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राम मंदिर निर्माण के कारण आसमान पर जमीन के दाम

अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू होते ही आस-पास की जमीनों की कीमत कई गुना बढ़ गई है आलम ये है कि सस्ती जमीन खोजने पर भी नहीं मिल रही है।

राम मंदिर निर्माण के कारण आसमान पर जमीन के दाम
सांकेतिक फोटो।

अयोध्या की चारों तरफ पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर 2012 में जिस जमीन की कीमत सवा तीन लाख बिस्वा थी अब उसी जमीन की कीमत करीब 40 से 50 लाख रुपए बिस्वा में हो चली है। वहीं, परिक्रमा मार्ग से सटे गांव शाहनवाजपुर माझा बरेहटा में जमीन की कीमतें भी आसमान छू रही है।

दरअसल राजस्व विभाग से जुड़े कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक ने यहां पर कुछ जमीन अपने परिवार और रिश्तेदारों के नाम खरीद रखी है, इनमें से कई अफसरों का यहां से स्थानांतरण भी चुका हैं। माझा बरेहटा और शाहनवाजपुर में आवास विकास बड़े पैमाने पर जमीन खरीद करना चाहता है, जिसके लिए वह सरकारी दर पर सवा 600,000 रुपए बिस्वा भुगतान कर रहा है।

दोनों गांवों के किसान जमीन आवास विकास को देकर दूर किसी गांव जाकर कृषि योग्य जमीन खरीदकर खेतीबाड़ी करने का प्रयास में हैं, जिनमें ज्यादातर सफल भी हो गए हैं। अयोध्या विकास प्राधिकरण का क्षेत्र गोंडा जनपद के नवाबगंज नगर पालिका सीमा तक है, ऐसी स्थिति में सरयू नदी के उत्तरी तट पर भी जमीनों के भाव बढ़ गए हैं। सरकार द्वारा प्रस्तावित रिंग रोड से भी से गोंडा और बस्ती जनपद की सीमा में आने वाले क्षेत्रों में जमीन की एकाएक कीमत बढ़ गई है।

ऋषिकेश के स्वर्ग आश्रम की तर्ज पर बसाने की संभावना को लेकर गोंडा जनपद में बड़े-बड़े आश्रम बड़े होटल बनाने वालों की भीड़ बढ़ गई है और वह लोग जमीन तलाश रहे हैं। इसी प्रकार से बस्ती जनपद में मखौड़ा धाम तक जमीन की कीमत दोनों तरफ बढ़ गई है। अभी ढाई हजार वर्ग फुट के दर से बिक्री हो रही है और मखौड़ा धाम वाले रोड पर 7 किलोमीटर तक सड़क के दोनों तरफ जमीन बिक गई है अथवा निर्माण कार्य चल रहा है।

इसी प्रकार से आंबेडकर नगर को जाने वाली सड़क के किनारे वाली जमीनों के दाम भी काफी बढ़ चुके हैं। पूरा बाजार तक अयोध्या विकास प्राधिकरण की सीमा होने से इस क्षेत्र में भी दामों में भारी वृद्धि हुई है। सराय राशि के पास अयोध्या के नया घाट से दशरथ समाधि तक बंधा के बगल फोरलेन का निर्माण शुरू हो जाने से माझा क्षेत्र में भी जो जमीन 100,000 रुपए में मिलती थी जो अब 200,0000 रुपए में बिक रही है।

वहीं, अयोध्या के चारों तरफ रिंग रोड के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहित हो जाने से अगल बगल की जमीनों के दाम बढ़ गए हैं ऐसी स्थिति में पूरे अयोध्या धाम के चारों तरफ जमीन की कीमत 15 से 20 गुना ऊपर बढ़ चुकी है। अयोध्या के पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के अंदर जमीन खोजने पर नहीं मिल रही है जो जमीन है वह भी विवादित है और वह भू माफियाओं से संबंधित है।

