‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने मंगलवार को अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं को पत्र लिखकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहे अपने विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। यह प्रदर्शन नीट यूजी पेपर लीक के खिलाफ विरोध कर रहे युवाओं के समर्थन में किया जा रहा है।
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। वह इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। इसलिए इस विरोध-प्रदर्शन ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अपनी अपील में सीजेपी ने पूर्व भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित नेताओं से कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही और न्याय की मांग कर रहे छात्रों का समर्थन करने का आग्रह किया है।
मुख्य मांगों में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
प्रदर्शनकारी समूह की मुख्य मांगों में से एक नीट मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर कहा कि उन्होंने और संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 9 और 10 जुलाई को राजनीतिक नेताओं को पत्र लिखकर उन्हें कथित नीट पेपर लीक के खिलाफ समूह के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था।
पत्र भारतीय जनता पार्टी प्रमुख नितिन नवीन, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, टीडीपी सांसद लावु श्री कृष्ण देवरायलु, जदयू के राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा और वाईएसआरसीपी सांसद पीवी मिधुन रेड्डी को भेजे गए थे।
विपक्षी नेताओं में, सीजेपी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, डीएमके नेता कनिमोझी और तिरुचि शिवा, समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव और राज्यसभा सदस्य राम गोपाल यादव, शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी, राजद नेता तेजस्वी यादव और सांसद मीसा भारती से संपर्क किया।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय को भी पत्र भेजा
इस संगठन ने टीवीके अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय, आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्र शेखर आजाद और एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को भी पत्र भेजे।
दास ने कहा, “इन पत्रों से पहले और उसके बाद के दिनों में भी, लिस्ट में शामिल कई राजनीतिक नेताओं और उनकी पार्टी के सदस्यों ने हमारे युवा आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। कई लोगों ने जंतर-मंतर का दौरा किया है, जबकि अन्य ने हमारे प्रतिनिधिमंडल को चर्चा के लिए आमंत्रित किया है। भारत के युवाओं के साथ खड़े रहने के लिए हम उनमें से प्रत्येक का तहे दिल से आभार व्यक्त करते हैं।”
उन्होंने कहा, “हम नेताओं से एक बार फिर विनम्र अपील करते हैं कि वे अपनी राजनीति को दरकिनार रखते हुए युवाओं की आवाज में अपना हाथ बटाएं। यह आंदोलन एक पूरी पीढ़ी के बारे में है जो परीक्षा प्रश्नपत्र लीक, भर्ती में विफलताओं और इस भ्रष्ट, टूटी हुई शिक्षा प्रणाली के हाथों अपनी जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों के लिए न्याय और मुआवजे की मांग कर रही है।”
दास ने आगे कहा, “इतिहास इस बात को याद रखेगा कि न्याय की मांग करने वाले युवाओं के साथ कौन खड़ा था। हम केवल यही अपील करते हैं कि हम सभी इतिहास के सही पक्ष में खड़े हों।”
सभी राजनीतिक दलों से संपर्क किया- अभिजीत दीपके
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अलग पोस्ट में कहा कि संगठन ने अपनी मांगों को राजनीतिक क्षेत्र के सभी नेताओं के सामने रखा है। दीपके ने कहा, “कॉकरोच जनता पार्टी ने शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की अपनी मांग के संबंध में सभी राजनीतिक दलों से संपर्क किया है।”
20 जून को शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन को विपक्षी नेताओं, शिक्षाविदों, कार्यकर्ताओं और सार्वजनिक हस्तियों का समर्थन मिला है। विरोध स्थल का दौरा करने वालों में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी के साथ-साथ आम आदमी पार्टी के नेता, समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष, सीपीएम सांसद अमरा राम, वरिष्ठ सीपीएम नेता सुभाषिनी अली, केरल के पूर्व मंत्री केके शैलजा, थॉमस इसाक, केएन बालागोपाल और पी राजीव और त्रिपुरा में विपक्ष के नेता जितेंद्र चौधरी और शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत शामिल हैं।
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जंतर-मंतर पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को 16 दिन पूरे हो चुके हैं। यह भूख हड़ताल कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन का हिस्सा है। सोनम वांगचुक और CJP के प्रदर्शनकारी NEET-UG के सवाल लीक होने के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
