बिहार सरकार ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को मिली ‘जेड प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा वापस लेने का फैसला किया है। इसके साथ ही, राजद नेता और पूर्व विधायक तेजप्रताप यादव की ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा भी हटा दी गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, राज्यसभा सांसद मीसा भारती और राजश्री यादव की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बिहार के गृह विभाग ने गुरुवार को यह आदेश जारी किया।

सरकार के अनुसार, यह फैसला 4 जून को आयोजित राज्य सुरक्षा समिति की बैठक में की गई सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। आदेश में बिहार पुलिस मुख्यालय समेत संबंधित अधिकारियों को नई सुरक्षा व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

गृह विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को दी गई ‘जेड प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा समाप्त कर दी गई है। हालांकि, दोनों पूर्व मुख्यमंत्री हैं और उन्हें इस लिहाज से बिहार सरकार के एक अलग कानूनी प्रावधान के तहत सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

आदेश के मुताबिक, राबड़ी देवी को बिहार सरकार के विशेष सुरक्षा दल अधिनियम, 2010 के तहत बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीएसएपी) की 2-8 हाउस गार्ड टीम, तीन महिला एवं तीन पुरुष अंगरक्षक, बुलेटप्रूफ वाहन तथा एस्कॉर्ट वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। इसी अधिनियम के तहत लालू प्रसाद को 2-8 हाउस गार्ड टीम दी जाएगी। उनकी सुरक्षा के लिए दो अंगरक्षक तैनात रहेंगे। साथ ही उन्हें एस्कॉर्ट, पायलट और बुलेटप्रूफ वाहन की सुविधा भी मिलेगी।

राज्य सरकार ने लालू प्रसाद के बेटे और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव को पहले से प्राप्त ‘वाई प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा बरकरार रखी है। उन्हें 1-4 हाउस गार्ड, छह अंगरक्षक तथा पांच पुलिसकर्मियों वाला एस्कॉर्ट वाहन उपलब्ध रहेगा। गृह विभाग ने लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव को प्रदान की गई ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली है। पूर्व विधायक होने के नाते उन्हें अब एक अंगरक्षक उपलब्ध कराया जाएगा।

विभाग के नए आदेश में लालू परिवार की बड़ी पुत्री एवं सांसद मीसा भारती तथा तेजस्वी यादव की पत्नी राजश्री यादव की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था यथावत रखी गई है। सांसद होने के कारण मीसा भारती को तीन अंगरक्षकों का सुरक्षा घेरा मिलता रहेगा जबकि राजश्री यादव को एक महिला अंगरक्षक की सुरक्षा पूर्ववत उपलब्ध रहेगी।

समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