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वसुंधरा सरकार की किरकिरी करा रहे विधायक गुंजल

राजस्थान में भाजपा विधायक प्रहलाद गुंजल की दबंगई से वसुंधरा राजे सरकार की खासी किरकिरी हो रही है। गुंजल ने कोटा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जमकर धमकाने के साथ ही उनके बच्चों में भी खौफ पैदा करने की धमकी दी है। इस मामले में प्रदेश भाजपा ने पूरी रिपोर्ट मंगाई है और दोषी पाए […]

प्रदेश में भाजपा के विधायकों के साथ ही जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की मंत्रियों और नौकरशाही को लेकर खूब शिकायतें मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे तक पहुंचने लगी हैं।

राजस्थान में भाजपा विधायक प्रहलाद गुंजल की दबंगई से वसुंधरा राजे सरकार की खासी किरकिरी हो रही है। गुंजल ने कोटा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जमकर धमकाने के साथ ही उनके बच्चों में भी खौफ पैदा करने की धमकी दी है। इस मामले में प्रदेश भाजपा ने पूरी रिपोर्ट मंगाई है और दोषी पाए जाने पर विधायक गुंजल के खिलाफ कार्रवाई का संकेत दिया है। पूर्व के भाजपा शासन के दौरान भी गुंजल ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की तीखी आलोचना की थी तब उन्हें पार्टी से निकाला गया था।

कोटा शहर के विधायक प्रहलाद गुंजल ने एक बार फिर सरकार और भाजपा के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। इस बार उन्होंने कोटा के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी को बुरी तरह धमका दिया। इसे गुंजल का सत्ता का नशा माना जा रहा है। सरकारी अधिकारी को धमकाने का आडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रदेश भाजपा नेतृत्व भी सकते में आ गया है। प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी इस मामले को पार्टी स्तर पर देख रहे हैं।

प्रदेश के कई नेताओं ने गुंजल की हरकत को सरकार की छवि बिगाड़ने वाला करार दिया है। इस मामले की जानकारी भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व तक भी पहुंचाई गई है। प्रदेश में एक साल से शासन कर रही भाजपा सरकार पहले ही जनहित की योजनाओं को सही ढंग से लागू नहीं करने के आरोपों को झेल रही है। इसके अलावा पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व में भी उसकी छवि बिगड़ रही है और अब विधायक गुंजल की हरकत ने उसे फिर परेशानी में डाल दिया है। इस मामले में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी विधायक की हरकत से नाराज है और कार्रवाई करने के लिए पार्टी को संकेत दिया है।

विधायक गुंजल ने चिकित्सा अधिकारी को एक कर्मचारी को नहीं हटाने को कहा था। इस कर्मचारी पर गबन का मामला था और उसे ब्लाक चिकित्सा अधिकारी ने उस स्थान से हटा दिया था। गुंजल चाहते थे कि उनका पसंदीदा अधिकारी उसी स्थान पर रहे। इसे लेकर ही गुंजल ने जिले के मुख्य अधिकारी डाक्टर आरएन यादव से सिफारिश की थी। इस पर अमल नहीं होने पर ही गुंजल आपा खो बैठे और यादव को बुरा अंजाम भुगतने की धमकी दे डाली। इससे घबराकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी यादव ने जिले के पुलिस कप्तान से अपनी और परिवार की सुरक्षा की गुहार की है। विधायक ने अधिकारी डाक्टर यादव के साथ टेलीफोन पर गाली-गलौच के साथ ही कई ऐसी बुरी बातें कहीं जिनसे भाजपा नेताओं को शर्मसार होना पड़ रहा है। उन्होंने डाक्टर यादव की ‘चमड़ी उधेड़ने’ और ‘काला मुंह’ करने तक की धमकी के साथ ही ऐसा खौफ पैदा करने की बात कही जिनसे उनके बच्चों को भी नींद नहीं आएगी।

विधायक गुंजल की सरकारी अधिकारी को धमकी देने का मामला सामने आने के बाद सरकारी अमले के साथ ही भाजपा संगठन सकते में आ गया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अशोक परनामी ने गुरुवार को यहां कहा कि इस पूरे मामले की विस्तार से जानकारी जुटाई जा रही है। इस मामले में विधायक की अनुशासनहीनता सामने आई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ का कहना है कि उन्हें इस मामले में अभी तक दोनों पक्षों से किसी तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है।

विधायक गुंजल की पिछले शासनकाल में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से भी अनबन हो गई थी। इसके कारण उन्हें भाजपा से निकाल दिया गया था और गुंजल ने 2008 का विधानसभा चुनाव भी पार्टी के खिलाफ लड़ा था। उन्हें पिछले विधानसभा चुनाव से पहले ही भाजपा में शामिल कर कोटा उत्तर से टिकट देकर विधायक बनाया गया था। कोटा की भाजपा राजनीति में गुंजल का अलग ही खेमा है और सांसद ओम बिरला व विधायक भवानी सिंह राजावत के विरोध में खड़े रहते हैं। शहरी निकाय चुनाव में भी गुंजल ने बगावती तेवर अपनाकर अपने समर्थक को बागी के तौर पर उपमहापौर का चुनाव लड़वाया था। इस मामले को प्रदेश नेतृत्व ने अनदेखा कर दिया था।

 

 

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