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बिहार में शराबबंदी पर बोले पूर्व सीएम जीतनराम मांझी-ताड़ी का समर्थन तो महात्‍मा गांधी ने भी किया था

पूर्व सीएम ने कहा कि अगर ताड़ी पर बैन लगाया जाता है तो पासी समुदाय के 90 फीसदी लोग बेरोजगार हो जाएंगे।

Author पटना | April 13, 2016 8:39 PM
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी

बिहार में शराबबंदी के बाद ताड़ी बेचने वालों का समर्थन करने वाले राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने बुधवार को कहा कि ताड़ी का समर्थन तो महात्मा गांधी ने भी किया था। पूर्व सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पूरी तरह से शराबबंदी के उत्साह में पारंपरिक काम को बंद करने का प्रयास नहीं करना चाहिए, जो कि बिहार के सीएम के लिए केवल एक राजनीतिक साधन है। हालांकि, प्रतिबंधित ताड़ी शराबबंदी के तहत नहीं आती है लेकिन पुराने निर्देशों के मुताबिक किसी भी सार्वजनिक स्थल के पास ताड़ी नहीं बेची जा सकती। गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने पिछले सप्ताह ताड़ी पर रोक लगाने के संकेत दिए थे, कुमार ने कहा था कि ताड़ी पर तभी रोक लगाई जा सकती है, जब राज्य में ताड़ी बेचने वाले 20 लाख लोगों को दूसरा रोजगार मुहैया करवा दिया जाए।

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मीडिया से बात करते हुए पूर्व सीएम मांझी ने कहा, ‘जब महात्मा गांधी बिहार में चंपारण सत्याग्रह के दौरान आए थे तो उन्होंने ताड़ी बेचने वालों के बारे में पूछताछ की और इसे नेचूरल ड्रिंक बताते हुए इसका समर्थन किया था। बिना कोई नए रोजगार मुहैया कराए नीतीश कुमार पारंपरिक रोजगार को छीनने की कोशिश कर रहे हैं।’ मांझी ने साथ ही कहा, ‘मैंने पाया है कि नीरा स्वास्थ्य बहुत ही फायदेमंद होता है। मैं बचपन में जब भी बीमार होता था, तो मुझे इलाज के तौर पर नीरा दिया जाता था। मैं उसे पीने के साथ स्वस्थ हो जाता था।’

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पूर्व सीएम ने कहा कि अगर ताड़ी पर रोक लगाई जाती है तो महादलित पासी समुदाय के साथ ही अन्य लोग भी प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि अगर ताड़ी पर बैन लगाया जाता है तो पासी समुदाय के 90 फीसदी लोग बेरोजगार हो जाएंगे।

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ताड़ी विक्रेताओं की ओर से आयोजित समारोह में पहुंचे मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार पासी समुदाय के दुश्मन हैं। ताड़ी विक्रेताओं की जिंदगी सुधारने की बजाए वे ताड़ी पर बैन लगाने जा रहे हैं। सीएम प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण की बात कर रहे हैं लेकिन पारंपरिक रोजगार पर बैन लगाने की कोशिश कर रहे हैं।

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