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LIC का Jeevan Lakshya प्लान, सुरक्षा के साथ ही परिवार को सालाना आय सुविधा का है विकल्प

प्रीमियम पेमेंट के लिए इस पॉलिसी में सालाना, अर्द्धवार्षिक, तिमाही और मासिक भुगतान की सुविधा मिलती है। इस पॉलिसी में प्रीमियम पेमेंट पर ग्रेस पीरियड भी मिलता है।

(फोटो- इंडियन एक्सप्रेस)

LIC की जीवन लक्ष्य पॉलिसी काफी लोकप्रिय है। परिवार का भविष्य सुरक्षित करने के साथ ही यह पॉलिसी निवेश के लिहाज से भी बेहतरीन मानी जाती है। एलआईसी ने इसमें कुछ बदलाव कर इसे एक फरवरी, 2020 से फिर से लॉन्च किया है। जिसका नंबर 933 है।

प्रीमियम भुगतान में मिलती है 3 साल की छूटः यह पॉलिसी शेयर मार्केट के रिस्क से नहीं जुड़ी है। यह लिमिटेड प्रीमियम पेमेंट प्लान है, जिसके तहत बीमाधारक को चुने गए टर्म प्लान से 3 वर्ष कम समय तक प्रीमियम का भुगतान करना होता है। यह एक ‘विद प्रॉफिट प्लान’ है, जिसमें एलआईसी अपने वेस्टेड सिंपल रिवर्शनरी बोनस और फाइनल एडिश्नल बोनस को बीमाधारक के साथ शेयर करती है।

इस पॉलिसी की खास बात ये है कि बीमाधारक के साथ कुछ अनहोनी होने पर इसके सारे प्रीमियम माफ हो जाते हैं। इसके साथ ही पॉलिसी के सम एश्योर्ड का 10% हर साल रेगुलर एनुअल इनकम के तौर पर बीमाधारक को मिलता रहता है। पॉलिसी की मैच्योरिटी के समय पर भी मैच्योरिटी की रकम मिलती है।

टैक्स बेनेफिट की सुविधाः LIC की जीवन लक्ष्य पॉलिसी के साथ टैक्स बेनेफिट भी मिलते हैं। दरअसल इस पॉलिसी में दिए जाने वाला प्रीमियम पर आयकर एक्ट की धारा 80सी के तहत टैक्स छूट मिलती है। इसके साथ ही मैच्योरिटी या डेथ बेनेफिट में मिलने वाली रकम पर भी आयकर एक्ट की धारा 10 (10डी) के तहत टैक्स से छूट मिलती है।

प्रीमियम पेमेंट के लिए इस पॉलिसी में सालाना, अर्द्धवार्षिक, तिमाही और मासिक भुगतान की सुविधा मिलती है। इस पॉलिसी में प्रीमियम पेमेंट पर ग्रेस पीरियड भी मिलता है। सालाना, अर्द्धवार्षिक और तिमाही प्रीमियम भुगतान पर 30 दिन और मासिक भुगतान पर 15 दिन का ग्रेस पीरियड मिलता है।

यह पॉलिसी लेने के 2 साल बाद इस पॉलिसी को सरेंडर भी किया जा सकता है। इस पॉलिसी के अन्तर्गत 2 साल प्रीमियम भुगतान करने पर लोन की सुविधा भी मिलती है। पॉलिसी पर इन-फोर्स पॉलिसी के तहत 90% तक लोन मिल सकता है। पेड अप पॉलिसी पर 80 फीसदी लोन मिलता है।

रिवाईवल प्लान का मिलेगा फायदाः यदि आपने कुछ वर्ष तक प्रीमियम भुगतान किया और फिर भुगतान बंद होने से पॉलिसी बंद हो गई तो बीमाधारक पांच साल के अंदर बकाया प्रीमियम का भुगतान कर इस पॉलिसी को फिर से चालू कर सकता है। पॉलिसी 2 साल चलाने या उससे अधिक समय तक चलाने के बाद यदि प्रीमियम का भुगतान बंद हो गया हो तो भी पॉलिसी का कवरेज जारी रहता है और घटे हुए सम-एश्योर्ड के साथ इसका लाभ मिलेगा।

क्या है पॉलिसी लेने की योग्यताः इस पॉलिसी को लेने के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम उम्र सीमा 50 वर्ष रखी गई है। मैच्योरिटी पीरियड 65 वर्ष है, मतलब 50 वर्ष में यदि कोई व्यक्ति यह पॉलिसी लेता है तो उसे अधिकतम 15 साल का ही मैच्योरिटी पीरियड मिलेगा।

यह पॉलिसी में 13 वर्ष से लेकर 25 वर्ष तक के टर्म के लिए उपलब्ध है। पॉलिसी का प्रीमियम पेमेंट टर्म में 3 साल की छूट मिलती है, इसका मतलब है कि यदि कोई 13 वर्ष के टर्म प्लान पर पॉलिसी लेता है तो उसे 10 साल तक ही प्रीमियम का भुगतान करना होगा।

इस पॉलिसी का न्यूनतम सम एश्योर्ड एक लाख रुपए है, वहीं अधिकतम की सीमा नहीं रखी गई है। इस पॉलिसी में 4 राइडर मिलते हैं, पहला है एक्सीडेंटल डेथ और डिसैब्लिटी बेनेफिट राइडर, दूसरा एक्सीडेंट बेनेफिट राइडर, तीसरा न्यू टर्म एश्योरेंस राइडर और चौथा न्यू क्रिटिकल इलनैस बेनेफिट राइडर की सुविधा मिलती है।

इस पॉलिसी में मैच्योरिटी और डेथ बेनेफिट के सेटलमेंट के कई विकल्प मिलते हैं। जिनके तहत बीमाधारक सिंगल पेमेंट में भी सभी सुविधाएं ले सकते हैं। मैच्योरिटी पर पेमेंट बीमाधारक को और डेथ बेनेफिट की सूरत में नॉमिनी को भुगतान किया जाता है।

दूसरा विकल्प किस्त का भी है, जिसमें सालाना, अर्द्धवार्षिक, तिमाही और मासिक तौर पर भी ले सकते हैं। इस विकल्प में बीमाधारक द्वारा बदलाव किए जा सकते हैं।

उदाहरण से आसानी से समझेंः उदाहरण से समझें तो माना कोई 30 साल का व्यक्ति इस पॉलिसी को लेते हैं और सम एश्योर्ड 5 लाख और पॉलिसी पीरियड 25 साल का चुनाव करते हैं तो इस स्थिति में बीमाधारक को 22 साल तक प्रीमियम देना होगा।

इस स्थिति में सालाना प्रीमियम 20,787 रुपए और मासिक प्रीमिय 1770 रुपए का भुगतान करना होगा। प्रतिदिन देखें तो यह रकम सिर्फ 59 रुपए बैठती है। इस तरह बीमाधारक कुल 4,57,772 रुपए का प्रीमियम भुगतान करेगा।

पॉलिसी मैच्योरिटी पर बीमाधारक को सम एश्योर्ड, वेस्टेड सिंपल रिविजनरी बोनस और फाइनल एडिश्नल बोनस के रूप में कुल 13 लाख 37 हजार रुपए के करीब मिलेंगे।

यदि बीमाधारक पॉलिसी लेने के बाद किसी दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं तो फिर एलआईसी बचे हुए प्रीमियम का भुगतान करेगी और नॉमिनी को डेथ बेनेफिट के रूप में पूरी रकम का भुगतान होगा। इसके अलावा हर साल सम एश्योर्ड का 10 प्रतिशत का भी भुगतान किया जाएगा।

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