अयोध्या से संबंधित अयोध्या कोतवाली और राम जन्म भूमि थाना क्षेत्र में लगभग एक दर्जन भूमाफिया से जमीन के बाबत मुकदमे दर्ज हैं। कई मुकदमों में सुलह समझौता भी हो चुका है। मंदिर निर्माण शुरू होते ही राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जमीन खरीद-फरोख्त का सिलसिला भी शुरू किया था परंतु विवादों में आ जाने के कारण खत्म हो गया। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जो जमीन रानो पाली से विद्या कुंड के सड़क के दोनों तरफ खरीदी थी आज वह जमीन रेलवे स्टेशन का दूसरा गेट बन जाने से अरबों रुपए में पहुंच गया है।

फोरलेन के मुहावरा बाईपास राम जन्मभूमि परिसर तक जाने वाले मार्ग के दोनों तरफ जमीन की कीमत आसमान छू रही है और कोई जमीन किसी भी कीमत पर बेचने वाला नहीं अयोध्या धाम में होटल धर्मशाला आश्रम बनाने वालों की संख्या भी बढ़ गई है। वह सरयू नदी के उत्तरी तट पर जमीनों को तलाश रहे हैं। ज्यादातर जमीन बिक भी चुकी है, जिनकी कीमत करोड़ों में है सरयू तक के उत्तरी भाग में बस्ती गोरखपुर रोड पर कई होटल बनकर चल रहे हैं और कई की जमीन प्रस्तावित है।

ग्राम सराय राशि के वासुदेव सिंह का कहना है कि माझा में जो जमीन कोई लेने वाला नहीं होता था, अब उन जमीनों के भी दाम बढ़ चुके हैं। उनका कहना है कि अयोध्या धाम में मंदिर निर्माण की वजह से इस क्षेत्र में भी 15 से 20 गुना दाम ज्यादा बढ़ गए हैं। इसी प्रकार से 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर नया घाट से बूथ नंबर 4 तक तथा अयोध्या से दर्शन नगर होते हुए अचारी के सगरा तक दोनों तरफ जमीनों की कीमत आसमान छू रही है।

अचारी के सगरा के पास बड़ी-बड़ी कालोनियों का खाका खींचा जा रहा है और मनमानी कीमत पर जमीन की बिक्री धड़ाधड़ हो रही है। गगन अचारी का कहना है कि मंदिर निर्माण शुरू होते ही जमीनों के दाम में बेतहाशा वृद्धि हुई है जो जमीन पहले सस्ते दामों पर मिलती थी अब वह उससे करीब 15 से 20 गुना ज्यादा दामों पर मिल रही है।

अयोध्या में सरकार द्वारा नव्य अयोध्या के लिए 14 सौ एकड़ जमीन अधिग्रहीत की कार्यवाही चल रही है, जिसमें विभिन्न प्रदेश सरकारों के गेस्ट हाउस होटल धर्मशाला आदि का भी निर्माण किया जाएगा। अयोध्या के पश्चिम और सरयू नदी के दक्षिण के विशाल भूभाग को डूब क्षेत्र घोषित कर दिया गया है, जिस पर बिक्री पर रोक लगी है डूब क्षेत्र में भी लोगों ने काफी जमीनें खरीद रखी हैं।

कई जगहों पर मकान और विद्यालय तक बन चुके हैं इसी क्षेत्र में सीता झील के निर्माण का भी प्रस्ताव विचाराधीन चल रहा है। अयोध्या नगर निगम क्षेत्र में जमीन का भाव इन दिनों ढाई हजार से 3000 रुपए प्रति विश्वा हो चुकी है। सहादत गंज से नया घाट 13 किलोमीटर की सड़क का चौड़ीकरण का कार्य प्रारंभ हो जाने से इन लोगों के मकान और दुकानें प्रभावित हो रही हैं, वह भी जमीन की तलाश बड़ी तेजी के साथ कर रहे हैं।

अयोध्या में शृंगार हाट से राम जन्मभूमि परिसर तक तथा बिरला मंदिर से राम जन्मभूमि परिसर तक फोरलेन सड़क निर्माण से भी तमाम लोग घर विहीन हो रहे हैं जिससे उन्हें भी जमीन की आवश्यकता है। वह ऊंचे दामों पर जमीन खरीदने के लिए विवश हैं कुल मिलाकर अयोध्या धाम में जमीन खरीदना एक मुश्किल काम बन गया है।

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First published on: 06-12-2022 at 10:36:56 pm
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