ताज़ा खबर
 

वकील ने सगाई का हवाला देकर सरेंडर के लिए मांगा वक्त, CJI बोले- हमें नहीं बुलाया

वकील ने सरेंडर की तिथि को आगे बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि यदि वह जेल चला गया तो कोई उससे शादी करेगी।

सुप्रीम कोर्ट। (Photo: ANI)

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को कई मामलों को लेकर सुनवाई हुई। इसी दौरान एक वकील ने सगाई का हवाला देकर सरेंडर के लिए वक्त मांगा। इस पर सीजेआई कहा, ‘आपने हमें नहीं बुलाया।’ सुनवाई के दौरान वकील ने कहा, “कृप्या मेरे सरेंडर का वक्त बढ़ा दिया जाए। 22 अप्रैल को मेरी सगाई है। यदि मैं जेल चला गया तो कोई मुझसे शादी नहीं करेगी।” इस पर सीजेआई ने कहा, “तुम्हें सगाई से पहले सरेंडर कर देना चाहिए। दूसरे पक्ष को इसे हैरानी से लेने की जरूरत नहीं है। और तुमने हमें नहीं बुलाया।”

एक अन्य मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा नेता पबुभा मानेक की उस अपील पर 22 अप्रैल को सुनवाई करने के लिए सोमवार को राजी हो गया है, जिसमें उन्होंने द्वारका विधानसभा सीट से उनका चुनाव रद्द करने के गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी है। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि वह अगले सोमवार को अपील पर सुनवाई करेगी। बता दें कि गुजरात उच्च न्यायालय ने दोषपूर्ण नामांकन पत्र दायर करने के लिए मानेक के निर्वाचन को 12 अप्रैल को रद्द कर दिया था और इस सीट से उपचुनाव का आदेश दिया था। द्वारका विधानसभा क्षेत्र से 2017 में मानेक की जीत को उनके प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेस उम्मीदवार मीरामनभाई गोरिया ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी पूरी बायोपिक देखने और देशभर में उसकी रिलीज पर रोक लगाने पर 19 अप्रैल तक फैसला लेने के निर्देश दिए। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने चुनाव आयोग को सीलबंद लिफाफे में अदालत को अपना फैसला सौंपने के निर्देश दिए और कहा कि वह इस मामले पर 22 अप्रैल को विचार करेगा।

बायोपिक की रिलीज पर निर्वाचन आयोग की रोक को चुनौती देने वाले फिल्म प्रोड्यूसरों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने केवल प्रोमो देखकर इस पर प्रतिबंध लगा दिया और पूरी फिल्म नहीं देखी। उन्होंने सुझाव दिया कि वे निर्वाचन आयोग या उसकी समिति के लिए विशेष स्क्रीनिंग आयोजित कराना चाहते हैं ताकि वे शुक्रवार तक फैसला ले सकें। निर्वाचन आयोग ने मौजूदा चुनाव के दौरान बायोपिक की रिलीज पर बीते बुधवार को रोक लगाते हुए कहा था कि किसी भी राजनीतिक संस्था या व्यक्ति के उद्देश्य को दिखाने वाली ऐसी कोई भी फिल्म इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रर्दिशत नहीं की जानी चाहिए। (भाषा इनपुट के साथ)

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App