टीएमसी के बागी गुट ने एक अनजान सी पार्टी NCPI में विलय का ऐलान किया है। इस पार्टी में विलय को लेकर बागी गुट के सांंसद अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि केंद्र सरकार से तालमेल न होने की वजह से पश्चिम बंगाल के पचास साल बर्बाद हो गए। अब ये एक नई शुरुआत है।

अरूप चक्रवर्ती ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि जब केंद्र में इंंदिरा गांधी थीं तब पश्चिम बंगाल की वाम सरकार उनका विरोध करती थी, फिर ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार का विरोध किया। उन्होंने कहा कि अब दोनों सरकारें मिलकर काम करेंगी और विकास के लिए काम करेगी।

अरुप चक्रवर्ती ने कहा कि अब एक नई शुरुआत हुई है। दोनों सरकारें मिलकर काम कर कर रही हैं। हम सियासी हत्या के चक्र को खत्म करना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि बंगाल विकास के रास्ते पर आगे बढ़े।

ममता बनर्जी पर परिवार का प्रेशर

इस दौरान अरुप चक्रवर्ती ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी पर परिवार का प्रेशर था। ममता बनर्जी के परिवार ने उन्हें खुशी से काम नहीं करने दिया। उनके परिवार में कई कांंड हो चुके हैं। इसी प्रेशर में ममता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदारी सौंप दी और फिर टीएमसी बर्बाद हो गई।

टीएमसी नेताओं द्वारा गद्दार करार दिए जाने पर भी दी प्रतिक्रिया

अरुप चक्रवर्ती ने दावा किया कि टीएमसी के सभी लोग उनके गुट के साथ आ जाएंगे। उन्होंने कहा, “वो और कहां जाएंगे? उन सभी को सियासत में रहना है। सुधार किया जाएगा। हम अपनी पार्टी में सुधार करना चाहते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि इस विवाद के लिए वो लोग जिम्मेदार हैं, जो पार्टी चला रहे थे। अरुप च्रकवर्ती ने कहा, “गद्दार कौन है? वह जो पार्टी कार्यकर्ता को हिरासत में ले, वह जो चुनाव हारने के बाद कार्यकर्ता का ध्यान न रखे…”

अरुप चक्रवर्ती ने कहा, “मैं दीदी के साथ हूं, सब लोग दीदी के साथ हैं। हम दीदी को देखकर ही पार्टी में आए थे। लेकिन दीदी बूढ़ी हो गई हैं। दीदी को काम नहीं करने दिया जा रहा है…”

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TMC सांसद कीर्ति आज़ाद और सागरिका घोष लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के आवास पर पहुँचे, यहां दोनों नेताओं ने अभिषेक बनर्जी का एक पत्र ओम बिरला को सौंपा। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें