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अब राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी की ‘जेबकतरे’ से कराई तुलना, कहा- PM ठीक वैसे ही मुद्दों से ध्यान भटकाते हैं

गांधी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था उद्योगपतियों द्वारा नहीं बल्कि किसानों, मजदूरों और मझौले व्यापारियों द्वारा चल रही है। उन्होंने कहा, ‘‘जब गरीब को रुपया मिलता है तो वह खरीदारी शुरू करता है, जब मांग बढ़ती है तो उत्पादक को फायदा होता है।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित ‘न्याय’ योजना अर्थव्यवस्था को तेज गति देती।

Author नई दिल्ली | Updated: October 15, 2019 6:43 PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कुछ उद्योगपतियों का ‘‘भोंपू’’ करार देते हुए कहा कि उनकी रणनीति एक जेबकतरे जैसी है जो चोरी से पहले लोगों का ध्यान बांट देता है। महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यवतमाल जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री चांद और जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों के रद्द होने के बारे में बोलते हैं लेकिन किसानों और बेरोजगारी जैसे आम लोगों द्वारा सामना किये जा रहे मुद्दों के बारे में चुप रहते हैं।

उन्होंने दावा किया, ‘‘माल एवं सेवा कर (जीएसटी) और नोटबंदी ने छोटे और मझौले उद्यमियों, किसानों, मजदूरों और गरीब लोगों की कमर तोड़ दी। जब तक मोदी सरकार सत्ता में है, बेरोजगारी की समस्या देश में लगातार बनी रहेगी। छह महीनों में बेरोजगारी की समस्या बढ़ेगी।’’ कॉरपोरेट कर में रियायत के सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए गांधी ने कहा कि कुछ उद्योगपतियों को ऐसे फायदे दिये गए लेकिन समाज के गरीब वर्ग को नहीं।

उन्होंने दावा किया कि सरकार की बंदरगाह, एअर इंडिया, कोयला खदानों और सार्वजनिक उपक्रमों जैसी देश की संपदाओं के निजीकरण की योजना है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आरोप लगाया, ‘‘मोदी अडाणी और अंबानी के भोंपू हैं। एक जेबकतरे की तरह, जो चोरी से पहले लोगों का ध्यान बांटता है, उनका (मोदी) एकमात्र काम आपका ध्यान बांटना है जिससे वह आपका रुपया कुछ चुंिनदा उद्योगपतियों को दे सकें।’’ उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), भोजन का अधिकार, भूमि अधिग्रहण और जनजाति कानून में संशोधन किया गया लेकिन सरकार को जीएसटी में संशोधन स्वीकार्य नहीं।

गांधी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था उद्योगपतियों द्वारा नहीं बल्कि किसानों, मजदूरों और मझौले व्यापारियों द्वारा चल रही है। उन्होंने कहा, ‘‘जब गरीब को रुपया मिलता है तो वह खरीदारी शुरू करता है, जब मांग बढ़ती है तो उत्पादक को फायदा होता है।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित ‘न्याय’ योजना अर्थव्यवस्था को तेज गति देती। गांधी ने आरोप लगाया कि मनरेगा का वार्षिक बजट 35 हजार करोड़ रुपये है और मोदी सरकार ने एक दिन में 1.25 लाख करोड़ रुपये का कॉरपोरेट कर माफ कर दिया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हालिया फ्रांस दौरे के संदर्भ में उन्होंने कहा कि सिंह ने राफेल युद्धक विमान की पूजा की। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘लेकिन, विमान सौदे से 35 हजार करोड़ रुपये चुरा लिये गए। मीडिया इस बारे में नहीं लिखेगी क्योंकि उसे उद्योगपति द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है। आपका पैसा मीडिया को दिया जा रहा है जिससे वे मोदी का प्रचार कर सकें।’’ उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के पास कांग्रेस-राकांपा गठबंधन के लिये मतदान कर सभी समस्याओं को दूर करने का मौका है। उन्होंने कहा, ‘‘हम एक ऐसी सरकार लाएंगे जो गरीबों, किसानों, छोटे और मझौले व्यापारियों के लिये काम करेगी।’’

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