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सीसीपी के सौ साल : युवाओं की नाराजगी थामने की चुनौती

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) अपनी स्थापना के सौ वर्ष मना रही है। हाल के दिनों में सीसीपी ने युवाओं तक अपनी पहुंच बढ़ाने के प्रयास तेज कर दिए हैं।

सांकेतिक फोटो।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) अपनी स्थापना के सौ वर्ष मना रही है। हाल के दिनों में सीसीपी ने युवाओं तक अपनी पहुंच बढ़ाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। दरअसल, युवाओं को लेकर चीनी नेतृत्व चुनौती महसूस कर रहा है। चीन के युवाओं में ‘कुछ न करो, पड़े रहो’ (लेइंग फ्लैट) आंदोलन तेज पकड़ रहा है। युवाओं के लिए ‘कुछ न करो, पड़े रहो’ (लेइंग फ्लैट) का मतलब है-शादी न करना, संतान न पैदा करना और घर खरीदने से बचना। चीन में इसे टैंगपिंग कहा जा रहा है। कम तनख्वाह, महंगाई और भविष्य को लेकर निराश युवाओं के बीच सामाजिक ताने-बाने के प्रतिरोध का यह तरीका तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। युवाओं की इस बेरुखी से घबराई चीनी सरकार इसके प्रचार-प्रसार पर तरह-तरह की पाबंदियां लगा रही है। साथ ही, युवाओं को लुभाने के कई उपाय कर रही है, जिसकी कुछ रणनीति सीपीसी के स्थापना समारोह के दौरान बनाई गई।

चीन के सिचुआन प्रांत के लुओ हुआजोंग को साल पहले लगा कि उन्हें कोई काम नहीं करने में मजा आ रहा था। उन्होंने कारखाने की नौकरी को अलविदा कहा और 1300 किमी की दूरी तय कर तिब्बत चले आए। तय किया कि कुछ भी कर लेंगे और बचत से हर माह जो 4500 रुपए मिलेंगे, उनसे जिंदगी कट जाएगी। 31 साल के लुओ ने अपने ब्लॉग में लिखा-इसमें कुछ गलत नहीं है। उन्होंने लेटे हुए खुद की तस्वीर भी साझा की। उनकी यह पोस्ट चीनी युवाओं की आवाज बन गई।

चीन की पिछली पीढ़ी के लिए सफलता का मूल मंत्र जीवनभर कड़ी मेहनत, शादी और बच्चे पैदा करना माना जाता था, पर अब यह स्थिति बदल रही है। लंबी अवधि तक काम के बावजूद युवाओं को पैसे बेहद कम मिल रहे हैं। घरों के दाम बढ़ रहे हैं। ऐसे में हताश युवा ‘कुछ न करो, पड़े रहो’ (लेइंग फ्लैट) की राह पकड़ रहे हैं। आॅक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में एंथ्रोपोलॉजी के प्रो. जिआंग बियाओ इस टैंगपिंग को चीनी संस्कृति का बदलाव बिंदु मान रहे हैं। हालांकि, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को प्रतिकार का यह तरीका पसंद नहीं आ रहा। इस आंदोलन को वह स्थिरता के लिए खतरा मान रही है। इसलिए लोकप्रिय नेट फोरम डौबन पर नौ हजार से ज्यादा सदस्यों वाले टैंगपिंग ग्रुप की पोस्ट को हटाया गया है। वहीं दो लाख से ज्यादा सदस्यों वाली टैंगपिंग फोरम को पोस्ट करने से रोक दिया गया। इसके बाद चीनी सरकार ने बौद्धिक स्तर पर भी प्रयास तेज कर दिए हैं।

चीन में 18 जून को ‘राइटिंग द यूथफुल चैप्टर आॅन द मदरलैंड’ पहल शुरू की गई, जिसे चीन के शिक्षा मंत्रालय, चीन के सेंट्रल साइबरस्पेस एडमिनिस्ट्रेशन, कम्युनिस्ट यूथ लीग की केंद्रीय समिति और बेजिंग यूनिवर्सिटी ने संयुक्त रूप से प्रायोजित किया था। उद्देश्य है कि यह पहल न्यू मीडिया उत्पादों को लॉन्च करेगी, वैचारिक और राजनीतिक शिक्षा के लिए एक आॅनलाइन प्रचार तंत्र तैयार करेगी और साइबर स्पेस में युवा आदर्शों पर केंद्रित सेमिनार आयोजित करेगी। वहां के सरकारी मीडिया ने ‘लाल पर्यटन’ (रेड टूरिज्म) को बढ़ाने की बात की है, जिसके तहत चीन अपने क्रांतिकारी अतीत को गढ़ने में अहम किरदार निभाने वाले स्थानों में पर्यटन को बढ़ावा देता है।

युवाओं से जटिल रिश्ता

आम लोगों को लेकर प्रतिबद्धता दिखने की कोशिश के साथ सीपीसी युवाओं व पार्टी के बीच विशेष जुड़ाव के मुद्दे पर ध्यान दे रही है। युवा ऐतिहासिक तौर पर चीनी समाज का प्रभावशाली तबका रहा है, जिसके साथ पार्टी का जटिल रिश्ता रहा है। लेकिन युवा विचलित हो रहे हैं। पार्टी की युवा शाखा कम्युनिस्ट यूथ लीग गुटबाजी से त्रस्त है। राष्ट्रपति बनने के बाद शी जिनपिंग ने कम्युनिस्ट यूथ लीग के रैंक तक पहुंचे नेताओं के पर कतर दिए थे। सीसीपी यूथ लीग के प्रमुख किन यिझी का 2017 में रैंक घटा दिया गया था। चीन के युवाओं में वहां की कठोर कार्य संस्कृति समेत अन्य कई मुद्दों पर असंतोष है। टैंगपिंग से जुड़े युवाओं ने सोशल मीडिया पर ठेके की नौकरी के बाजार और घटते रोजगार के अवसरों पर अपनी निराशा व्यक्त की।

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