ताज़ा खबर
 

केंद्र सरकार से सब एकजुट होकर मुफ्त वैक्सीन की मांग करो, पिनराई विजयन ने 11 गैर-भाजपा मुख्यमंत्रियों को लिखा पत्र

केरल के सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी लिखा है चिट्ठी। कहा है कि आज जब देश कोविड की दूसरी लहर से जूझ रहा है, केंद्र सरकार अपने दायित्व से भागती दिख रही है। यह बड़े ही दुर्भाग्य की बात है।

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने गैर-भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर केंद्र से मुफ्त वैक्सीन मांगने को कहा है। (एक्सप्रेस फोटो/ ताशी तोब्ग्यल)

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने 11 गैर-भाजपा शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों एकजुट होकर केंद्र से वैक्सीनों की मांग करने का आह्वान किया है। मांग यह कि वैक्सीन केंद्र खरीदे और उन्हें राज्यों को मुफ्त में बांट दे।

मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में विजयन ने बताया है कि उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री को पहले ही पत्र लिख दिया है। पत्र में प्रधानमंत्री को समझाया गया है कि अगर केंद्र पहलकदमी करते हुए राज्यों की जरूरत का आकलन करके खुद ग्लोबल टेंडर निकाले तो बहुत फायदा रहेगा। जब केंद्र खरीदेगी तो खरीद मूल्य कम पड़ेगा।

विजयन कहते हैं कि अगर वैक्सीन खरीदने का दायित्व पूरे (या आंशिक तौर पर भी) राज्यों के कंधे पर डाल दिया गया तो उनकी वित्तीय दशा बहुत बुरी अवस्था को प्राप्त होगी। राज्यों का रुपए-पैसे से मजबूत होना देश के संघीय ढांचे के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होता है। राज्य, अगर वित्तीय तौर पर कमजोर पड़ते हैं तो खुद संघवाद कमज़ोर पड़ेगा और यह बात हमारे देश के लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं। इस सबसे समाज में कोविड के प्रति शीघ्र हर्ड इम्यूनिटी विकसित करने के प्रयास भी बाधित होंगे।

विजयन ने कहा है कि इस वक्त वैक्सीन सप्लाइ की किल्लत है। वैक्सीन बनाने वाले इस स्थिति का भरपूर फायदा उठाते हुए लंबी कमाई के चक्कर में हैं। विदेशी फार्मा कंपनियां वैक्सीन की बिक्री के लिए राज्य सरकारों के साथ कोई करार करने की इच्छुक ही नहीं। लेकिन भारत के पास तो दवा बनाने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की भी कंपनियां हैं जो वैक्सीन निर्माण की जिम्मदारी उठा सकती हैं।

केरल के मुख्यमंत्री ने कहा है कि केंद्र सरकार को यह भी सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि वैक्सीन मैन्यूफैक्चरिंग के रास्ते में इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स, पेटेंट कानून और दूसरे कनवेन्शन्स बाधक न बने क्योंकि कोविड की वैक्सीन लोक कल्याण का मामला है। केंद्र सरकार को कम्पल्सरी लाइसेंसिंग जैसे विकल्पों को लेकर अभी से मंथन कर लेना चाहिए।

पत्र के अंत में विजयन केंद्र सरकार के लिए बड़ी तीखी बात कह डाली है। वे लिखते है कि आज राष्ट्र जब कोविड-19 की दूसरी लहर के उफान को झेल रहा है, केंद्र खुद को राज्यों को वैक्सीनों की समुचित सप्लाइ करने की वचनबद्ध ड्यूटी से भागता प्रतीत हो रहा है। यह बड़े ही दुर्भाग्य की बात है।

Next Stories
1 PF नियमों में बदलावः कोविड का हवाला दे अब निकाली जा सकेगी रकम, जानें ब्योरा
2 वकील का दावा-सरकार मेहुल चौकसी को भारत नहीं ला पाएगी
3 सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर सवाल उठाने वाले 60 रिटायर नौकरशाहों को केंद्रीय मंत्री ने बताया पढ़े लिखे मूर्ख
यह पढ़ा क्या?
X