जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों को आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन के दौरान बड़ी सफलता मिली है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बुधवार को बताया कि शोपियां जिले के सैदापोरा इलाके में चल रहे एक जॉइंट एंटी-टेरर ऑपरेशन के दौरान लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का एक प्रमुख कमांडर मारा गया। सुरक्षा बल पिछले कुछ दिनों से यहां तलाशी अभियान चला रहे थे। इस ऑपरेशन में एसओजी सेना की राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) और सीआरपीएफ शामिल है।
अधिकारियों ने बताया कि मारे गए आतंकवादी की पहचान कुलगाम जिले के रहने वाले जाकिर अहमद गनी के तौर पर हुई है। सूत्रों के मुताबिक, गनी 27 सितंबर, 2023 से लापता था और बाद में आतंकवादी संगठन में शामिल हो गया था। सैदापोरा गांव में आतंकवादियों की मौजूदगी की पक्की खुफिया जानकारी के आधार पर शनिवार को शुरू हुआ यह ऑपरेशन बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “तुम भाग सकते हैं, लेकिन छिप नहीं सकते! एसओजी शोपियां ने रेलवे और सीआरपीएफ के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान में लश्कर के एक आतंकवादी को मार गिराया।”
पुलिस सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान कुछ गोलियों की आवाज सुनाई दी, जिसका जवाब सुरक्षा बलों ने दिया। गोलीबारी के बाद, शोपियां के चानापोरा इलाके में मुठभेड़ स्थल के पास से एक शव बरामद किया गया।
आतंकियों के खिलाफ यह अभियान पूरे जम्मू-कश्मीर में चलाए जा रहे हैं। जिसका मकसद है राज्य को आतंकवाद से मुक्त करना। इससे पहले राजौरी जिले में सुरक्षा बलों ने ‘ऑपरेशन शेरुवाली’ के तहत मांजाकोट सेक्टर के गंभीर मुगलन क्षेत्र के डोरिमल के वनक्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया था। इस अभियान का उद्देश्य घने जंगलों में छिपे आतंकवादियों का पता लगाना था। सुरक्षा बलों ने आधुनिक उपकरणों और समन्वित जमीनी अभियानों की मदद से तलाशी और निगरानी अभियान जारी रखे हैं।
मई के अंत में शुरू किया गया ‘ऑपरेशन शेरुवाली’, डोरिमल-गंभीर मुगलन सेक्टर के घने जंगलों में चलाया गया एक व्यापक आतंकवाद-विरोधी अभियान है। इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्र के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में छिपे हुए सशस्त्र घुसपैठियों का पता लगाना और उन्हें पूरी तरह से तबाह करना है।
पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप और हत्या के मामले में आरोपी प्रभाष मंडल को मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात करीब 12:45 बजे एक एनकाउंटर में पुलिस ने मार गिराया। पुलिस के बयान के मुताबिक, जांच के तहत घटना को दोबारा समझने के लिए पुलिस की एक टीम कल रात मंडल को घटनास्थल पर ले गई थी। पढ़ें पूरी खबर।
