ताज़ा खबर
 

‘जिंदगी लंबी नहीं, बड़ी होनी चाहिए’

‘जिंदगी लंबी नहीं, बड़ी होनी चाहिए’। भारतीय फौज में 22 साल के जांबाज अफसर कैप्टन कपिल कुंडू ने अपनी फेसबुक पर इन्हीं शब्दों में अपना परिचय दिया था।

Author चंडीगढ़ | February 6, 2018 12:56 AM
जांबाज अफसर कैप्टन कपिल कुंडू

‘जिंदगी लंबी नहीं, बड़ी होनी चाहिए’। भारतीय फौज में 22 साल के जांबाज अफसर कैप्टन कपिल कुंडू ने अपनी फेसबुक पर इन्हीं शब्दों में अपना परिचय दिया था। और अपने 23वें जन्मदिन से सिर्फ छह दिन पहले चार फरवरी को सीमा की रखवाली में सर्वोच्च बलिदान देकर वे इन पंक्तियों को सही साबित कर गए। कैप्टन कपिल कुंडू 10 फरवरी को अपना 23वां जन्मदिन मनाने के लिए घर आने वाले थे। गुड़गांव जिले में पटौदी के निकट रंसिका गांव में कैप्टन के घर वाले उनके छुट्टियों पर आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उन्हें अपने बच्चे के शहीद होने की खबर मिली। अपने बच्चे के मरने की खबर सुनकर मां सुनीता बेजार हो गर्इं। वे दुख के सागर में डूबी हुई हैं। पूरे गांव में सन्नाटा सा पसर गया है। रविवार को राजौरी में पाक गोलाबारी में कुंडू के अलावा सेना के तीन अन्य जवान भी शहीद हुए हैं।

कुंडू की मां ने कहा- कपिल 10 फरवरी को अपने जन्मदिन पर घर आने वाला था। वह हमेशा मुझे सरप्राइज देता, अपने आने की खबर पहले सिर्फ बहनों को देता था। वह बहनों के साथ सब कुछ साझा करता था। सुनीता ने बताया कि कैप्टन कुंडू पिछली बार नवंबर, 2017 में ही घर आए थे। सेना की 15 जैकलाइ यूनिट के कैप्टन कपिल कुंडू इन दिनों जम्मू- कश्मीर के राजौरी जिले में तैनात थे। कैप्टन कपिल अपनी विधवा मां सुनीता के इकलौते बेटे थे।

उनसे बड़ी दो बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। उनकी पढ़ाई पटौदी जिले के डिवाइन डेल इंटरनेशनल स्कूल से हुई थी। साल 2012 में कपिल का एनडीए में चयन हुआ था। एनडीए में ट्रेनिंग के दौरान भी उनके जोशीले और देशप्रेम के व्यवहार से हर कोई परिचित था। कैप्टन कुंडू राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा के पास भीमबेर गली सेक्टर में पाकिस्तानी गोलाबारी में शहीद हो गए। गोलाबारी में उनके तीन साथी जवान भी शहीद हुए। पर जाते जाते वे अपने जीवन के फलसफे को चरितार्थ कर गए कि ‘जिंदगी लंबी नहीं, बड़ी होनी चाहिए’।

कैप्टन के परिवार का कहना है कि वह अच्छी जिंदगी में यकीन रखने वाले व्यक्ति थे, लंबी जिंदगी में नहीं। उनकी मां का कहना है- उसे रोमांच भरी जिंदगी पसंद थी। उसे प्रकृति से प्यार था। वह महान देशभक्त था। वह देश के लिए अपनी भावनाएं दर्शाने के लिए कविताएं लिखता था। वह हमेशा कहता था कि मेरा देश सबसे ऊपर है। अपने भाई के बारे में बात करते-करते कैप्टन कुंडू की बहन बार-बार रोर्इं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App