तामिलनाडु में जारी सियासी उठा-पटक के बीच डीएमके चीफ एमके स्टालिन का बड़ा बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि सी जोसेफ विजय की सरकार बनाने दें। डीएमके अगले छह महीने तक बिना किसी हस्तक्षेप के नई सरकार को देखेगी। उसके बाद कोई फैसला लेगी। स्टालिन ने संकेत दिया कि फिलहाल डीएमके राज्य में ना तो संवैधानिक संकट चाहती है और न ही जल्द दोबारा चुनाव।
उन्होंने कहा कि नई सरकार को उनकी सरकार की शुरू की गई योजनाओं को जारी रखना चाहिए और TVK के चुनावी वादों को भी पूरा करना चाहिए। हालांकि, विजय के महिलाओं को 2,500 रुपये देने के वादे पर उन्होंने कहा कि यह वादा निभाना उनके लिए मुश्किल होगा। उन्होंने कहा, “कम से कम वो 1,000 रुपये तो दें, जैसा हमने दिया।”
लगाई जा रही थीं यह अटकलें
गौरतलब है कि तमिलनाडु में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया जटिल होती दिख रही थी। किसी भी पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत नहीं होने के कारण यह साफ नहीं हो पा रहा है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा और कौन-सी पार्टी सरकार बनाएगी। बुधवार तक तो यही लग रहा था कि अभिनेता और टीवीके अध्यक्ष जोसेफ विजय राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे। AIADMK और कांग्रेस के समर्थन के बाद यह और भी पुष्ट लगने लगा था। हालांकि, विपक्षी पार्टियों की ‘नई गठबंधन’ के आईडिया ने इस परिकल्पना को झटका दिया था।
सूत्रों के मुताबिक द्रविड़ राजनीति के कट्टर प्रतिद्वंद्वी द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम एक साझा “बैकअप प्लान” पर विचार कर रहे थे। अगर विजय की तमिलगा वेट्री कझगम बहुमत साबित करने में विफल रहती, तब इस स्थिति में राज्य में नए गठबंधन के बनने की संभावना थी।
सूत्रों के अनुसार कि चर्चा किए जा रहे विकल्पों में से एक यह था कि AIADMK सरकार बनाए और उसे DMK बाहर से समर्थन दे। जबकि छोटे दल भी इस गठबंधन का हिस्सा बनें। सूत्रों ने कहा, “अभी कुछ औपचारिक नहीं हुआ है, लेकिन नेताओं के बीच बातचीत और लगातार बैठकों से साफ है कि यह संभावना अब केवल सैद्धांतिक नहीं रह गई।”
दरअसल, राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार बनाने का न्योता तभी मिलेगा जब टीवीके बहुमत समर्थन के दस्तावेजी सबूत पेश करेगी। इस कारण अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। कांग्रेस ने DMK से पुराना गठबंधन तोड़कर अपने पांच विधायकों का समर्थन टीवीके को देने का फैसला किया है। टीवीके ने विधानसभा चुनाव में अकेले 108 सीटें जीतीं। लेकिन विजय को अपनी दो जीती हुई सीटों में से एक छोड़नी होगी, जिससे पार्टी का संख्याबल 107 ही रह जाएगा। 233 सदस्यीय सदन में बहुमत का आंकड़ा 117 है। DMK के पास 59 और AIADMK के पास 47 सीटें हैं। दोनों को मिलाकर संख्या 106 होती है।
बुधवार देर रात तक टीवीके नेताओं को भरोसा था कि विजय पहले शपथ ले सकते हैं। वहीं बाद में विधानसभा में बहुमत साबित कर देंगे। लेकिन राज्यपाल के रुख ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए। हालांकि, अब स्टालिन के बयान ने कयासों पर विराम लगा दिया है। लेकिन राजनीति संभावनाओं का खेल है, इसमें कब क्या बदलाव आए यह कहना मुश्किल है।
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तमिलनाडु में इस वक्त सियासी हलचल तेज है। टीवीके चीफ विजय जहां सरकार बनाने के लिए तैयार हैं तो वहीं एआईएडीएमके ने अपने नवनिर्वाचित विधायकों को पड़ोसी राज्य पुडुचेरी शिफ्ट कर दिया है। इस बात की जानकारी पार्टी ने बुधवार को दी। इससे पहले टीवीके ने अपने नवर्विचित विधायकों को चेन्नई के एक बाहरी होटल में शिफ्ट किया था। पूरी खबर पढ़ें…
