में कहा गया, ” हृदय को ट्रेन संख्या 20901 मुंबई सेंट्रल-गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिए सूरत से अहमदाबाद पहुंचाया गया। इससे समय पर हृदय की सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित हो सकी, जिससे अहमदाबाद स्थित यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर में प्रत्यारोपण संभव हो सकेगा।”

हार्ट 3.5 घंटे में सूरत से अहमदाबाद पहुंचाया गया

बयान में आगे कहा गया है कि दोनों शहरों के बीच यात्रा में 2 घंटे 35 मिनट का समय लगा। अधिकारियों ने बताया कि जब शुक्रवार सुबह 9:05 बजे ट्रेन सूरत स्टेशन पहुंची तो चिकित्सकों की टीम के साथ लाइव हार्ट को ट्रेन में रखा गया। यह ट्रेन सुबह 11:40 बजे अहमदाबाद पहुंच गई। अधिकारियों ने बताया, ”रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और गुजरात राज्य पुलिस द्वारा अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक से यू. एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर तक एक विशेष ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाया गया। इससे हृदय की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित हुई और बिना किसी देरी के ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू की जा सकी।”

इस अभियान में शामिल अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए अहमदाबाद के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) वेद प्रकाश ने कहा, ”यह भारतीय रेल के लिए बेहद गर्व और संतोष का क्षण है। वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से सूरत से अहमदाबाद तक लाइव हार्ट का सफल परिवहन पारंपरिक यात्री और माल परिवहन से परे समाज की सेवा करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

DRM बोले- जीवन रक्षक अभियानों में हर एक मिनट महत्वपूर्ण

डीआरएम वेद प्रकाश ने कहा, ”इस तरह के जीवन रक्षक अभियानों में हर एक मिनट महत्वपूर्ण होता है। भारतीय रेल, आरपीएफ, गुजरात राज्य पुलिस और मेडिकल टीम के बीच उत्कृष्ट समन्वय ने इस मिशन की सफलता सुनिश्चित की। मानव जीवन बचाने में योगदान देना न केवल हमारी जिम्मेदारी है बल्कि मानवता और सेवा के प्रति हमारा सर्वोच्च कर्तव्य भी है।” अधिकारियों ने कहा कि आरपीएफ, गुजरात राज्य पुलिस, चिकित्सकों, ऑर्गन ट्रांसप्लांट कोआर्डिनेटर और रेलवे अधिकारियों सहित वे सभी पक्ष प्रशंसा के पात्र हैं जिनके तालमेल से यह चुनौतीपूर्ण मिशन सफल हो सका।

ब्रेन डेड शख्स के परिवार ने किडनी, लिवर और हार्ट डोनेट करने की सहमति दी

ओडिशा के गंजाम जिले के रहने वाले दानकर्ता मिथुन लक्ष्मण स्वैन सूरत के किम में काम करते थे। अस्पताल ने बताया कि गुरुवार को सूरत के न्यू सिविल अस्पताल (एनसीएच) में उन्हें ब्रेन-डेड घोषित किए जाने के बाद उनके परिवार ने किडनी, लिवर और हार्ट डोनेट करने की सहमति दी। शख्स के लिवर और किडनी को सड़क मार्ग से अहमदाबाद लाया गया और गुर्दा रोग एवं अनुसंधान केंद्र (आईकेडीआरसी) में तीन रोगियों में प्रत्यारोपित किया गया।

वहीं, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “अंग प्रत्यारोपण में हर सेकंड मायने रखता है। वंदे भारत एक्सप्रेस की तेज स्पीड का फायदा उठाते हुए सूरत से अहमदाबाद तक कुछ ही घंटों में एक लाइव हार्ट पहुंचाकर यह जीवन रक्षक प्रयास संभव हो पाया। भारतीय रेलवे, आरपीएफ, गुजरात पुलिस और हमारी चिकित्सा टीमों के बीच असाधारण समन्वय के कारण अहमदाबाद के यूएन मेहता कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर में सफल हार्ट ट्रांसप्लांट किया गया जिससे एक व्यक्ति को नया दिल मिला।”

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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के सरकारी अस्पताल में दो ऑपरेशन थियेटर (ओटी) पिछले 10 दिनों से बंद है। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण पंख वाले चींटे अस्पताल में घुस गए थे। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें

(इनपुट- इंडियन एक्सप्रेस, भाषा)