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Live: Bharat Bandh Today, Trade Union Strike: हिमाचल प्रदेश में CITU के कर्मचारी सड़कों पर

Bharat Bandh Live: देशभर की 10 बड़ी ट्रेड यूनियन शुक्रवार (2 अगस्त) को हड़ताल पर हैं। इन सभी लोगों का आरोप है कि सरकार मजदूर विरोधी नीतियां बना रही है।
सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (CITU ) के कर्मचारी

देशभर की 10 बड़ी ट्रेड यूनियन शुक्रवार (2 अगस्त) को हड़ताल पर हैं। इन सभी लोगों का आरोप है कि सरकार मजदूर विरोधी नीतियां बना रही है। इस हड़ताल की वजह से लोगों के लिए जरूरी सविधाएं जैसे यातायात और बैंकिंग पर असर पड़ेगा। ज्यादातर यूनियन्स ने हड़ताल ना करने की सरकार द्वारा दी गई सलाह को मानने से मना कर दिया है। वहीं, राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से जुड़ा भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने हड़ताल ना करने का फैसला ले चुका है। मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार ने उनकी बातें मान ली हैं।

सुबह से ही बसों में तोड़फोड़ की खबरें आने लगी हैं। इसके साथ ही लोगों को अपनी मंजिल पर जाने के लिए साधन भी नहीं मिल रहे। बेंगलूरू में कई स्कूलों को हड़ताल के चलते बंद रखा गया है। बंगाल नगर निगम के मेयर अशोक भट्टाचार्य को प्रदर्शन करने के लिए गिरफ्तार भी किया गया है। इसके साथ ही बंगाल में CMP और TMC के कार्यकर्ताओं में झड़प भी हुई। दिल्ली के  RML हॉस्पिटल की नर्स भी हड़ताल पर हैं। हिमाचल प्रदेश में सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (CITU) के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे।

ट्रेड यूनियनें सभी मजदूरों के लिए कानूनी न्‍यूनतम मजदूरी को 18,000 रुपए से कम न रखने की मांग कर रही हैं। ‘सी’ कैटेगरी में आने वाले मजदूर के लिए न्‍यूनतम वेतन 18,000 रुपए, ‘बी’ कैटेगरी के लिए 22,230 रुपए तथा ‘सी’ कैटेगरी के मजदूरों के लिए 26,560 रुपए तय करने की मांग हो रही है। सरकार ने घोषणा की है कि केन्‍द्र की परिधि में आने वाले मजदूरों के लिए सी, बी व ए कैटेगरी के लिए न्‍यूनतम वेतन क्रमश: 9,100 रुपए, 11,362 रुपए और 13,598 रुपए होगा। इसके अलावा, ट्रेड यूनियंस की मांग है कि परमानेंट और कॉन्‍ट्रैक्‍ट, दोनों तरह के मजदूरों के लिए एक समान न्‍यूनतम मजदूरी तय की जाए। वे इसके लिए न्‍यूनतम मजदूरी एक्‍ट, 1948 में बदलाव की मांग करने की मांग भी उठा रही हैं।

 

लाइव अपडेट:

8:15– CPI-M ने ट्विटर के जरिए हड़ताल के शुरू होने की सूचना दी।

केन्‍द्र सरकार के नोटिफिकेशन जारी करने के बाद, न्‍यूनतम मजदूरी में किया गया बदलाव केन्‍द्र सरकार के कर्मचारियों पर लागू होगा। यह आदेश उन्‍हीं रोजगारों पर लागू होगा, जिनके बारे में न्‍यूनमत मजदूरी एक्‍ट, 1948 में प्रावधान किए गए हैं। वर्तमान में केन्‍द्र सरकार के अंतर्गत आने वाले रोजगारों में कृषि, पत्‍थरों की खदानें, निर्माण, गैर-कोयला खदान, लोडिंग एवं अनलोडिंग आदि शामिल हैं। राज्‍य सरकारों के रोजगारों की संख्‍या 1679 है। ट्रेड यूनियनों की हड़ताल से आम जनजीवन पर भारी असर पड़ने की आशंका है। आइए आपको बताते हैं कि इस हड़ताल के चलते कहां लगेगा ताला और कहा चलता रहेगा काम:

ये सेवाएं बंद रहेंगी:
1. बैंक, सरकारी कार्यालय और फैक्ट्रियां बंद रहेंगे।
2. कोल इंडिया, गेल, ओएनजीसी, एनटीपीसी, एचएएल और भेल जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम हड़ताल में शामिल होंगे।
3. बिजली, यातायात, खदान, रक्षा, टेलीकॉन और बीमा जैसे क्षेत्रों की सेवाएं प्रभावित होंगी।
4. सार्वजनिक यातायात सेवाओं पर भी असर पड़ेगा क्‍योंकि दिल्‍ली, हैदराबाद और बेंगुलुरु की कई ऑटो रिक्‍श यूनियनों ने शुक्रवार को सड़कों से दूर रहने का फैसला किया है।
यहां चलता रहेगा काम:
1. भारतीय रेलवे के कर्मचारी इस भारत बंद में हिस्‍सा नहीं ले रहे हैं, इसका मतलब ट्रेनें पूर्व योजना के अनुसार ही चलेंगी।
2. स्‍कूल और कॉलेजों ने अभी तक आधिकारिक रूप से छुट्टी घोषित नहीं की है।
3. दूध और पानी जैसे जरूरी सामग्रियों की सप्‍लाई प्रभावित नहीं होगी।
4. दवा की दुकानें खुली रहेंगी, उन्‍हें हड़ताल से बाहर रखा गया है।

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  1. K
    kumarkundankusum
    Sep 2, 2016 at 9:48 am
    केंद्रीय लोक निर्माण लेखा संहिता कानून में वर्णित विहित विपत्र प्रपत्र संख्या 21 मस्टर रोल बिल दैनिक मजदूरों के नाम से विधिवत ट्रेजरी से पारित हो। इसका उल्लंघन गंभीर अपराध है। मस्टर रोल के अलावे और कोई अन्य विपत्र प्रपत्र नहीं जो यह बता सके कि किन किन कोटि के दैनिक श्रमिकों को किन न्यूनतम मजदूरी दर पर क्या रोजगार दिया गया। और यही घोटाला किया जाता रहा है यह भ्रष्टाचार और रोजगार निधि का गबन है।
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