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लेह में PM नरेंद्र मोदी की इन तस्वीरों पर उठ रहे सवालों में नहीं लगता दम, जानें कारण

मुख्य विपक्षी दल (केंद्र में) के श्रीवास्तव और सलमान निजामी ने भी इस मुद्दे पर मिलते-जुलते ट्वीट्स किए और एनडीए सरकार पर निशाना साधा। टि्वटर पर और लोगों ने इनके ट्वीट्स रीट्वीट किए, जबकि बहुत सारे लोगों ने प्रश्न उठाते हुए ट्वीट किए।

India, China, Galwan, BJP, Narendra Modi, PMगलवान घाटी की खूनी झड़प में घायल हुए जवानों का हाल-चाल लेते हुए शुक्रवार को लेह के सेना अस्पताल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फोटोः पीटीआई)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लेह आर्मी अस्पताल दौरे की तस्वीरों पर कांग्रेस ने सवालिया निशान लगाए हैं। पार्टी नेताओं ने इसे सोशल मीडिया पर मुद्दा बनाया और फोटो शेयर करते हुए दावा किया कि ड्रामेबाजी और फोटो सेशन के लिए कॉन्फ्रेंस हॉल को हॉस्पिटल वॉर्ड में तब्दील किया गया।

कांग्रेस में नेशनल मीडिया पैनलिस्ट अभिषेक दत्त ने पीएम के कुछ फोटो ट्वीट करते हुए कहा कि यह हॉस्पिटल कहां से लग रहा है? न कोई ड्रिप, डॉक्टर की जगह फोटोग्राफर, बेड के साथ कोई दवाई नहीं, पानी की बोतल नहीं? पर भगवान का शुक्रिया कि हमारे सारे वीर सैनिक एकदम स्वस्थ हैं। भारत माता की जय।

मुख्य विपक्षी दल (केंद्र में) के श्रीवास्तव और सलमान निजामी ने भी इस मुद्दे पर मिलते-जुलते ट्वीट्स किए और एनडीए सरकार पर निशाना साधा। टि्वटर पर और लोगों ने इनके ट्वीट्स रीट्वीट किए, जबकि बहुत सारे लोगों ने प्रश्न उठाते हुए ट्वीट किए।

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बहरहाल, लेह में पीएम मोदी की इन तस्वीरों पर लाख सवाल उठें, पर इनमें दम नहीं लगता है। altnews की रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा इसलिए क्योंकि इससे पहले पूर्वी लद्दाख के दो दिवसीय दौरे पर सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे भी इसी वॉर्ड में फौजियों से मिलने 23 जून को पहुंचे थे। उनके दौरे का वीडियो भी उपलब्ध हैः

यह वही वॉर्ड है, जहां हाल में मोदी होकर आए हैं। इसकी पुष्टि वहां लगे पर्दों, फोटो फ्रेम, दीवार पर लगे हुक, दरवाजों, पाइपिंग, पावर बोर्ड और प्रोजेक्टर/स्टेज एरिया आदि से होती है। ये सारी चीजें पीएम के दौरे के दौरान भी वॉर्ड में नजर आई थीं।

इसी बीच, शनिवार को भारतीय सेना की ओर से स्पष्टीकरण में कहा गया, “यह फैसिलिटी 100 बेड्स वाली Crisis Expansion कैपिसिटी का हिस्सा है और यह जनरल हॉस्पिटल कॉम्पलेक्स का हिस्सा है। कोरोना के प्रोटोकॉल की वजह से जनरल हॉस्पिटल के कुछ वॉर्ड्स को आइसोलेशन केंद्रों में तब्दील कर दिया गया है। ऐसे में जो ट्रेनिंग ऑडियो वीडियो हॉल था, उसे वॉर्ड में बदल दिया गया। गलवान से लाए जाने के बाद इन घायल वीर जवानों को यहीं लाया गया था, ताकि इन्हें कोविड वाले क्षेत्रों से दूर रखा जाए। सेनाध्यक्ष जनरल नरवने और आर्मी कमांडर भी घायल जवानों से मिलने इसी लोकेशन पर पहुंचे थे।”

सोशल मीडिया पर एक यूजर ने यह तक कहा कि वॉर्ड असली है, पर ये मरीज नहीं। ये सब बैठे हुए थे। बेड मोदी के पास थे, ताकि वह फ्रेम में अच्छे से आ सकें। ऑक्सीजन टैंक जैसे मेडिकल सामान भी वहां नहीं थे। इस दावे पर मेजर नवदीप सिंह (@SinghNavdeep) ने जवाब दिया- ये जवान वहां गंभीर चोटों का इलाज करने के लिए नहीं लाए गए थे, बल्कि वे स्टैंडर्ड प्रोसेस के तहत वहां ठीक होने और डिब्रीफिंग के लिए लाए गए थे। उन्हें अन्य मरीजों के अलग रखा जाना था, इसलिए हॉस्पिटल के सेमिनार रूम या अन्य बड़े हिस्से को तैयार किया गया था।

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