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400 आंतकी जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की कोशिश में, एलओसी के पार बना रखा है लॉन्च पैड

शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि कई प्रमुख रास्तों को बंद कर दिए जाने के साथ ही भारत के घुसपैठ रोधी ग्रिड की सफलता से परेशान पाकिस्तान सेना ने 2020 में 5,100 बार संघर्ष विराम समझौते के उल्लंघन किए।

Author Edited By Sanjay Dubey श्रीनगर | Updated: January 6, 2021 8:04 PM
terror attemptएलओसी पर आतंकियों के खिलाफ चौकस भारतीय सेना के जवान (फोटो-सुएब मसूदी- इंडियन एक्सप्रेस)

नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार करीब 400 आतंकवादी ‘लांच पैड’ पर हैं और वे सर्दियों के दौरान जम्मू कश्मीर में घुसपैठ करने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हालांकि घुसपैठ रोधी ग्रिड आतंकवादियों को भारतीय क्षेत्र में धकेलने के पाकिस्तान के प्रयासों को विफल करता रहा है। सुरक्षा अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर सर्दियों में भी आतंकवादियों को भारत में धकेलने की कोशिश कर रहा है, जबकि भारी बर्फबारी के कारण सीमा से सटे पर्वतीय इलाके और दर्रे बर्फ से ढंके हुए हैं। उन्होंने कहा कि 2020 में 44 आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ किए जाने की खबरें आईं जबकि 2019 में यह संख्या 141 और 2018 में 143 थी।

कई प्रमुख रास्तों को बंद कर दिए जाने के साथ ही भारत के घुसपैठ रोधी ग्रिड की सफलता से परेशान पाकिस्तान सेना ने 2020 में 5,100 बार संघर्ष विराम समझौते के उल्लंघन किए। वर्ष 2003 में संघर्ष विराम लागू होने के बाद से यह सर्वाधिक संख्या है। अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तानी सेना ने जम्मू एवं कश्मीर में अधिक आतंकवादियों को धकेलने के प्रयास में गोलीबारी की ताकि आतंकवादियों को घुसपैठ में मदद मिल सके।

एक अधिकारी ने कहा, “पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में एलओसी के पास विभिन्न लांच पैड पर 300 से 415 आतंकवादी हैं जो जम्मू कश्मीर में घुसपैठ करने के लिए तैयार हैं ताकि हिंसा के जरिए शांति और सामान्य स्थिति को भंग किया जा सके।” उन्होंने कहा, “पीर पंजाल (कश्मीर घाटी) के उत्तर की ओर एलओसी के पास 175-210 आतंकवादी लांच पैड पर हैं, वहीं पीर पंजाल (जम्मू क्षेत्र) के दक्षिण में एलओसी के पास 119-216 आतंकवादी हैं।”

उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी एजेंसियां जम्मू कश्मीर में हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों के साथ सशस्त्र आतंकवादियों को धकेलने के लिए सुरंगों का इस्तेमाल कर रही हैं। एक अधिकारी ने कहा, “वे आतंकवाद का वित्तपोषण करने के लिए मादक पदार्थों के साथ-साथ जम्मू कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों में हथियारों और विस्फोटक सामग्री गिराने के लिए ड्रोन का भी उपयोग कर रहे हैं।” इस साल वे भारी बर्फबारी वाले महीनों के दौरान भी आतंकवादियों को धकेलने की कोशिश कर रहे हैं।

एक अधिकारी ने कहा, “पिछले साल दिसंबर में आतंकवादियों ने भारी हिमपात के बावजूद पुंछ में घुसपैठ की थी लेकिन उनका सफाया कर दिया गया था।” सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू कश्मीर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर 20 से अधिक प्रवेश मार्गों की पहचान की और वहां सशस्त्र आतंकवादियों की घुसपैठ रोकने के लिए बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की।

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