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‘भारत के वीर’ फंड में आज 10 करोड़ भी जमा नहीं, सिर्फ 5 लाख रुपये मिले विदेश से

'भारत के वीर' फंड का इस्तेमाल सेंट्रल पैरा मिलिट्री फोर्स के शहीद जवानों के परिजनों की सहायता के लिए किया जाता है। इस फंड की शुरूआत अप्रैल 2017 में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने की थी।

Author Updated: October 2, 2018 2:34 PM
भारत के वीर फंड में 10 करोड़ भी जमा नहीं हैं। (Photo: Reuters)

पिछले सप्ताह भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी लॉन्च पैड पर सर्जिकल स्ट्राइक के दो वर्ष पूरे होने पर पराक्रम दिवस मनाया। ठीक दो साल पहले 28-29 सितंबर 2016 की रात भारतीय सेना के जवानों ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया था। उनके ठिकानों को नष्ट कर दिया था। देश को भारतीय सेना के जवानों के इस पराक्रम पर गर्व हुआ। लेकिन हम भारतवासी डेढ़ साल में शहीदों के नाम पर दस करोड़ भी जमा नहीं रख सके। वहीं, विदेश से सिर्फ पांच लाख मिले हैं। यह खुलासा एक आरटीआई से हुआ है। ‘भारत के वीर’ फंड, जिसका उद्देशय ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले जवानों के परिवारों की सहायता करना है, में 17 महीनों बाद मात्र 9.21 करोड़ रुपये जमा हैं। इस फंड की शुरूआत अप्रैल 2017 में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने की थी। वहीं, केरल बाढ़ के दो महीने बाद ही मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में दान की राशि 1620.23 करोड़ पहुंच चुकी है।

इंडियन एक्सप्रेस द्वारा आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में गृह मंत्रालय ने सोमवार (1 अक्टूबर) को बताया कि अभी तक ‘भारत के वीर’ फंड में निजी व्यक्तियों, निजी संस्थानों और एनजीओ द्वारा 16.75 करोड़ जमा करवाए गए हैं। सरकारी विभाग ने पिछले 17 माह में मात्र 25 हजार जमा करवाए हैं, जबकि शुरूआत में 5.20 लाख जमा करवाए गए थे। इस पूरे मामले पर गृह मंत्रालय का कहना है, “2017-18 के दौरान विदेश से भारत के वीर फंड में लिए एक भी रुपया जमा नहीं किया गया। वहीं, 2018-19 में अबतक 5 लाख 20 हजार रुपये जमा करवाए गए हैं। 17 महीनों के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा 1 करोड़ रुपये भारत के वीर फंड में जमा करवाए गए हैं।” कुल मिलाकर देखा जाए तो भारत के वीर फंड में पिछले 17 महीनों (जानकारी देने की तिथि तक) में कुल 92123564.17 रुपये (नौ करोड़ 21 लाख 23 हजार पांच सौ 64 रुपये) जमा हैं।

‘भारत के वीर’ वेबसाइट के अनुसार, इस फंड का इस्तेमाल असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल(सीआईएसएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), भारत-तिब्बती सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसएस) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) जैसे सेंट्रल पैरा मिलिट्री फोर्स के शहीद जवानों के परिजनों की सहायता के लिए किया जाता है।

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